पीलीभीत टाइगर रिजर्व: पर्यटन स्थल सप्त सरोवर को मिलेगा नया कलेवर, पर्यटकों के लिए बढ़ेंगी सुविधाएं
पीलीभीत टाइगर रिजर्व के प्रमुख इको टूरिज्म स्पॉट सप्त सरोवर को और आकर्षक बनाने की तैयारी है। आगामी पर्यटन सत्र में यहां पर्यटकों को ठहरने, वाहन खड़े करने और रात्रि विश्राम की बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इसके लिए परिसर में आधुनिक कांफ्रेंस हॉल, डारमेट्री और व्यवस्थित पार्किंग स्थल का निर्माण कराया जाएगा।
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पीलीभीत टाइगर रिजर्व के प्रमुख इको टूरिज्म स्पॉट सप्त सरोवर को और आकर्षक बनाने की तैयारी है। आगामी पर्यटन सत्र में यहां पर्यटकों को ठहरने से लेकर वाहन खड़े करने तक की बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इसके लिए परिसर में आधुनिक कांफ्रेंस हॉल, डारमेट्री और व्यवस्थित पार्किंग स्थल का निर्माण कराया जाएगा।
तीनों कार्यों का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है। निर्माण की जिम्मेदारी इको विकास समिति के माध्यम से पूरी कराई जाएगी, जबकि जरूरत पड़ने पर वन विभाग भी सहयोग करेगा। पीलीभीत टाइगर रिजर्व में पर्यटन सत्र के दौरान चूका बीच पर पर्यटकों का दबाव बढ़ जाता है। इसे कम करने और सैलानियों को एक नया विकल्प उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बराही रेंज के सात झाल क्षेत्र को सप्त सरोवर के रूप में विकसित किया गया था।
वर्ष 2024 में पर्यटन विभाग ने 167.90 लाख रुपये खर्च कर यहां पर्यटकों के ठहरने के लिए दो वुडेन हट, दो टेंट और दो ग्रीन हट बनवाए थे। बच्चों और युवाओं के मनोरंजन के लिए एडवेंचर गेम जैसी सुविधाएं भी विकसित की गईं। प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर इस स्थल ने पर्यटकों को आकर्षित किया और अब यहां सुविधाओं के विस्तार की योजना बनाई गई है।
सप्त सरोवर परिसर में वन विभाग की महत्वपूर्ण बैठकों और बाघ मित्रों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन होता रहा है। ऐसे आयोजनों के दौरान कांफ्रेंस हॉल की कमी महसूस की जाती रही है। इसे देखते हुए अब यहां आधुनिक कांफ्रेंस हॉल बनाया जाएगा। इससे विभागीय बैठकों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन में सहूलियत होगी। साथ ही, इसके संचालन से जुड़ी सेल्हा इको विकास समिति को भी आय बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
पार्किंग की समस्या से मिलेगी निजात, ठहरने का भी इंतजाम
सप्त सरोवर पहुंचने वाले पर्यटकों के सामने वाहनों को सुरक्षित खड़ा करने की समस्या बनी रहती है। इसके समाधान के लिए सेल्हा इको विकास समिति ने पिछले वर्ष भूमि खरीदी थी। अब इसी जमीन पर व्यवस्थित पार्किंग स्थल विकसित किया जाएगा। इससे पर्यटकों को वाहन खड़े करने में परेशानी नहीं होगी।
इसके अलावा दूरदराज से आने वाले सैलानियों और प्रकृति प्रेमियों के रात्रि विश्राम के लिए डारमेट्री बनाई जाएगी। इससे यहां ठहरने के विकल्प बढ़ेंगे और पर्यटकों को अधिक सुविधाजनक अनुभव मिल सकेगा। प्रस्तावित निर्माण कार्य इको विकास समिति के माध्यम से कराए जाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर पीलीभीत टाइगर रिजर्व प्रशासन निर्माण और वित्तीय व्यवस्था में समिति को सहयोग देगा।
डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि सप्त सरोवर को पर्यटकों के लिए अधिक सुविधाजनक और आधुनिक बनाया जा रहा है। कांफ्रेंस हॉल, पार्किंग और डारमेट्री बनने से सैलानियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही, स्थानीय इको विकास समिति की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।