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शाहजहांपुर से आ रहा धान, चढ़ाया जा रहा जिले के किसानों के नाम
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पीलीभीत। शाहजहांपुर का धान स्थानीय किसानों के नाम पर कुछ बिचौलिये क्रय केंद्रों पर बिकवा रहे हैं, ऐसी जानकारी अफसरों को मिली है। गड़बड़ी पकड़ने के लिए किसानों के कागजात पर विशेष ध्यान देने के निर्देश अधिकारियों ने केंद्र प्रभारियों को दिए गए हैं। सर्वाधिक नजर बीसलपुर तहसील क्षेत्र के क्रय केंद्रों पर बढ़ाई गई है।
हर साल धान खरीद में बिचौलिये और माफिया सेंध लगाते हैं। कम कीमत पर खरीदे गए धान को किसानों के नाम पर चढ़ाकर क्रय केंद्रों पर अधिक दाम पर बेचा जाता है। जनपद में भी कई माफिया इसे लेकर बहुचर्चित हैं। वहीं पड़ोसी जनपद शाहजहांपुर के भी माफिया और बिचौलियों का धान क्रय केंद्रों पर साठगांठ कर पहुंचाया जाता रहा है। इस बार भी धान खरीद के दौरान अफसरों को इसका अंदेशा कुछ मामले पकड़ में आने के बाद गहराया है। उन्हें शक है कि शाहजहांपुर के धान को कुछ बिचौलिये जनपद के किसानों के नाम पर चढ़ाकर क्रय केंद्रों पर बिकवा रहे हैं तो कुछ इसकी कोशिश कर रहे हैं। चूंकि धान को देखकर पकड़ नहीं हो सकती। इसलिए गड़बड़ी रोकने के लिए धान लेकर आए किसानों पर पैनी निगाह रखने के निर्देश दिए गए हैं।
खाद्य विपणन विभाग के अधिकारियों के अलावा प्रशासनिक अफसर भी इसकी निगरानी में लगे हैं। धान खरीद पारदर्शिता से पूरा कराने में लगाए कर्मचारियों को भी इस दिशा में सक्रिय रहने और लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई हैै। किसानों के कागजात देखते हुए सत्यापन पर भी जोर दिया जा रहा है।
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एक दिन पूर्व बीसलपुर मंडी समिति में डिप्टी आरएमओ डॉ. अविनाश झा ने पांच किसानों से कागजात लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को सत्यापन के लिए दिए भी थे। पूरे जनपद की टीमों को अलर्ट किया गया है। खासकर बीसलपुर में गड़बड़ी होने की अधिक संभावना जताई गई है।
जहां बिना किसान की रखवाली के पड़ा मिले धान, वहां दें विशेष ध्यान
अपना धान बेचने के लिए आया किसान कभी भी धान को लावारिस हालत में छोड़कर नहीं जाता। उसे धान खराब होने और चोरी का डर लगा रहता है। अब तक जो भी मामले सामने आ रहे हैं उसमें किसान का धान सेंटर पर पड़ा था और किसान भी मौके पर नहीं था। अधिकारियों के औचक निरीक्षण में भी धान लदी ट्रॉलियां मिलती हैं, मगर किसान गायब होते हैं। पूछने पर कोई न कोई बहाना बना दिया जाता है। इसे भी गंभीरता से लिया गया है। निगरानी के दौरान निर्देश दिए गए हैं कि जहां पर बिना किसान के धान मिले, वहां विशेष जांच पड़ताल की जाए।
सूचनाएं मिल रही हैं कि शाहजहांपुर के धान को स्थानीय किसानों के नाम पर बेचा जा रहा है या फिर कुछ लोग बेचने की कोशिश में लगे हैं। इसे लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। कागजात के आधार पर सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं। टीमें भी निगरानी को लगा दी हैं। बीसलपुर क्षेत्र में अधिक नजर है। गड़बड़ी मिलने पर सख्त कार्रवाई होगी।
- डॉ. अविनाश झा, डिप्टी आरएमओ
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हर साल धान खरीद में बिचौलिये और माफिया सेंध लगाते हैं। कम कीमत पर खरीदे गए धान को किसानों के नाम पर चढ़ाकर क्रय केंद्रों पर अधिक दाम पर बेचा जाता है। जनपद में भी कई माफिया इसे लेकर बहुचर्चित हैं। वहीं पड़ोसी जनपद शाहजहांपुर के भी माफिया और बिचौलियों का धान क्रय केंद्रों पर साठगांठ कर पहुंचाया जाता रहा है। इस बार भी धान खरीद के दौरान अफसरों को इसका अंदेशा कुछ मामले पकड़ में आने के बाद गहराया है। उन्हें शक है कि शाहजहांपुर के धान को कुछ बिचौलिये जनपद के किसानों के नाम पर चढ़ाकर क्रय केंद्रों पर बिकवा रहे हैं तो कुछ इसकी कोशिश कर रहे हैं। चूंकि धान को देखकर पकड़ नहीं हो सकती। इसलिए गड़बड़ी रोकने के लिए धान लेकर आए किसानों पर पैनी निगाह रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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खाद्य विपणन विभाग के अधिकारियों के अलावा प्रशासनिक अफसर भी इसकी निगरानी में लगे हैं। धान खरीद पारदर्शिता से पूरा कराने में लगाए कर्मचारियों को भी इस दिशा में सक्रिय रहने और लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई हैै। किसानों के कागजात देखते हुए सत्यापन पर भी जोर दिया जा रहा है।
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एक दिन पूर्व बीसलपुर मंडी समिति में डिप्टी आरएमओ डॉ. अविनाश झा ने पांच किसानों से कागजात लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को सत्यापन के लिए दिए भी थे। पूरे जनपद की टीमों को अलर्ट किया गया है। खासकर बीसलपुर में गड़बड़ी होने की अधिक संभावना जताई गई है।
जहां बिना किसान की रखवाली के पड़ा मिले धान, वहां दें विशेष ध्यान
अपना धान बेचने के लिए आया किसान कभी भी धान को लावारिस हालत में छोड़कर नहीं जाता। उसे धान खराब होने और चोरी का डर लगा रहता है। अब तक जो भी मामले सामने आ रहे हैं उसमें किसान का धान सेंटर पर पड़ा था और किसान भी मौके पर नहीं था। अधिकारियों के औचक निरीक्षण में भी धान लदी ट्रॉलियां मिलती हैं, मगर किसान गायब होते हैं। पूछने पर कोई न कोई बहाना बना दिया जाता है। इसे भी गंभीरता से लिया गया है। निगरानी के दौरान निर्देश दिए गए हैं कि जहां पर बिना किसान के धान मिले, वहां विशेष जांच पड़ताल की जाए।
सूचनाएं मिल रही हैं कि शाहजहांपुर के धान को स्थानीय किसानों के नाम पर बेचा जा रहा है या फिर कुछ लोग बेचने की कोशिश में लगे हैं। इसे लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। कागजात के आधार पर सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं। टीमें भी निगरानी को लगा दी हैं। बीसलपुर क्षेत्र में अधिक नजर है। गड़बड़ी मिलने पर सख्त कार्रवाई होगी।
- डॉ. अविनाश झा, डिप्टी आरएमओ