फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   marco-rubio-says-us-did-not-facilitate-flavio-bolsonaro-flight-to-america

ब्राजील से भागने में किसने की मदद?: फ्लावियो बोल्सोनारो अमेरिका पहुंचे, मार्को रूबियो ने दिया ये जवाब

Sun, 01 Nov 2026 07:34 AM IST
देवेश त्रिपाठी पीटीआई, अटलांटा
पीटीआई, अटलांटा Published by: देवेश त्रिपाठी Updated Sun, 01 Nov 2026 07:34 AM IST
सार

ब्राजील के चुनाव में हार के बाद अमेरिका पहुंचे फ्लावियो बोल्सोनारो को लेकर विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने अमेरिकी प्रशासन की भूमिका स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि सरकार ने उनकी यात्रा की व्यवस्था नहीं की थी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले से वैध वीजा होने के कारण उन्हें प्रवेश की अनुमति दी।

विज्ञापन
marco-rubio-says-us-did-not-facilitate-flavio-bolsonaro-flight-to-america
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में हार के बाद देश छोड़कर अमेरिका पहुंचे फ्लावियो बोल्सोनारो की यात्रा में कोई मदद नहीं की थी।
विज्ञापन


ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा के खिलाफ चुनाव हारने के बाद फ्लावियो बोल्सोनारो बुधवार को मियामी पहुंचे थे। इससे एक दिन पहले अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा था कि चुनाव में हार के बाद बोल्सोनारो और उनके परिवार को अमेरिकी वीजा दिया जाएगा। यह चुनाव कड़ा मुकाबला था और लैटिन अमेरिका में रूढ़िवादी दलों की चुनावी सफलता के रुझान से अलग रहा।
विज्ञापन


रूबियो बोले- राष्ट्रपति ने दी देश में प्रवेश की अनुमति
जी-20 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए अटलांटा पहुंचे रूबियो ने पत्रकारों से कहा, "हमने किसी भी तरह की मदद नहीं की।" उन्होंने कहा, "हमें जानकारी मिली थी कि वह अमेरिका पहुंच गए हैं। उनके पास पहले से वीजा था और राष्ट्रपति ने उन्हें देश में प्रवेश की अनुमति देने का फैसला किया।" रूबियो ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी सरकार उनकी यात्रा से जुड़े किसी भी कदम में सीधे तौर पर शामिल नहीं थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


रूबियो ने बताया कि अटलांटा में शुक्रवार और शनिवार को उनकी ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा से मुलाकात हुई। उन्होंने कहा कि नवंबर में फ्रांस में होने वाली विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान भी उनकी ब्राजील के अधिकारियों से बातचीत होने की उम्मीद है।

फ्लावियो बोल्सोनारो ने क्यों छोड़ा ब्राजील?
फ्लावियो बोल्सोनारो ने चुनाव में हार स्वीकार नहीं की है। उन्होंने बिना कोई सबूत दिए चुनाव में धांधली का आरोप लगाया है। उनके पिता और ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो ने भी 2022 में लूला से मिली हार को स्वीकार नहीं किया था। तख्तापलट की कोशिश के मामले में वह 27 साल की सजा काट रहे हैं।

चुनाव में फ्लावियो को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का अप्रत्यक्ष समर्थन हासिल था। ब्राजील में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग और कर चोरी के मामलों की जांच चल रही है। पुलिस ने उन्हें देश छोड़कर भागने का जोखिम मानते हुए पासपोर्ट जमा करने का आदेश दिया था।

खुद को बताया ब्राजील का असली निर्वाचित राष्ट्रपति
रियो डी जेनेरियो से सीनेटर फ्लावियो बोल्सोनारो ने शुक्रवार को इंस्टाग्राम पर लाइव प्रसारण के दौरान फिर दावा किया कि उन्हें राजनीतिक रूप से निशाना बनाया जा रहा है। ब्राजील की नई संसद का कार्यकाल एक फरवरी से शुरू होगा और इसके बाद वह अपनी सीनेटर की सीट गंवा देंगे।


45 वर्षीय बोल्सोनारो ने बुधवार को लिखे एक पत्र में खुद को ब्राजील का "वास्तविक निर्वाचित राष्ट्रपति" बताया था। हालांकि, बाद में उन्होंने इस दावे को नरम करते हुए खुद को "नेता" कहा। उन्होंने अपनी तुलना कई अन्य हस्तियों के साथ फ्रांस के चार्ल्स डी गॉल से भी की। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान डी गॉल ने लंदन से फ्रांस में नाजी कब्जे के खिलाफ प्रतिरोध का नेतृत्व किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed