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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Pilibhit Educational institutions related to Dawat-e-Islami organization came under scrutiny English medium school was closed

Pilibhit: छानबीन के घेरे में आईं दावत-ए-इस्लामी संगठन से जुड़ी शिक्षण संस्थाएं, इंग्लिश मीडियम स्कूल को कराया गया बंद

Thu, 07 Jul 2022 02:40 PM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, पीलीभीत।
अमर उजाला ब्यूरो, पीलीभीत। Published by: अनुराग सक्सेना Updated Thu, 07 Jul 2022 02:40 PM IST
सार

नकटादाना चौराहे के निकट अप्रैल से दारुल मदीना पब्लिक स्कूल संचालित है। स्कूल में कक्षाएं संचालित करने के लिए कोई मान्यता नहीं है। बीएसए अमित कुमार सिंह ने बताया कि बुधवार को नगर शिक्षा अधीक्षक शिवशंकर मौर्या को भेजा गया था। स्कूल के संचालक कोई अभिलेख  मान्यता संबंधी नहीं दे सके।

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Pilibhit Educational institutions related to Dawat-e-Islami organization came under scrutiny English medium school was closed
दावत-ए इस्लामी - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

बिना मान्यता के संचालित हो रहे दारुल मदीना इंग्लिश मीडियम स्कूल को बेसिक शिक्षा अधिकारी ने नोटिस देकर बंद करा दिया। दावत-ए-इस्लामी संगठन से संस्था के संबंधों को लेकर इंग्लिश मीडियम स्कूल समेत कई शिक्षण संस्थाएं पुलिस और प्रशासन की निगरानी के घेरे में हैं।

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प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि अगर कोई आपत्तिजनक बात सामने आती है तो कार्रवाई होगी। फिलहाल अल्पसंख्यक कल्याण विभाग और शिक्षा विभाग शिक्षण संस्थाओं के संचालन संबंधी अभिलेख देख रहा है। स्थलीय जांच में यह भी देखा जा रहा है कि संस्था की मान्यता है या नहीं?
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नकटादाना चौराहे के निकट अप्रैल से दारुल मदीना पब्लिक स्कूल संचालित है। स्कूल में कक्षाएं संचालित करने के लिए कोई मान्यता नहीं है। बीएसए अमित कुमार सिंह ने बताया कि बुधवार को नगर शिक्षा अधीक्षक शिवशंकर मौर्या को भेजा गया था। स्कूल के संचालक कोई अभिलेख  मान्यता संबंधी नहीं दे सके। इसलिए तीन दिन का समय देते हुए नोटिस दिया गया है। इस दौरान स्कूल का संचालन बंद रहेगा।
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उन्होंने बताया कि संस्था का संचालन कौन कर रहा है? यह जांच के बाद भी बता सकेंगे। इस बीच पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी ने बताया कि जिन संस्थाओं के बारे में दारुल उलूम से जुड़े होने जानकारी प्राप्त हुई थी, उनके बारे में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग और बेसिक शिक्षा अधिकारी तथा डीआईओएस को अवगत कराया गया है ताकि मान्यता संबंधी जांच हो सके। उन्होंने कहा कि अभी तक कोई संदिग्ध गतिविधि सामने नहीं आई है। अगर नियम के कानून के विरुद्ध कोई बात सामने आती है तो पुलिस कार्रवाई करेगी।

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