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अव कोशिश कि फिर सबकुछ सही हो जाए
पीलीभीत, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 31 Aug 2016 11:42 PM IST
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शादी का शुरूआती डेढ़ साल का वक्त तो रेखा के लिए खुशनुमा रहा, लेकिन फिर शक ने उसकी जिंदगी को नर्क बना दिया। आए दिन क्लेश होने लगा और खुशहाल गृहस्थी तबाह होने की कगार पर आ गई। जिला अस्पताल से एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए पहुंची पच्चीस वर्षीय रेखा ने रोते हुए अपना दुखड़ा सुनाया। बोली, उसकी इस हालत के लिए पति से कहीं ज्यादा ससुर दोषी है।
बकौल रेखा, उसका पति सुबह काम पर निकल जाता था। घर पर ससुर मेवाराम रह जाते थे। ससुर उस पर इस कदर शक करता था कि उसे घर बाहर निकलना तो दूर, किसी से बात तक नहीं करने देता था। इतना ही नहीं अगर दो मिनट के काम से भी ससुर कहीं बाहर जाता तो रेखा को घर में बंद कर मेनगेट में ताला लगा दिया जाता देता था। ताकि कोई उससे मिल न सके और वह किसी के पास न चली जाए। यह एक साल से चल रहा था। पति के वापस आने पर ससुर बार-बार ताने देकर उसके पति के मन में शक पैदा कर देते थे। खुद को बेगुनाह बताती रहती थी, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं था। बच्चों की खातिर ससुराल में हर बात को वह चुपचाप सहती रही। पति पर आज भी उसको भरोसा है, लेकिन उसके शक करने से आहत है। यही कारण है कि उसके मायके वाले मामले में कार्रवाई का मन बना चुके थे लेकिन रेखा अब भी इंकार कर रही है।
चार दिन पहले घर में चोर घुसने पर हुआ विवाद
रेखा ने बताया कि चार दिन पहले घर में चोर घुस आए थे। आहट होने पर जब उसकी आंख खुली तो उसने एक चोर को छत से भगाते देखा था। इसे लेकर भी ससुर ने रेखा को ही गलत बताना शुरू कर दिया था। घटना के दिन भी इसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। इसके बाद ही रेखा ने खुद को बदसूरत बनाने के लिए अपने चेहरे को जला लिया था।
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पिता ने 19 साल पहले की थी आत्महत्या
निजी अस्पताल में बेटी रेखा का इलाज करा रही मां रामकुमारी ने बताया कि 19 साल पहले पारिवारिक कलह में उनके पति नंदराम ने भी आत्महत्या कर ली थी। वह नवदिया गांव से होकर गुजर रही रेलवे लाइन पर ट्रेन के आगे कूद गए थे। उस वक्त रेखा की उम्र छह साल थी।
तीन बहनों में सबसे छोटी है रेखा
रेखा पांच भाई बहनों में तीसरे नंबर की है। बड़ी बहन गीता की शादी जहानाबाद के अमखेड़ा निवासी तुलसीराम से हुई है। दूसरी बहन फूलादेवी की शादी जहानाबाद के नवादा श्यामपुर में हुई है। इसके अलावा दो छोटे भाई 19 वर्षीय ललित और 17 वर्षीय नमन हैं। वे पढ़ाई कर रहे हैं। घटना का पता लगते ही बुधवार को गांव के लोग रेखा की हालत देखने के लिए पहुंचना शुरू हो गए।
सब कुछ भुलाकर करेंगे नई शुरूआत
31 पीबीटीपी 6
निजी अस्पताल में इलाज करा रही रेखा की हालत देख उसके मायके वालों में बेहद गुस्सा है। बुधवार सुबह रेखा के पति ने जो पहल की उससे पति-पत्नी का रिश्ता बच जाने की आस जगी है। पति निर्मल ने ही उसे निजी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया। अस्पताल पहुंचकर उसकी देखभाल भी शुरू कर दी है। रेखा को भरोसा भी दिला रहा है कि वह उसके साथ है और पूरा इलाज कराएगा। अपने हाथों से उसने अस्पताल में भर्ती रेखा को खाना भी खिलाया। रेखा भी यही कह रही है कि सब कुछ भुलाकर नई शुरुआत करेंगे।
ससुराल में रेखा को कई दिनों से परेशान किया जा रहा था। कई बार समझौता भी हुआ। एक महीना पहले ही रेखा को परेशान न करने का वायदा करने पर ससुराल भेजा गया था। पति ने इलाज की बात कहकर निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। अभी कोई शिकायत नहीं की गई है। रेखा भी पुलिस से शिकायत करने से मना कर रही है।
- सुरेश कुमार, रेखा के चाचा
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बकौल रेखा, उसका पति सुबह काम पर निकल जाता था। घर पर ससुर मेवाराम रह जाते थे। ससुर उस पर इस कदर शक करता था कि उसे घर बाहर निकलना तो दूर, किसी से बात तक नहीं करने देता था। इतना ही नहीं अगर दो मिनट के काम से भी ससुर कहीं बाहर जाता तो रेखा को घर में बंद कर मेनगेट में ताला लगा दिया जाता देता था। ताकि कोई उससे मिल न सके और वह किसी के पास न चली जाए। यह एक साल से चल रहा था। पति के वापस आने पर ससुर बार-बार ताने देकर उसके पति के मन में शक पैदा कर देते थे। खुद को बेगुनाह बताती रहती थी, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं था। बच्चों की खातिर ससुराल में हर बात को वह चुपचाप सहती रही। पति पर आज भी उसको भरोसा है, लेकिन उसके शक करने से आहत है। यही कारण है कि उसके मायके वाले मामले में कार्रवाई का मन बना चुके थे लेकिन रेखा अब भी इंकार कर रही है।
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चार दिन पहले घर में चोर घुसने पर हुआ विवाद
रेखा ने बताया कि चार दिन पहले घर में चोर घुस आए थे। आहट होने पर जब उसकी आंख खुली तो उसने एक चोर को छत से भगाते देखा था। इसे लेकर भी ससुर ने रेखा को ही गलत बताना शुरू कर दिया था। घटना के दिन भी इसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। इसके बाद ही रेखा ने खुद को बदसूरत बनाने के लिए अपने चेहरे को जला लिया था।
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पिता ने 19 साल पहले की थी आत्महत्या
निजी अस्पताल में बेटी रेखा का इलाज करा रही मां रामकुमारी ने बताया कि 19 साल पहले पारिवारिक कलह में उनके पति नंदराम ने भी आत्महत्या कर ली थी। वह नवदिया गांव से होकर गुजर रही रेलवे लाइन पर ट्रेन के आगे कूद गए थे। उस वक्त रेखा की उम्र छह साल थी।
तीन बहनों में सबसे छोटी है रेखा
रेखा पांच भाई बहनों में तीसरे नंबर की है। बड़ी बहन गीता की शादी जहानाबाद के अमखेड़ा निवासी तुलसीराम से हुई है। दूसरी बहन फूलादेवी की शादी जहानाबाद के नवादा श्यामपुर में हुई है। इसके अलावा दो छोटे भाई 19 वर्षीय ललित और 17 वर्षीय नमन हैं। वे पढ़ाई कर रहे हैं। घटना का पता लगते ही बुधवार को गांव के लोग रेखा की हालत देखने के लिए पहुंचना शुरू हो गए।
सब कुछ भुलाकर करेंगे नई शुरूआत
31 पीबीटीपी 6
निजी अस्पताल में इलाज करा रही रेखा की हालत देख उसके मायके वालों में बेहद गुस्सा है। बुधवार सुबह रेखा के पति ने जो पहल की उससे पति-पत्नी का रिश्ता बच जाने की आस जगी है। पति निर्मल ने ही उसे निजी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया। अस्पताल पहुंचकर उसकी देखभाल भी शुरू कर दी है। रेखा को भरोसा भी दिला रहा है कि वह उसके साथ है और पूरा इलाज कराएगा। अपने हाथों से उसने अस्पताल में भर्ती रेखा को खाना भी खिलाया। रेखा भी यही कह रही है कि सब कुछ भुलाकर नई शुरुआत करेंगे।
ससुराल में रेखा को कई दिनों से परेशान किया जा रहा था। कई बार समझौता भी हुआ। एक महीना पहले ही रेखा को परेशान न करने का वायदा करने पर ससुराल भेजा गया था। पति ने इलाज की बात कहकर निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। अभी कोई शिकायत नहीं की गई है। रेखा भी पुलिस से शिकायत करने से मना कर रही है।
- सुरेश कुमार, रेखा के चाचा