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पालिका दफ्तर के सभासद कक्ष में ठेकेदार बैठे देख एसडीएम भौंचक
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बीसलपुर(पीलीभीत)। नगर पालिका के औचक निरीक्षण में एसडीएम को अजीब स्थिति देखने को मिली। सभासद कक्ष में सात-आठ ठेकेदार बैठे मिले तो वह भौंचक रह गए। इसका मतलब समझते हुए एसडीएम काफी नाराज हुए। तीन कर्मचारी गैरहाजिर मिलने पर उनका जवाब तलब किया गया है।
एसडीएम सौरभ दुबे मंगलवार सुबह नगर पालिका कार्यालय का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। यहां परिसर की साफ सफाई को भ्रमण कर देखा। इसी दौरान कर्मचारी स्नेहलता, जगदीप और राशिद के गैरहाजिर मिले। अन्य कर्मचारियों से जानकारी की गई, लेकिन कोई भी तीनों के नदारद होने के संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इस पर एसडीएम ने प्रभारी ईओ उमेश चंद्र आनंद को गैर हाजिर कर्मचारियों का जवाब तलब करने के निर्देश दिए। एसडीएम ने सभासद कक्ष में सात-आठ ठेकेदार बैठे देखकर नाराजगी जताई। पूछने पर ठेकेदारों ने कहा कि वे अपना पेमेंट के लिए ईओ से बात करने के इंतजार में वहां बैठ गए थे। भविष्य में ऐसा न होने की ईओ को चेतावनी दी गई। वहीं ठेकेदारों ने एसडीएम से भुगतान से जुड़ी शिकायत की। कहा कि काम पूरा होने के बाद भी उनका भुगतान नहीं किया गया। इस पर एसडीएम ने ठेकेदारों को ईओ से वार्ता कर अतिशीघ्र भुगतान कराने का आश्वासन दिया।
इसके बाद पालिका की दुकानों से संबंधित अभिलेख चेक किए। इसमें पता लगा कि 257 में से 50 दुकानदार ऐसे हैं, जो पिछले कई वर्षो से किराया नहीं दे रहे। 60 दुकानदारों ने अपनी दुकानों का अब तक अनुबंध नहीं कराया है। इस पर एसडीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने किराया न जमा करने और अनुबंध न कराने वाले दुकानदारों को नोटिस जारी करने को निर्देश दिए। कहा कि इसके बाद भी अगर कोई सुध नहीं ली जाती तो औपचारिकताएं पूरी कर बेदखल किया जाए। एसडीएम ने बताया कि गैर हाजिर कर्मचारियों का जवाब तलब करने को कहा है। इसके अलावा दुकानदारों को लेकर मिली खामियों में आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
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एसडीएम सौरभ दुबे मंगलवार सुबह नगर पालिका कार्यालय का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। यहां परिसर की साफ सफाई को भ्रमण कर देखा। इसी दौरान कर्मचारी स्नेहलता, जगदीप और राशिद के गैरहाजिर मिले। अन्य कर्मचारियों से जानकारी की गई, लेकिन कोई भी तीनों के नदारद होने के संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इस पर एसडीएम ने प्रभारी ईओ उमेश चंद्र आनंद को गैर हाजिर कर्मचारियों का जवाब तलब करने के निर्देश दिए। एसडीएम ने सभासद कक्ष में सात-आठ ठेकेदार बैठे देखकर नाराजगी जताई। पूछने पर ठेकेदारों ने कहा कि वे अपना पेमेंट के लिए ईओ से बात करने के इंतजार में वहां बैठ गए थे। भविष्य में ऐसा न होने की ईओ को चेतावनी दी गई। वहीं ठेकेदारों ने एसडीएम से भुगतान से जुड़ी शिकायत की। कहा कि काम पूरा होने के बाद भी उनका भुगतान नहीं किया गया। इस पर एसडीएम ने ठेकेदारों को ईओ से वार्ता कर अतिशीघ्र भुगतान कराने का आश्वासन दिया।
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इसके बाद पालिका की दुकानों से संबंधित अभिलेख चेक किए। इसमें पता लगा कि 257 में से 50 दुकानदार ऐसे हैं, जो पिछले कई वर्षो से किराया नहीं दे रहे। 60 दुकानदारों ने अपनी दुकानों का अब तक अनुबंध नहीं कराया है। इस पर एसडीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने किराया न जमा करने और अनुबंध न कराने वाले दुकानदारों को नोटिस जारी करने को निर्देश दिए। कहा कि इसके बाद भी अगर कोई सुध नहीं ली जाती तो औपचारिकताएं पूरी कर बेदखल किया जाए। एसडीएम ने बताया कि गैर हाजिर कर्मचारियों का जवाब तलब करने को कहा है। इसके अलावा दुकानदारों को लेकर मिली खामियों में आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
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