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धरना, प्रदर्शन, हड़ताल के नाम रहा शुक्रवार
पीलीभीत, ब्यूरो
Updated Fri, 09 Sep 2016 11:21 PM IST
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चुनावी वर्ष में जहां राजनैतिक पार्टियां सत्ता हासिल करने की तैयारियों में जुटी हैं, वहीं विभिन्न विभागों में तैनात अधिकारी और कर्मचारी भी चुनावी बेला में अपना भला करने के प्रयास में जुटे हैं। शुक्रवार को कई संगठनों ने धरना, प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपे। हड़ताल और धरना प्रदर्शन से फरियादियों को परेशान होना पड़ा। सरकारी कामकाज भी प्रभावित हुआ।
कलेक्ट्रेट कर्मचारियों ने किया कार्य बहिष्कार
पीलीभीत। वेतनवृद्धि और पदोन्नति सहित विभिन्न मांगों को लेकर प्रांतीय आह्वान पर कलेक्ट्रेट कर्मचारी शुक्रवार को हड़ताल पर रहे। उप्र मिनिस्टीरियल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ के तत्वाधान में कलेक्ट्रेट कर्मचारी डीएम कार्यालय के निकट बरामदे में एकत्र हुए और धरने पर बैठ गए। अध्यक्ष गजेंद्र पाल सिंह ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट कर्मचारियों ने पिछले हफ्ते भी काली पट्टी बांधकर विरोध जताया था लेकिन सरकार ने मांगों पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि सरकार को कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए उनकी 13 सूत्री मांगों को अविलंब पूरा करना चाहिए। मंत्री सोहनलाल पाल ने कहा कि यदि हमारी मांगें शीघ्र पूरी नहीं हुईं तो पुन: आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर नवल सक्सेना, अमित सक्सेना, वीरेंद्र सिंह, मकसूद अहमद, अश्वनी राजा, सुनील श्रीवास्तव, विमल सक्सेना, विशाल भटिया, जयप्रकाश, प्रमांशू, पुनीत कुमार, प्रताप सिंह आ्दि मौजूद रहे।
लेखपालों का जेल भरो आंदोलन 23 को
पीलीभीत। छह सूत्री मांगों को लेकर लेखपालों का धरना-प्रदर्शन शुक्रवार को 18वें दिन भी जारी रहा। सुबह नेहरू पार्क में एकत्र हुए लेखपालों ने धरना देकर सरकार के विरोध में नारेबाजी की। जिलाध्यक्ष अशोक गंगवार ने कहा कि बकरीद के बाद 14 सितंबर से आंदोलन का स्वरूप बदला जाएगा। 15 सितंबर को धरना स्थल पर ही रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए डीएम एवं स्वास्थ्य विभाग को पत्र देकर रक्तदान की व्यवस्थाएं कराने की मांग की गई है। जिलामंत्री राधेकृष्ण ने 15 सितंबर को होने वाले रक्तदान शिविर में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। ज्वाला प्रसाद ने कहा कि यदि मांगें पूरी न हुईं तो 23 सितंबर को जेल भरो आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर सोनपाल राना, रामकुमार राना, मुरलीधर गंगवार, रामकुमार गौतम, रक्षपाल, सुखलाल, छेदालाल, योगेंद्र कुमार, झम्मनलाल, सुरेंद्र शुक्ला, ओमकार सिंह, कृष्ण कुमार आदि मौजूद रहे।
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आंगनबाड़ी वर्कर्स का धरना जारी
पीलीभीत। महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के तत्वाधान में नियमितीकरण की मांग को लेकर आंगनबाड़ी वर्कर्स का अनिश्चितकालीन धरना जारी रहा। शुक्रवार सुबह आंगनबाड़ी वर्कर्स नेहरू पार्क में एकत्र हुईं और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। धरने का नेतृत्व कर रहीं विनीता सक्सेना ने कहा कि धरने को आठ दिन हो गए हैं। उनकी आवाज भी सरकार तक पहुंच रही हैं लेकिन सरकार जानबूझकर इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। जिलाध्यक्ष गुलशन जहां ने कहा कि देश को कुपोषण मुक्त कराने में जुटीं आंगनबाड़ी वर्कर खुद शोषण का शिकार हैं। यहां नजीम बानो, रामप्यारी, रोजी, अंजलि, चित्रा, रेशमा, अंकिता, साधना वाजपेई, प्रभा रानी, राजेश्वरी, सुषमा, माया, शबाना, निगार, सफिया, मीरा, गुप्ता, संगीता आदि मौजूद रहीं।
बीसलपुर। छह सूत्री मांगों को लेकर दो सितंबर से ब्लाक परिसर में चल रहा आंगनबाड़ी वर्कर्स का बेमियादी धरना आठवें दिन शुक्रवार को भी जारी रहा। नगराध्यक्ष ममता गंगवार ने बताया कि मांगें पूरी न होने तक धरना जारी रहेगा। जरूरत पड़ने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।
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कलेक्ट्रेट कर्मचारियों ने किया कार्य बहिष्कार
पीलीभीत। वेतनवृद्धि और पदोन्नति सहित विभिन्न मांगों को लेकर प्रांतीय आह्वान पर कलेक्ट्रेट कर्मचारी शुक्रवार को हड़ताल पर रहे। उप्र मिनिस्टीरियल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ के तत्वाधान में कलेक्ट्रेट कर्मचारी डीएम कार्यालय के निकट बरामदे में एकत्र हुए और धरने पर बैठ गए। अध्यक्ष गजेंद्र पाल सिंह ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट कर्मचारियों ने पिछले हफ्ते भी काली पट्टी बांधकर विरोध जताया था लेकिन सरकार ने मांगों पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि सरकार को कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए उनकी 13 सूत्री मांगों को अविलंब पूरा करना चाहिए। मंत्री सोहनलाल पाल ने कहा कि यदि हमारी मांगें शीघ्र पूरी नहीं हुईं तो पुन: आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर नवल सक्सेना, अमित सक्सेना, वीरेंद्र सिंह, मकसूद अहमद, अश्वनी राजा, सुनील श्रीवास्तव, विमल सक्सेना, विशाल भटिया, जयप्रकाश, प्रमांशू, पुनीत कुमार, प्रताप सिंह आ्दि मौजूद रहे।
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लेखपालों का जेल भरो आंदोलन 23 को
पीलीभीत। छह सूत्री मांगों को लेकर लेखपालों का धरना-प्रदर्शन शुक्रवार को 18वें दिन भी जारी रहा। सुबह नेहरू पार्क में एकत्र हुए लेखपालों ने धरना देकर सरकार के विरोध में नारेबाजी की। जिलाध्यक्ष अशोक गंगवार ने कहा कि बकरीद के बाद 14 सितंबर से आंदोलन का स्वरूप बदला जाएगा। 15 सितंबर को धरना स्थल पर ही रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए डीएम एवं स्वास्थ्य विभाग को पत्र देकर रक्तदान की व्यवस्थाएं कराने की मांग की गई है। जिलामंत्री राधेकृष्ण ने 15 सितंबर को होने वाले रक्तदान शिविर में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। ज्वाला प्रसाद ने कहा कि यदि मांगें पूरी न हुईं तो 23 सितंबर को जेल भरो आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर सोनपाल राना, रामकुमार राना, मुरलीधर गंगवार, रामकुमार गौतम, रक्षपाल, सुखलाल, छेदालाल, योगेंद्र कुमार, झम्मनलाल, सुरेंद्र शुक्ला, ओमकार सिंह, कृष्ण कुमार आदि मौजूद रहे।
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आंगनबाड़ी वर्कर्स का धरना जारी
पीलीभीत। महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के तत्वाधान में नियमितीकरण की मांग को लेकर आंगनबाड़ी वर्कर्स का अनिश्चितकालीन धरना जारी रहा। शुक्रवार सुबह आंगनबाड़ी वर्कर्स नेहरू पार्क में एकत्र हुईं और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। धरने का नेतृत्व कर रहीं विनीता सक्सेना ने कहा कि धरने को आठ दिन हो गए हैं। उनकी आवाज भी सरकार तक पहुंच रही हैं लेकिन सरकार जानबूझकर इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। जिलाध्यक्ष गुलशन जहां ने कहा कि देश को कुपोषण मुक्त कराने में जुटीं आंगनबाड़ी वर्कर खुद शोषण का शिकार हैं। यहां नजीम बानो, रामप्यारी, रोजी, अंजलि, चित्रा, रेशमा, अंकिता, साधना वाजपेई, प्रभा रानी, राजेश्वरी, सुषमा, माया, शबाना, निगार, सफिया, मीरा, गुप्ता, संगीता आदि मौजूद रहीं।
बीसलपुर। छह सूत्री मांगों को लेकर दो सितंबर से ब्लाक परिसर में चल रहा आंगनबाड़ी वर्कर्स का बेमियादी धरना आठवें दिन शुक्रवार को भी जारी रहा। नगराध्यक्ष ममता गंगवार ने बताया कि मांगें पूरी न होने तक धरना जारी रहेगा। जरूरत पड़ने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।