{"_id":"696687435c427b983e078301","slug":"people-face-the-problems-pilibhit-news-c-121-1-pbt1011-151767-2026-01-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: क्षतिग्रस्त पुलिया की मरम्मत नहीं, मिट गई बोर्ड पर लिखी चेतावनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: क्षतिग्रस्त पुलिया की मरम्मत नहीं, मिट गई बोर्ड पर लिखी चेतावनी
Tue, 13 Jan 2026 11:26 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Tue, 13 Jan 2026 11:26 PM IST
विज्ञापन
श्यामविहारी लाल
बरखेड़ा। बरखेड़ा-गजरौला मार्ग पर गांव प्रताप डांडी में जुलाई 2024 की बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुई पुलिया का निर्माण अब तक नहीं कराया जा सका है। वहां पर लगा चेतावनी बोर्ड भी धुंधला हो गया है।
बाढ़ से क्षतिग्रस्त पुलिया पर जिम्मेदारों ने पाइप डालकर मिट्टी दबाने के बाद वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर बजरी डालकर पतली सड़क चालू करा दी। इसके बाद किसी जिम्मेदार ने मुड़कर नहीं देखा। पुलिया पर सड़क के दोनों तरफ कोई दीवार खड़ी नहीं की। इससे कोहरे और रात के अंधेरे में वाहन गड्ढे में गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो सकता है। इस मार्ग पर रोजाना 20 हजार से अधिक आबादी आवागमन करती है। यह क्षेत्र का गजरौला होकर पूरनपुर को जाने वाला प्रमुख मार्ग है। पुलिया के किनारे लगे संकेतक बोर्ड भी जंग खाकर बेकार हो चुके हैं। बोर्ड पर लिखी चेतावनी अब नजर नहीं आ रही है।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इस पुलिया पर कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इसकी जानकारी अधिकारियों को देकर कार्रवाई की मांग की गई लेकिन अब तक सुनवाई नहीं हुई।
विज्ञापन
केवल पाइप और मिट्टी डालकर काम चलाऊ व्यवस्था मार्ग पर दी गई। इस पुलिया पर कई वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं।
श्याम बिहारी
दो वर्ष पूर्व क्षतिग्रस्त पुलिया का निर्माण न होने से बरसात में पानी का निकास नहीं हो पाता है। इससे घरों में पानी भर जाता है।
श्रीकृष्ण
विज्ञापन
बाढ़ से क्षतिग्रस्त पुलिया पर जिम्मेदारों ने पाइप डालकर मिट्टी दबाने के बाद वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर बजरी डालकर पतली सड़क चालू करा दी। इसके बाद किसी जिम्मेदार ने मुड़कर नहीं देखा। पुलिया पर सड़क के दोनों तरफ कोई दीवार खड़ी नहीं की। इससे कोहरे और रात के अंधेरे में वाहन गड्ढे में गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो सकता है। इस मार्ग पर रोजाना 20 हजार से अधिक आबादी आवागमन करती है। यह क्षेत्र का गजरौला होकर पूरनपुर को जाने वाला प्रमुख मार्ग है। पुलिया के किनारे लगे संकेतक बोर्ड भी जंग खाकर बेकार हो चुके हैं। बोर्ड पर लिखी चेतावनी अब नजर नहीं आ रही है।
विज्ञापन
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इस पुलिया पर कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इसकी जानकारी अधिकारियों को देकर कार्रवाई की मांग की गई लेकिन अब तक सुनवाई नहीं हुई।
विज्ञापन
केवल पाइप और मिट्टी डालकर काम चलाऊ व्यवस्था मार्ग पर दी गई। इस पुलिया पर कई वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं।
श्याम बिहारी
दो वर्ष पूर्व क्षतिग्रस्त पुलिया का निर्माण न होने से बरसात में पानी का निकास नहीं हो पाता है। इससे घरों में पानी भर जाता है।
श्रीकृष्ण

श्यामविहारी लाल

श्यामविहारी लाल