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नेपाल के हाथियों ने लग्गा भग्गा में जमाया डेरा
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माधोटांडा(पीलीभीत)। नेपाल की शुक्ला फांटा सेंक्चुरी से सटे लग्गा भग्गा के जंगल में पिछले कुछ दिनों से एक दर्जन हाथियों ने डेरा जमा रखा है। जंगल से बाहर निकले ये हाथी किसानों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। ढकिया ताल्लुके महाराजपुर गांव के आसपास किसानों की एक एकड़ फसल को तहस नहस कर दिया। किसानों ने ट्रैक्टर की मदद से हाथियों को जंगल की ओर वापस किया।
बराही रेंज के अंतर्गत शारदा नदी के पार लग्गा भग्गा का जंगल है। यह इलाका इंडो नेपाल सीमा से सटा है। इसके चलते नेपाल की शुक्लाफांटा सेंक्चुरी के हाथी और गैंडे समेत अन्य वन्यजीव खुले रूप से दोनों देशों की सीमाओं में विचरण करते हैं। पिछले एक माह से छह हाथी भारतीय क्षेत्र के लग्गा भग्गा के जंगल में हैं। रात होते ही यह हाथी जंगल से बाहर निकलकर ढकिया ताल्लुके महाराजपुर, गोरख डिब्बी इलाके में आकर किसानों की फसलों को रौंद रहे हैं। जंगली हाथी अब तक धान की कई एकड़ फसल तहस नहस करने के अलावा आबादी में घुसकर झोंपड़ियां भी तोड़ चुके हैं। बृहस्पतिवार रात भी हाथी जंगल से निकलकर ढकिया ताल्लुके महाराजपुर गांव के पास पहुंच गए। किसान नारायण, सुमित, राधे आदि किसानों की एक एकड़ धान की फसल को हाथियों ने रौंद दिया। आहट पर किसान एकत्र हुए और शोरशराबा कर और ट्रैक्टरों की मदद से हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा। रेंजर डीके गोयल ने बताया की हाथियों के स्वभाव को देखते हुए उनको खदेड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। हाथी उग्र होने पर ज्यादा नुकसान कर सकते हैं।
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बराही रेंज के अंतर्गत शारदा नदी के पार लग्गा भग्गा का जंगल है। यह इलाका इंडो नेपाल सीमा से सटा है। इसके चलते नेपाल की शुक्लाफांटा सेंक्चुरी के हाथी और गैंडे समेत अन्य वन्यजीव खुले रूप से दोनों देशों की सीमाओं में विचरण करते हैं। पिछले एक माह से छह हाथी भारतीय क्षेत्र के लग्गा भग्गा के जंगल में हैं। रात होते ही यह हाथी जंगल से बाहर निकलकर ढकिया ताल्लुके महाराजपुर, गोरख डिब्बी इलाके में आकर किसानों की फसलों को रौंद रहे हैं। जंगली हाथी अब तक धान की कई एकड़ फसल तहस नहस करने के अलावा आबादी में घुसकर झोंपड़ियां भी तोड़ चुके हैं। बृहस्पतिवार रात भी हाथी जंगल से निकलकर ढकिया ताल्लुके महाराजपुर गांव के पास पहुंच गए। किसान नारायण, सुमित, राधे आदि किसानों की एक एकड़ धान की फसल को हाथियों ने रौंद दिया। आहट पर किसान एकत्र हुए और शोरशराबा कर और ट्रैक्टरों की मदद से हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा। रेंजर डीके गोयल ने बताया की हाथियों के स्वभाव को देखते हुए उनको खदेड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। हाथी उग्र होने पर ज्यादा नुकसान कर सकते हैं।
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