{"_id":"696686f186b28b0f31025fdb","slug":"people-face-the-problems-pilibhit-news-c-121-1-pbt1005-151751-2026-01-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: किसानों का फसल बीमा से हो रहा मोहभंग, इस बार घट गए 4000","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: किसानों का फसल बीमा से हो रहा मोहभंग, इस बार घट गए 4000
Tue, 13 Jan 2026 11:24 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Tue, 13 Jan 2026 11:24 PM IST
विज्ञापन
पीलीभीत। जिले में रबी फसल का बीमा कराने वाले किसानों की संख्या बढ़ने के बजाय कम हो गई है। वर्ष 2024 की तुलना में इस वर्ष जिले में करीब चार हजार किसानों ने फसल बीमा योजना का लाभ नहीं लिया है। विभाग के तमाम प्रयासों के बाद भी किसान दिलचस्पी नहीं दिखा रहे। जिले में डेढ़ लाख से अधिक किसान गेहूं की खेती कर रहे हैं।
आपदा के समय फसल नुकसान होने पर किसानों को मुआवजा मिल सके, इसके लिए फसल बीमा योजना संचालित हो रही है। फसल बीमा के लिए किसानों को आवेदन करना होता है। जिले के किसान फसल बीमा योजना के प्रति दिलचस्पी नहीं दिखा रहे। जिले में पांच लाख से अधिक किसान खेती-किसानी से जुड़े हैं। इसमें करीब 1.95 लाख किसान गेहूं की खेती कर रहे हैं। 15 हजार किसान सरसों की खेती कर रहे हैं। रबी सीजन में सिर्फ 21,188 किसानों ने गेहूं फसल के लिए बीमा योजना का लाभ लिया है। वर्ष 2024 में 23 हजार से अधिक किसानों ने इसका लाभ लिया। अगर सरसों की बात की जाए तो जिले में महज 15 हजार किसानों ने ही फसल बीमा योजना का लाभ लिया है। पिछले वर्ष 17 हजार से अधिक किसानों ने फसल बीमा कराया था।
प्रचार-प्रसार के बाद भी नहीं हो सके आवेदन
फसल बीमा योजना को लेकर प्रचार-प्रसार कराया जाता है। आवेदन की तिथियों को भी बढ़ाया जाता है। इसके बाद भी योजना का लाभ लेने में किसान दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। यही कारण है कि पिछले वर्ष की अपेक्षा करीब तीन हजार से अधिक किसानों ने फसल बीमा योजना का लाभ नहीं लिया है।
विज्ञापन
बाढ़ के पानी में हर साल किसानों की फसल हो रही बर्बाद
तराई का क्षेत्र होने के साथ ही यहां से कई नदियां भी निकल रही हैं। ऐसे में हर साल बरसात के मौसम में जिले का काफी हिस्सा बाढ़ की चपेट में आता है। इससे लोगों की फसल का भी नुकसान हो रहा है। इसके बाद भी किसान योजना के लिए आवेदन नहीं कर रहे हैं।
किसानों को होने वाले नुकसान का सही मुआवजा मिल सके। इसको लेकर फसल बीमा योजना का आवेदन कराए जाने की अपील की जाती है। इसके बाद भी लोग योजना का लाभ नहीं ले रहे हैं। पिछले बार की अपेक्षा तीन हजार किसानों ने फसल बीमा योजना का लाभ नहीं लिया है। - नरेंद्र कुमार, कृषि अधिकारी।
विज्ञापन
आपदा के समय फसल नुकसान होने पर किसानों को मुआवजा मिल सके, इसके लिए फसल बीमा योजना संचालित हो रही है। फसल बीमा के लिए किसानों को आवेदन करना होता है। जिले के किसान फसल बीमा योजना के प्रति दिलचस्पी नहीं दिखा रहे। जिले में पांच लाख से अधिक किसान खेती-किसानी से जुड़े हैं। इसमें करीब 1.95 लाख किसान गेहूं की खेती कर रहे हैं। 15 हजार किसान सरसों की खेती कर रहे हैं। रबी सीजन में सिर्फ 21,188 किसानों ने गेहूं फसल के लिए बीमा योजना का लाभ लिया है। वर्ष 2024 में 23 हजार से अधिक किसानों ने इसका लाभ लिया। अगर सरसों की बात की जाए तो जिले में महज 15 हजार किसानों ने ही फसल बीमा योजना का लाभ लिया है। पिछले वर्ष 17 हजार से अधिक किसानों ने फसल बीमा कराया था।
विज्ञापन
प्रचार-प्रसार के बाद भी नहीं हो सके आवेदन
फसल बीमा योजना को लेकर प्रचार-प्रसार कराया जाता है। आवेदन की तिथियों को भी बढ़ाया जाता है। इसके बाद भी योजना का लाभ लेने में किसान दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। यही कारण है कि पिछले वर्ष की अपेक्षा करीब तीन हजार से अधिक किसानों ने फसल बीमा योजना का लाभ नहीं लिया है।
विज्ञापन
बाढ़ के पानी में हर साल किसानों की फसल हो रही बर्बाद
तराई का क्षेत्र होने के साथ ही यहां से कई नदियां भी निकल रही हैं। ऐसे में हर साल बरसात के मौसम में जिले का काफी हिस्सा बाढ़ की चपेट में आता है। इससे लोगों की फसल का भी नुकसान हो रहा है। इसके बाद भी किसान योजना के लिए आवेदन नहीं कर रहे हैं।
किसानों को होने वाले नुकसान का सही मुआवजा मिल सके। इसको लेकर फसल बीमा योजना का आवेदन कराए जाने की अपील की जाती है। इसके बाद भी लोग योजना का लाभ नहीं ले रहे हैं। पिछले बार की अपेक्षा तीन हजार किसानों ने फसल बीमा योजना का लाभ नहीं लिया है। - नरेंद्र कुमार, कृषि अधिकारी।