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वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए चहलकदमी पर नजर रखना जरूरी

Thu, 17 Oct 2019 06:12 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 17 Oct 2019 06:12 PM IST
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पीलीभीत। टाइगर रिजर्व मुख्यालय पर गुरुवार को मानव वन्यजीव संघर्ष का कारण एवं निवारण विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में मौजूद ग्लोबल टाइगर फोरम के सचिव डॉ. राजेश गोपाल ने अफसरों और वनकर्मियों को मानव वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए विस्तार से जानकारी दी। इसके अलावा टाइगर रिजर्व में कार्यरत टाइगर मित्रों को प्रशिक्षण भी दिया गया।
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जंगल से बाहर बाघ, तेंदुओं समेत वन्यजीवों की चहलकदमी को ध्यान में रखते हुए आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए टाइगर रिजर्व में व्यवस्थाओं को पूरा किया जा रहा है। इसके लिए संसाधनों को बढ़ाने का कार्यों के अलावा मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए जंगल से बाहर वन्यजीवों की स्थिति पर पैनी नजर रखने पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए वन्यजीवों की मौजूदगी और परिस्थितियों के आधार पर रेस्क्यू के तौर तरीके सिखाएं जा रहे है। गुरुवार को ग्लोबल टाइगर फोरम के सचिव डॉ. राजेश गोपाल ने टाइगर रिजर्व मुख्यालय पर कार्यशाला में भाग लिया। यहां वन अफसरों और वनकर्मियों को वन्यजीवों पर नजर और उनकी सुरक्षा करने का विस्तार से तरीके बताएं। इसके अलाव टाइगर मित्रों को प्रशिक्षण भी दिया गया। इसमें बाघ और तेंदुए की सूचना के बाद कैसे मौके पर जाकर स्थिति को संभाला जा सके, इसकी जानकारी दी। इसके अलावा निगरानी में प्रयोग किए जाने वाले संसाधन कंपास, जीसीपीएस कैमरा ट्रैप, रेंज फाइंडर का डिमोनरीट्रेशन भी दिया गया। फील्ड डायरेक्टर एच राजा मोहन, दोनों डिवीजन के डीएफओ नवीन खंडेलवाल, संजीव कुमार सिंह, एसडीओ प्रवीण खरे, उमेश राय, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के नरेश कुमार समेत रेंजर और अन्य वनकर्मी मौजूद रहे।
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