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कंट्रोम रूम से रखी जाएगी पराली जलाने की घटनाओं पर नजर
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पीलीभीत। पराली जलाने पर अंकुश लगाने के प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है। किसानों को जागरूक करने के साथ उन पर कार्रवाई भी की जा रही है। वहीं लापरवाही बरतने पर लेखपालों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। इसके बावजूद पराली जलाने की घटनाएं नहीं रुक सकी हैं। इसको ध्यान में रखते हुए डीएम वैभव श्रीवास्तव ने कलक्ट्रेट में कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए है। सूचनाओं का आदान प्रदान करने के लिए फोन और व्हाट्सएप नंबर सार्वजनिक किया गया है।
दिवाली के पटाखों की धुंध से जहां आसमान में कई दिनों तक धुंध की चादर छायी रही थी। इसकी स्थिति में कुछ सुधार हो पाता कि फसलों के बचे अवशेष पराली जलाने से प्रदूषण एक बार फिर बढ़ने लगा। यह समस्या पूरे प्रदेश में बनी है। इसे रोकने के लिए शासन स्तर से आदेश जारी किए गए। जिले में पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए डीएम वैभव श्रीवास्तव ने सेक्टर मजिस्ट्रेट को नामित किया। गांव में गोष्ठी के माध्यम से किसानों को जागरूक करने का कार्य सौंपा गया। वहीं पराली जलाते पकड़े जाने पर कार्रवाई के आदेश भी जारी किए गए। जिले के करीब 17 किसानों को गिरफ्तार कर चालान किया गया। लापरवाही बरतने पर लेखपालों पर भी कार्रवाई की गई, फिर भी पराली जलाने की घटनाएं नहीं रुक सकीं।
बुधवार को डीएम ने पराली की घटनाओं को रोकने के लिए कलक्ट्रेट में एक कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश जारी किए। इसमें एक लैंड लाइन नंबर 05882254116 और व्हाट्सएप नंबर 7839853912 को सार्वजनिक किया गया। इन नंबरों पर कोई भी सूचना दे सकता है। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखने के साथ उसको पुरस्कार के रूप में धनराशि प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं।
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दिवाली के पटाखों की धुंध से जहां आसमान में कई दिनों तक धुंध की चादर छायी रही थी। इसकी स्थिति में कुछ सुधार हो पाता कि फसलों के बचे अवशेष पराली जलाने से प्रदूषण एक बार फिर बढ़ने लगा। यह समस्या पूरे प्रदेश में बनी है। इसे रोकने के लिए शासन स्तर से आदेश जारी किए गए। जिले में पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए डीएम वैभव श्रीवास्तव ने सेक्टर मजिस्ट्रेट को नामित किया। गांव में गोष्ठी के माध्यम से किसानों को जागरूक करने का कार्य सौंपा गया। वहीं पराली जलाते पकड़े जाने पर कार्रवाई के आदेश भी जारी किए गए। जिले के करीब 17 किसानों को गिरफ्तार कर चालान किया गया। लापरवाही बरतने पर लेखपालों पर भी कार्रवाई की गई, फिर भी पराली जलाने की घटनाएं नहीं रुक सकीं।
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बुधवार को डीएम ने पराली की घटनाओं को रोकने के लिए कलक्ट्रेट में एक कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश जारी किए। इसमें एक लैंड लाइन नंबर 05882254116 और व्हाट्सएप नंबर 7839853912 को सार्वजनिक किया गया। इन नंबरों पर कोई भी सूचना दे सकता है। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखने के साथ उसको पुरस्कार के रूप में धनराशि प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं।
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