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शहरवासियों के पांव में चुभ रहे कंकड़ पत्थर, टूटी पड़ी सड़कें

Sat, 09 Apr 2022 01:09 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 09 Apr 2022 01:09 AM IST
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Pebbles are pricking the feet of the townspeople, broken roads
एकता सरोवर से राम इंटर कालेज जाने वाली जर्जर सड़क व जलभराव। संवाद - फोटो : PILIBHIT
पीलीभीत। गुजरे वित्तीय वर्ष में पौने तीन करोड़ रुपये की धनराशि निर्माण के मद में उपलब्ध होने के बाद भी शहरवासियों को कंकड़ पत्थर भरी सड़कों से गुजरना पड़ रहा है। इसे शहरवासियों का दुर्भाग्य ही कहा जाएगा। सभासद लंबे समय से बदहाल सड़कों का मुद्दा उठाते रहे हैं जब नगर पालिका ने ध्यान नहीं दिया तब नगरपालिका से आस छोड़ दी। अब सभासदों ने राज्यमंत्री से सड़कों की मरम्मत की उम्मीद लगाई है।
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शहर की सवा दो लाख आबादी के आवागमन के लिए नगर पालिका क्षेत्र में करीब 142 किलोमीटर सड़कें हैं। अधिकांश सड़कें उखड़ी पड़ी हैं। कंकड़ पत्थर दिख रहे हैं। शहरवासियों के पांव भी इन सड़कों पर चलने से घायल हो रहे हैं। यह स्थिति तब है जब 31 मार्च 2021 तक पालिका के पास निर्माण मद पौने तीन करोड़ रुपये थे। नगर पालिका सड़कों का निर्माण कराने के बजाय बजट को दबाए बैठी रही और शरहवासी कंकड़ पत्थरों से होकर गुजरते रहे। डिग्री कॉलेज रोड से घन्नईताल की ओर जाने वाली सड़क, देशनगर मठिया से शरीफ नगर की ओर जाने वाली, बेनहर कॉलेज रोड, खकरा रोड, एकता सरोवर रोड, युवक संघ पुस्तकालय, मोहल्ला फीलखाना की सड़कों की सबसे ज्यादा खराब हालत है।
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पालिका के पास आया था 22 करोड़ रुपये, पौने तीन करोड़ था बचा
नगर पालिका एकाउंट विभाग के अनुसार 15 वें वित्त आयोग से 173284 लाख और राज्य वित्त आयोग से 45686 लाख रुपये आया था। इसमें निर्माण और पालिका कर्मियों का वेतन शामिल था। कर्मियों का वेतन तो नगर पालिका की ओर से निकला दिया गया, मगर निर्माण कार्य पर पूरा खर्च नहीं हुआ। इसमें पौने तीन करोड़ वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक व्यय नहीं हो सका। सड़कें टूटी फूटी होने की वजह से लोग परेशान होते रहे।
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पालिका सभासदों ने भी सड़कों की मरम्मत की आस छोड़ी
नगरपालिका में 27 वार्ड हैं। सभी वार्डों में एक या फिर दो सड़क जर्जर हालत में है। सड़कों की मरम्मत का मुद्दा हर बोर्ड की बैठक में उठता है, मगर जिम्मेदार बजट का अभाव बताकर प्रस्ताव शासन को भेजने की बात कहकर मुद्दा टाल दिया जाता था। इससे सभासद भी सड़कों की मरम्मत नगरपालिका की ओर से कराने की आस छोड़ चुके हैं। यही वजह है कि एक दिन पहले नगरपालिका परिषद कार्यालय स्वागत कार्यक्रम में पहुंचे राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार को सभासदों ने सड़कों की मरम्मत के लिए ज्ञापन दे दिया था।
शहर में वर्षों से कई सड़कें उखड़ी पड़ी हुई है। नगरपालिका का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। सड़क की पुलिया भी कई स्थानों पर टूटी हुईं हैं। इससे हादसे का डर बना रहता था। -भुवनेश उपाध्याय, मोहल्ला आवास विकास
शहर की सड़कों का जिम्मा उठाए नगर पालिका का सड़कों की ओर कोई ध्यान नहीं है। सड़कें पूरी तरह जर्जर हो गईं हैं। इसके बाद भी मरम्मत की ओर कोई ध्यान नहीं है। - डॉ. देश बंधु मिश्रा, मोहल्ला आसफजान
शहर से गुजरने वाले हाईवे हो या फिर मोहल्लों की सड़कें। पूरी तरह जर्जर हालत में हैं। कई स्थान तो ऐसे हैं जहां सड़क गायब है। सिर्फ गड्ढे ही गड्ढे नजर आ रहे हैं। -डॉ. अनुरिता सक्सेना, वरिष्ठ चिकित्सक
जिनकी जिम्मेदारी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने की है उन्हें जर्जर सड़कें नजर क्यों नहीं आ रहीं हैं। नई सरकार से मांग है कि सड़कों के प्रति गंभीर हो। नगर पालिका भी ध्यान दे।

-डॉ. लक्ष्मीकांत दीक्षित, सेवानिवृत्त चिकित्साधिकारी
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए निर्माण कार्य कराने को बजट नगर पालिका के पास है। सड़कों के निर्माण के लिए कोई बजट नहीं है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर विकास योजना के तहत 555.78 करोड़ की कार्य योजना बनाकर भेजी गई है। स्वीकृति के बाद सड़कों की मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया जाएगा। - सुरेंद्र प्रताप, ईओ नगर पालिका

जर्जर पड़ी बिलगवां जाने वाली सड़क। संवाद

जर्जर पड़ी बिलगवां जाने वाली सड़क। संवाद- फोटो : PILIBHIT

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