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Pilibhit News: ओपीडी एक हजार के पार, डायरिया के मरीजों सबसे अधिक
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मेडिकल कॉलेज में फिजिशियन कक्ष में मरीजो को देखते चिकित्सक । संवाद
पीलीभीत। भीषण गर्मी के चलते मेडिकल कॉलेज में रोजाना ही ओपीडी एक हजार के पार पहुंच रही है। इसमें भी डायरिया पीड़ितों की संख्या ज्यादा है। करीब एक हजार मरीजों में 150 डायरिया पीड़ित होते हैं। यही नहीं संख्या अधिक होने के कारण घंटों लाइन में खड़ा होकर उन्हें अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है।
आजकल बदलते मौसम में मेडिकल कॉलेज के पर्चा काउंटर पर सुबह से ही मरीजों की कतार लगना शुरू हो जाती है। घंटों कतार में लगने के बाद पर्चा बन पाता है तो फिजिशियन कक्ष में भी चिकित्सक का परामर्श लेने के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है, कमोबेश यही स्थिति दवा काउंटर पर भी रहती है। काफी धक्का-मुक्की के बाद ही दवा मिल पाती है।
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. रमाकांत सागर का कहना है कि उनके यहां रोजाना 200-250 के बीच मरीज आते हैं। अधिकतर पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) और डायरिया पीड़ित होते हैं। इसमें से कुछ मरीजों को तो उपचार देने के बाद घर भेज देते हैं, गंभीर मरीजों को उपचार के लिए भर्ती करना पड़ता है। मौजूदा समय में भी 15 लोग उनके यहां भर्ती है।
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यह बरतें सावधानी
- धूप में जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलें।
- धूप में निकलने से पहले पानी का सेवन कर लें।
- फुल आस्तीन और सूती कपड़े ही पहनें।
- हल्के भोजन के साथ पानी को अधिक पीयें।
- खाने के साथ सलाद का सेवन अधिक करें।
- तला-भूना खाने से परहेज करें।
-
इस सप्ताह पहुंचे मरीजों की संख्या
दिन पर्चा पंजीकरण फिजिशियन ओपीडी लैब जांच
सोमवार 1015 230 180
मंगलवार 878 216 169
बुधवार 1205 235 175
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डिजिटल एक्स-रे मशीन बंद होने से परेशान हुए लोग
मरीजों को बेहतर उपचार देने के क्रम में लगवाई गई डिजिटल एक्स-रे मशीन के बंद होने से मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। मेडिकल कॉलेज पहुंचने वाले मरीजों और तीमारदारों को बुधवार को डिजिटल एक्स- रे की सेवा नहीं मिल सकी। इसके चलते मैन्यूअल एक्स-रे कक्ष में मरीजों की काफी भीड़ रही। लोगों को घंटों लाइन में लगना पड़ा। इस संबंध में सीएमएस संजीव सक्सेना ने बताया कि दोनों तरह की एक्स-रे किए जा रहे हैं। कर्मचारी कम होने की वजह से हो सकता है कि कर्मचारी किसी काम से कहीं गया हो। इस वजह से कक्ष पर ताला लगा दिया हो।
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आजकल बदलते मौसम में मेडिकल कॉलेज के पर्चा काउंटर पर सुबह से ही मरीजों की कतार लगना शुरू हो जाती है। घंटों कतार में लगने के बाद पर्चा बन पाता है तो फिजिशियन कक्ष में भी चिकित्सक का परामर्श लेने के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है, कमोबेश यही स्थिति दवा काउंटर पर भी रहती है। काफी धक्का-मुक्की के बाद ही दवा मिल पाती है।
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वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. रमाकांत सागर का कहना है कि उनके यहां रोजाना 200-250 के बीच मरीज आते हैं। अधिकतर पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) और डायरिया पीड़ित होते हैं। इसमें से कुछ मरीजों को तो उपचार देने के बाद घर भेज देते हैं, गंभीर मरीजों को उपचार के लिए भर्ती करना पड़ता है। मौजूदा समय में भी 15 लोग उनके यहां भर्ती है।
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यह बरतें सावधानी
- धूप में जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलें।
- धूप में निकलने से पहले पानी का सेवन कर लें।
- फुल आस्तीन और सूती कपड़े ही पहनें।
- हल्के भोजन के साथ पानी को अधिक पीयें।
- खाने के साथ सलाद का सेवन अधिक करें।
- तला-भूना खाने से परहेज करें।
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इस सप्ताह पहुंचे मरीजों की संख्या
दिन पर्चा पंजीकरण फिजिशियन ओपीडी लैब जांच
सोमवार 1015 230 180
मंगलवार 878 216 169
बुधवार 1205 235 175
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डिजिटल एक्स-रे मशीन बंद होने से परेशान हुए लोग
मरीजों को बेहतर उपचार देने के क्रम में लगवाई गई डिजिटल एक्स-रे मशीन के बंद होने से मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। मेडिकल कॉलेज पहुंचने वाले मरीजों और तीमारदारों को बुधवार को डिजिटल एक्स- रे की सेवा नहीं मिल सकी। इसके चलते मैन्यूअल एक्स-रे कक्ष में मरीजों की काफी भीड़ रही। लोगों को घंटों लाइन में लगना पड़ा। इस संबंध में सीएमएस संजीव सक्सेना ने बताया कि दोनों तरह की एक्स-रे किए जा रहे हैं। कर्मचारी कम होने की वजह से हो सकता है कि कर्मचारी किसी काम से कहीं गया हो। इस वजह से कक्ष पर ताला लगा दिया हो।

मेडिकल कॉलेज में फिजिशियन कक्ष में मरीजो को देखते चिकित्सक । संवाद

मेडिकल कॉलेज में फिजिशियन कक्ष में मरीजो को देखते चिकित्सक । संवाद