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Pilibhit News: ट्रॉमा सेंटर में अव्यवस्थाओं का अंबार बढ़ा रहा जोड़ों का दर्द
Wed, 05 Nov 2025 12:35 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Wed, 05 Nov 2025 12:35 AM IST
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लाठी के सहारे ट्रामा सेंटर जाता दिव्यांग। संवाद
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पीलीभीत। ठंड की दस्तक के साथ ही जिले में हड्डी रोगियों में जोड़ों के दर्द की समस्या भी बढ़ गई है। मंगलवार को जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर की ओपीडी में हड्डी रोग के कई मरीज दर्द बढ़ने, सूजन आदि से परेशान दिखे।
ट्रॉमा सेंटर की आधी-अूधरी व्यवस्थाओं ने भी मरीजों के दर्द को और बढ़ा दिया। व्हील चेयर और स्ट्रेचर न मिलने से मरीज लाठी- रेलिंग के सहारे चिकित्सक कक्ष तक पहुंचे। ठंड के दिनों में मरीजों में जोड़ों की समस्या, कंधे-घुटनों और पीठ में दर्द, सूजन आदि बढ़ जाती है। ऐसे में मरीजों को भी हड्डी को लेकर खुद की खास देखभाल रखनी पड़ती है।
मंगलवार को सुबह ट्रॉमा सेंटर में 50 से अधिक मरीज ओपीडी के लिए कक्ष के बाहर खड़े हुए दिखाई दिए जहां हड्डी मरीजों के लिए बैठने की भी कोई विशेष व्यवस्था नहीं थी। वहीं ट्रॉमा सेंटर के बाहर मरीजों को स्ट्रेचर, व्हील चेयर की सुविधा के अभाव में गेट पर लगी रेलिंग का सहारा लेना पड़ा तो दिव्यांग लाठी आदि का सहारा लेकर बढ़ते हुए दिखे।
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हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव सक्सेना ने हड्डी रोगियों को सलाह देते हुए बताया कि मरीज सुबह ठंडी हवा में न निकलें। तैल की मालिश करें और दर्द के हिस्से को हवा लगने से बचाएं। अधिक दिक्कत होने पर चिकित्सक परामर्श लें।
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ट्रॉमा सेंटर की आधी-अूधरी व्यवस्थाओं ने भी मरीजों के दर्द को और बढ़ा दिया। व्हील चेयर और स्ट्रेचर न मिलने से मरीज लाठी- रेलिंग के सहारे चिकित्सक कक्ष तक पहुंचे। ठंड के दिनों में मरीजों में जोड़ों की समस्या, कंधे-घुटनों और पीठ में दर्द, सूजन आदि बढ़ जाती है। ऐसे में मरीजों को भी हड्डी को लेकर खुद की खास देखभाल रखनी पड़ती है।
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मंगलवार को सुबह ट्रॉमा सेंटर में 50 से अधिक मरीज ओपीडी के लिए कक्ष के बाहर खड़े हुए दिखाई दिए जहां हड्डी मरीजों के लिए बैठने की भी कोई विशेष व्यवस्था नहीं थी। वहीं ट्रॉमा सेंटर के बाहर मरीजों को स्ट्रेचर, व्हील चेयर की सुविधा के अभाव में गेट पर लगी रेलिंग का सहारा लेना पड़ा तो दिव्यांग लाठी आदि का सहारा लेकर बढ़ते हुए दिखे।
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हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव सक्सेना ने हड्डी रोगियों को सलाह देते हुए बताया कि मरीज सुबह ठंडी हवा में न निकलें। तैल की मालिश करें और दर्द के हिस्से को हवा लगने से बचाएं। अधिक दिक्कत होने पर चिकित्सक परामर्श लें।

लाठी के सहारे ट्रामा सेंटर जाता दिव्यांग। संवाद