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Pilibhit News: लखनऊ खंडपीठ से जोड़ा जाए पीलीभीत
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राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार को समस्यायें बताते अधिवक्ता।स्रोत: बार एसो.
पीलीभीत। जिला संयुक्त बार एसोसिएशन ने राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार को ज्ञापन सौंपा। जिसमें पीलीभीत को लखनऊ खंडपीठ से जोड़ने की मांग की गई।
ज्ञापन में कहा गया है कि जनपद का उच्च न्यायालय का न्यायिक क्षेत्राधिकार यहां से 600 किलोमीटर की दूरी पर प्रयागराज में है। पीलीभीत से लखनऊ की दूरी 300 किलोमीटर से भी कम है। ऐसे में जरूरी है कि उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ से पीलीभीत को जोड़ दिया जाए। इससे जन सामान्य को काफी लाभ होगा।
वकीलों का कहना था कि जनपद में कामर्शियल, लेबर, एंटी करप्शन कोर्ट और रेलवे मजिस्ट्रेट की अदालत नहीं है। इन मामलों की सुनवाई दूसरे जनपदों में होती है। सुनवाई की व्यवस्था जनपद में होनी चाहिए।
इसी प्रकार व्यापारियों के सैंपल संबंधी मामलों की सुनवाई अपर जिला मजिस्ट्रेट वित्त एवं राजस्व की अदालत में होती है। विपरीत आदेश पारित होने पर अपील एवं रिवीजन का अधिकार मुरादाबाद के जनपद न्यायाधीश को है। इससे व्यापारियों को काफी असुविधा होती है।
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एक शासनादेश के जरिये मामलों की सुनवाई का अधिकार संबंधित जिलों के जनपद न्यायाधीश को मिलने पर पीलीभीत के व्यापारियों के मामलों की सुनवाई भी जनपद न्यायाधीश पीलीभीत की अदालत में आराम से हो सकेगी। ज्ञापन देने वालों में अध्यक्ष धीरेंद्र मिश्र, महामंत्री आनंद मिश्रा सहित तमाम लोग शामिल रहे।
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ज्ञापन में कहा गया है कि जनपद का उच्च न्यायालय का न्यायिक क्षेत्राधिकार यहां से 600 किलोमीटर की दूरी पर प्रयागराज में है। पीलीभीत से लखनऊ की दूरी 300 किलोमीटर से भी कम है। ऐसे में जरूरी है कि उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ से पीलीभीत को जोड़ दिया जाए। इससे जन सामान्य को काफी लाभ होगा।
वकीलों का कहना था कि जनपद में कामर्शियल, लेबर, एंटी करप्शन कोर्ट और रेलवे मजिस्ट्रेट की अदालत नहीं है। इन मामलों की सुनवाई दूसरे जनपदों में होती है। सुनवाई की व्यवस्था जनपद में होनी चाहिए।
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इसी प्रकार व्यापारियों के सैंपल संबंधी मामलों की सुनवाई अपर जिला मजिस्ट्रेट वित्त एवं राजस्व की अदालत में होती है। विपरीत आदेश पारित होने पर अपील एवं रिवीजन का अधिकार मुरादाबाद के जनपद न्यायाधीश को है। इससे व्यापारियों को काफी असुविधा होती है।
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एक शासनादेश के जरिये मामलों की सुनवाई का अधिकार संबंधित जिलों के जनपद न्यायाधीश को मिलने पर पीलीभीत के व्यापारियों के मामलों की सुनवाई भी जनपद न्यायाधीश पीलीभीत की अदालत में आराम से हो सकेगी। ज्ञापन देने वालों में अध्यक्ष धीरेंद्र मिश्र, महामंत्री आनंद मिश्रा सहित तमाम लोग शामिल रहे।