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Pilibhit News: 'दिल्ली कूच' के लिए निकले किसान नेताओं को बरेली में रोका, पुलिस पर नजरबंद करने का आरोप

Tue, 21 Jul 2026 02:07 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Published by: Mukesh Kumar Updated Tue, 21 Jul 2026 02:07 PM IST
सार

भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी गुट) के जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह कहलो और कई कार्यकर्ताओं को दिल्ली जाने से रोक दिया गया। वे 21 जुलाई को दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। कहलो ने पुलिस पर बरेली रेलवे स्टेशन पर हिरासत में लेने और घर पर नजरबंद रखने का आरोप लगाया है।  

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Police stopped farmer leaders marching towards Delhi in Bareilly
किसान नेता रंजीत सिंह कहलो - फोटो : संवाद

विस्तार

पीलीभीत में भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी गुट) के जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह कहलो ने आरोप लगाया कि दिल्ली के किसान घाट पर आयोजित 'जय जवान-जय किसान, देश बचाओ मोर्चा' के कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बरेली रेलवे स्टेशन पर रोककर वापस भेज दिया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।

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जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह कहलो ने जारी बयान में कहा कि 21 जुलाई को दिल्ली के किसान घाट पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पीलीभीत से संगठन की टीम 20 जुलाई की शाम रवाना हुई थी। उनका आरोप है कि सुबह से ही पुलिस सादा वर्दी में उनके और अन्य पदाधिकारियों के घरों के आसपास मौजूद रही। इससे बचते हुए कार्यकर्ता निजी वाहन से पीलीभीत पहुंचे और वहां से वाहन बदलकर बिजौरिया रेलवे स्टेशन के रास्ते बरेली पहुंचे।
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उन्होंने बताया कि बरेली सिटी स्टेशन से पैदल चलकर सभी लोग बरेली जंक्शन पहुंचे, जहां रात करीब नौ बजे दिल्ली जाने वाली सरयू एक्सप्रेस पकड़नी थी। आरोप है कि ट्रेन आने से ठीक पहले माधोटांडा थाना पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर उन्हें और अन्य कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया तथा पुलिस वाहन से वापस ले जाने लगी।

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घर पर नजरबंद रखने का आरोप 
रंजीत सिंह का कहना है कि उन्होंने माधोटांडा थाने जाने से इनकार किया, जिसके बाद पुलिस उन्हें वापस उनके घर ले आई और देर रात तक घर पर ही नजरबंद रखा। उन्होंने बताया कि उनके साथ जितेंद्र सिंह, त्रिलोचन सिंह, अमरीक सिंह सहित कई अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद थे।

भाकियू (चढ़ूनी) के जिलाध्यक्ष ने कहा कि यदि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और लोकतांत्रिक कार्यक्रम में शामिल होने जाना भी अपराध माना जाएगा तो यह लोकतंत्र के लिए चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि संगठन किसानों के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेगा।

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