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Pilibhit News: खिड़कियों के लॉक नहीं सुधरे और ऑल वेदर बल्ब की कमी, सफर में ठिठुर रहे यात्री
Tue, 09 Dec 2025 11:52 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Tue, 09 Dec 2025 11:52 PM IST
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शहर के असम चौराहे पर खड़ी बिना बाइपर की बस। संवाद
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पीलीभीत। करीब एक माह पूर्व निर्देश आने के बाद भी पीलीभीत डिपो के अफसर बसों की व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं करा सके। लॉक न होने से खिड़कियों का शीशा पूरी तरह बंद नहीं होता है। सर्द हवा में यात्री ठिठुर कर सफर पूरा कर रहे हैं। कोहरे में बसों के सुरक्षित संचालन को लेकर भी जिम्मेदार सजग नहीं हैं। डिपो की कई बसों में अब तक फॉग लाइट नहीं लगी है। कई बसों में वाइपर भी नजर नहीं आया।
सर्दी के मौसम की शुरूआत में ही डिपो को शासन स्तर से यह निर्देश जारी हुआ था कि बसों को मार्गों पर भेजे जाने से पहले फॉग लाइट, वाइपर, इंडीगेटर, ब्रेक, खिड़कियों के शीशे और लॉक दुरुस्त करा लिया जाए। करीब 20 बिंदुओं की जांच के बाद ही बसों को मार्ग पर भेजने के लिए कहा गया। करीब एक माह बीतने के बाद भी डिपो की कई बसों में व्यवस्थाएं आधी-अधूरी हैं। ऐसे में कोहरे के दौरान हादसे का खतरा बना रहता है। हाल ही में देवहा पुल के नजदीक कोहरे में दृश्यता कम होने से बस सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गई थी। कई यात्री घायल हुए थे।
बस में चालक साइड का वाइपर दिखा गायब
मंगलवार दोपहर करीब 12.08 बजे पूरनपुर जाने वाली रोडवेज बस असम चौराहे पर खड़ी थी। चालक-परिचालक यात्रियों का इंतजार कर रहे थे। बस में चालक के सामने के शीशे पर वाइपर नहीं था। पूछने पर बताया कि काफी समय से मरम्मत के लिए कहा है लेकिन कार्य नहीं कराया जा रहा है। बस में फॉग लाइट भी नहीं लगी थी। एक-दो खिड़कियों में शीशे के लॉक नहीं थे।
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खराब स्थिति में दिखी आपातकालीन खिड़की
इसी बस में जब अंदर जाकर पड़ताल की तो बस की आपातकालीन खिड़की की हालत काफी खराब दिखी। खिड़की को जुगाड़ से बंद किया गया था। खिड़की में काफी गैप दिखा। इससे सीधी हवा प्रवेश कर रही थी। बस से यात्रा करने वाली सवारियों को सर्द हवा परेेशान करती है।
खिड़कियों के शीशे पर नहीं दिखे लॉक
दोपहर करीब 01.03 बजे डिपो के बाहर लखनऊ जाने वाली बस खड़ी थी। यह बस करीब 5:30 बजे पीलीभीत से लखनऊ के लिए निकलती है। खिड़कियों के शीशे में लॉक नहीं लगा था। इस वजह से शीशे पूरी तरह बंद नहीं हो रहे थे। सर्द हवा यहीं से बस में प्रवेश करती है। पूछने पर चालक ने बताया कि इसमें लंबे समय से लॉक नहीं लगवाए हैं। जबकि यह बस देर रात लखनऊ पहुंचती है।
गली फर्श में टीन लगाकर किया जुगाड़
बस के अंदर की पड़ताल में स्थिति काफी खराब दिखी। परिचालक की सीट के दो सीट पीछे फर्श गल गई थी। इसमें टीन को लगाकर जुगाड़ किया गया था। जब उस पर पैर पड़ा, तो वह नीचे से पूरी तरह खोखली थी। ऐसे में खतरा है।
फॉग लाइट के बिना भर रही फर्राटा
बस अड्डे के समीप खड़ी एक अन्य बस में फाग लाइन नजर नहीं आई। बताया कि इस बस का संचालन बरेली मार्ग पर किया जाता है। फॉग लाइट के बारे में पूछने में सही जवाब नहीं मिला। बताया कि जल्द ही लाइट लग जाएगी।
मानक के अनुसार सभी कार्य कराने के बाद ही बसों काे गंतव्य के लिए रवाना किया जा रहा है। जिन बसों में समस्या है, उनकी जानकारी कर उनमें कार्य कराकर ही मार्ग पर भेजा जाएगा।-विपुल पाराशर, एआरएम।
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सर्दी के मौसम की शुरूआत में ही डिपो को शासन स्तर से यह निर्देश जारी हुआ था कि बसों को मार्गों पर भेजे जाने से पहले फॉग लाइट, वाइपर, इंडीगेटर, ब्रेक, खिड़कियों के शीशे और लॉक दुरुस्त करा लिया जाए। करीब 20 बिंदुओं की जांच के बाद ही बसों को मार्ग पर भेजने के लिए कहा गया। करीब एक माह बीतने के बाद भी डिपो की कई बसों में व्यवस्थाएं आधी-अधूरी हैं। ऐसे में कोहरे के दौरान हादसे का खतरा बना रहता है। हाल ही में देवहा पुल के नजदीक कोहरे में दृश्यता कम होने से बस सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गई थी। कई यात्री घायल हुए थे।
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बस में चालक साइड का वाइपर दिखा गायब
मंगलवार दोपहर करीब 12.08 बजे पूरनपुर जाने वाली रोडवेज बस असम चौराहे पर खड़ी थी। चालक-परिचालक यात्रियों का इंतजार कर रहे थे। बस में चालक के सामने के शीशे पर वाइपर नहीं था। पूछने पर बताया कि काफी समय से मरम्मत के लिए कहा है लेकिन कार्य नहीं कराया जा रहा है। बस में फॉग लाइट भी नहीं लगी थी। एक-दो खिड़कियों में शीशे के लॉक नहीं थे।
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खराब स्थिति में दिखी आपातकालीन खिड़की
इसी बस में जब अंदर जाकर पड़ताल की तो बस की आपातकालीन खिड़की की हालत काफी खराब दिखी। खिड़की को जुगाड़ से बंद किया गया था। खिड़की में काफी गैप दिखा। इससे सीधी हवा प्रवेश कर रही थी। बस से यात्रा करने वाली सवारियों को सर्द हवा परेेशान करती है।
खिड़कियों के शीशे पर नहीं दिखे लॉक
दोपहर करीब 01.03 बजे डिपो के बाहर लखनऊ जाने वाली बस खड़ी थी। यह बस करीब 5:30 बजे पीलीभीत से लखनऊ के लिए निकलती है। खिड़कियों के शीशे में लॉक नहीं लगा था। इस वजह से शीशे पूरी तरह बंद नहीं हो रहे थे। सर्द हवा यहीं से बस में प्रवेश करती है। पूछने पर चालक ने बताया कि इसमें लंबे समय से लॉक नहीं लगवाए हैं। जबकि यह बस देर रात लखनऊ पहुंचती है।
गली फर्श में टीन लगाकर किया जुगाड़
बस के अंदर की पड़ताल में स्थिति काफी खराब दिखी। परिचालक की सीट के दो सीट पीछे फर्श गल गई थी। इसमें टीन को लगाकर जुगाड़ किया गया था। जब उस पर पैर पड़ा, तो वह नीचे से पूरी तरह खोखली थी। ऐसे में खतरा है।
फॉग लाइट के बिना भर रही फर्राटा
बस अड्डे के समीप खड़ी एक अन्य बस में फाग लाइन नजर नहीं आई। बताया कि इस बस का संचालन बरेली मार्ग पर किया जाता है। फॉग लाइट के बारे में पूछने में सही जवाब नहीं मिला। बताया कि जल्द ही लाइट लग जाएगी।
मानक के अनुसार सभी कार्य कराने के बाद ही बसों काे गंतव्य के लिए रवाना किया जा रहा है। जिन बसों में समस्या है, उनकी जानकारी कर उनमें कार्य कराकर ही मार्ग पर भेजा जाएगा।-विपुल पाराशर, एआरएम।

शहर के असम चौराहे पर खड़ी बिना बाइपर की बस। संवाद

शहर के असम चौराहे पर खड़ी बिना बाइपर की बस। संवाद

शहर के असम चौराहे पर खड़ी बिना बाइपर की बस। संवाद

शहर के असम चौराहे पर खड़ी बिना बाइपर की बस। संवाद