{"_id":"68d6d7e0e2b0aeed1d0ef75f","slug":"people-face-the-problems-pilibhit-news-c-121-1-pbt1009-144808-2025-09-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: खेत में लगे जाल में फंसा तेंदुआ, टीम ने चार घंटे बाद बेहोश कर पकड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: खेत में लगे जाल में फंसा तेंदुआ, टीम ने चार घंटे बाद बेहोश कर पकड़ा
Sat, 27 Sep 2025 07:34 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Sat, 27 Sep 2025 07:34 PM IST
विज्ञापन
नगरिया कट क्षेत्र में तेंदुए को बेहोश करने के बाद पिंजरे की ओर लाते वनकर्मी। स्रोत वीडियो ग्रेब
कलीनगर। जंगल से बाहर निकलकर माधोटांडा क्षेत्र के खेतों में पहुंचा तेंदुआ नगरिया कट गांव के समीप जाल में फंस गया। ग्रामीणों की तेंदुए पर नजर पड़ी तो खलबली मच गई। वनकर्मियों ने पहुंचकर स्थिति देखी और अफसरों को सूचना दी। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद तेंदुए को बेहोश कर पिंजरे में कैद किया गया। बाद में मुख्यालय लाकर उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
यह तेंदुआ बराही रेंज के तहत कट बुझिया के जंगल से बाहर निकलकर आया था। नरकुल (ऊंची घास) में पहुंचा यह तेंदुआ जाल में उलझने के बाद भागने में असमर्थ हो गया। शुक्रवार सुबह करीब छह बजे ग्रामीण नरकुल क्षेत्र से होकर गुजरे तो उन्हें हलचल महसूस हुई। कुछ देर बाद उनकी नजर तेंदुए पर पड़ी तो खलबली मच गई। सूचना के बाद नौजल्हा वन चौकी की टीम मौके पर पहुंच गई। तेंदुए को ट्रेस किया तो उसके जाल में फंसे होने की बात सामने आई।
सामाजिक वानिकी के डीएफओ भरत कुमार डीके, एसडीओ रमेश चौहान, ट्रेंकुलाइज एक्सपर्ट डॉ. दक्ष गंगवार, रेंजर अरुण मोहन श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे। स्थिति को देख तेंदुए को रेस्क्यू करने के प्रयास किए लेकिन तेंदुआ विभाग की पकड़ में नहीं आ सका। इसके बाद अफसरों ने बेहोश कर पकड़ने की अनुमति ली।
विज्ञापन
अनुमति मिलने के बाद दोपहर करीब एक बजे तेंदुए को बेहोश किया। टीम ने रेस्क्यू कर उसे पिंजरे में कैद किया। इसके बाद उसे मुख्यालय लाया गया। डीएफओ ने बताया कि तेंदुए का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। फिलहाल कोई चोट नहीं पाई गई। विभागीय अनुमति लेकर उसे सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाएगा। तेंदुआ कैसे फंसा, इसकी भी जांच कराई जा रही है।
वनकर्मियों पर झपटा तेंदुआ, बाल-बाल बचे
शुक्रवार को सूचना मिलने के बाद नौजल्हा चौकी के वनकर्मी मौके पर पहुंचे। झाड़ियों में ट्रेस करने के दौरान अचानक पास पहुंचने पर तेंदुआ वनकर्मियों पर झपट पड़ा। गनीमत नहीं कि तुरंत वनकर्मी पीछे हटे और स्थिति को संभाला।
चार वर्ष का है तेंदुआ, कमर में फंसा था जाल
तेंदुआ करीब चार वर्ष का बताया जा रहा है। कमर में जाल फंसने से वह चलने में असमर्थ हो गया था। बेचैनी बढ़ने पर जब उसने जाल से निकलने के प्रयास किया तो लोगों की नजर उस पर पड़ी। गनीमत रही कि समय से जानकारी मिलने के बाद विभागीय टीम ने उसे रेस्क्यू कर सुरक्षित पकड़ लिया।
शिकारियों की करतूत पर भी निगाहें
तेंदुए के जाल में फंसने की घटना को शिकारियों की करतूत से जोड़कर भी देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर तेंदुआ जाल में फंसा, वहां अक्सर जंगली सूअर आते हैं। ऐसे में सूअर पकड़ने के लिए जाल बिछाने की आशंका है, इसे ध्यान में रखकर अफसर जांच कराने की बात कह रहे हैं।
विज्ञापन
यह तेंदुआ बराही रेंज के तहत कट बुझिया के जंगल से बाहर निकलकर आया था। नरकुल (ऊंची घास) में पहुंचा यह तेंदुआ जाल में उलझने के बाद भागने में असमर्थ हो गया। शुक्रवार सुबह करीब छह बजे ग्रामीण नरकुल क्षेत्र से होकर गुजरे तो उन्हें हलचल महसूस हुई। कुछ देर बाद उनकी नजर तेंदुए पर पड़ी तो खलबली मच गई। सूचना के बाद नौजल्हा वन चौकी की टीम मौके पर पहुंच गई। तेंदुए को ट्रेस किया तो उसके जाल में फंसे होने की बात सामने आई।
विज्ञापन
सामाजिक वानिकी के डीएफओ भरत कुमार डीके, एसडीओ रमेश चौहान, ट्रेंकुलाइज एक्सपर्ट डॉ. दक्ष गंगवार, रेंजर अरुण मोहन श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे। स्थिति को देख तेंदुए को रेस्क्यू करने के प्रयास किए लेकिन तेंदुआ विभाग की पकड़ में नहीं आ सका। इसके बाद अफसरों ने बेहोश कर पकड़ने की अनुमति ली।
विज्ञापन
अनुमति मिलने के बाद दोपहर करीब एक बजे तेंदुए को बेहोश किया। टीम ने रेस्क्यू कर उसे पिंजरे में कैद किया। इसके बाद उसे मुख्यालय लाया गया। डीएफओ ने बताया कि तेंदुए का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। फिलहाल कोई चोट नहीं पाई गई। विभागीय अनुमति लेकर उसे सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाएगा। तेंदुआ कैसे फंसा, इसकी भी जांच कराई जा रही है।
वनकर्मियों पर झपटा तेंदुआ, बाल-बाल बचे
शुक्रवार को सूचना मिलने के बाद नौजल्हा चौकी के वनकर्मी मौके पर पहुंचे। झाड़ियों में ट्रेस करने के दौरान अचानक पास पहुंचने पर तेंदुआ वनकर्मियों पर झपट पड़ा। गनीमत नहीं कि तुरंत वनकर्मी पीछे हटे और स्थिति को संभाला।
चार वर्ष का है तेंदुआ, कमर में फंसा था जाल
तेंदुआ करीब चार वर्ष का बताया जा रहा है। कमर में जाल फंसने से वह चलने में असमर्थ हो गया था। बेचैनी बढ़ने पर जब उसने जाल से निकलने के प्रयास किया तो लोगों की नजर उस पर पड़ी। गनीमत रही कि समय से जानकारी मिलने के बाद विभागीय टीम ने उसे रेस्क्यू कर सुरक्षित पकड़ लिया।
शिकारियों की करतूत पर भी निगाहें
तेंदुए के जाल में फंसने की घटना को शिकारियों की करतूत से जोड़कर भी देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर तेंदुआ जाल में फंसा, वहां अक्सर जंगली सूअर आते हैं। ऐसे में सूअर पकड़ने के लिए जाल बिछाने की आशंका है, इसे ध्यान में रखकर अफसर जांच कराने की बात कह रहे हैं।

नगरिया कट क्षेत्र में तेंदुए को बेहोश करने के बाद पिंजरे की ओर लाते वनकर्मी। स्रोत वीडियो ग्रेब