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Pilibhit News: हाईकोर्ट के आदेश पर पीड़ितों के प्रत्यावेदनों की जांच शुरू

Sun, 09 Mar 2025 12:20 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Sun, 09 Mar 2025 12:20 AM IST
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On the orders of the High Court, investigation of the representations of the victims began
पूरनपुर। उत्तराखंड में नानकसागर डैम बनने से 1961 में विस्थापति 144 परिवारों को अब तक जमीन का मालिकाना हक नहीं मिल सका है। इस मामले में कोर्ट ने शासन स्तर से रिपोर्ट मांगी है। पीड़ितों को सुनने के लिए मंडलायुक्त की अध्यक्षता में टीम गठित की गई। इसपर मंडल मुख्यालय से मिले 98 प्रत्यावेदनों पर विस्थापित परिवारों को नोटिस जारी कर अभिलेखों सहित तहसील मुख्यालय बुलाकर जांच की जा रही है।
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उत्तराखंड में नानकसागर डैम बनने पर जमीन पर बसे 144 परिवारों को विस्थापित कर हजारा थाना क्षेत्र के गांव टांटरगंज और वनमपुर भागीरथ में वर्ष 1961 में वन विभाग की जमीन पर बसा दिया गया था। बाढ़ क्षेत्र में बसाए गए अधिकांश परिवार गांवों को छोड़कर उत्तराखंड के उधमसिंह नगर, लखीमपुर, सीतापुर सहित अन्य जिलों में जाकर बस गए।
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कुछ परिवार अब भी गांव बमनपुर भागीरथ और टांटरगंज में रह रहे हैं। ये लोग मिली जमीन पर खेती कर रहे हैं मगर, जमीन का मालिकाना हक अब तक उन लोगों को नहीं मिल सका। विस्थापितों को जिस जमीन पर बसाया गया था, वह जमीन वन विभाग से सिंचाई विभाग को हस्तांतरित होनी थी।
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सिंचाई विभाग से जमीन राजस्व विभाग को हस्तांतरित होकर उसके पट्टे कर विस्थापित परिवारों को देने थे। मगर वन विभाग की यह जमीन सेंचुरी क्षेत्र में होने के चलते सिंचाई विभाग को हस्तांतरित नहीं हो सकी। वन विभाग जमीन पर बसे लोगों को अतिक्रमणकारी मानने लगा।

विस्थापित परिवारों के कुछ लोगों ने हाईकोर्ट की शरण ली। हाईकोर्ट ने विस्थापित परिवारों को सुनने के बाद शासन स्तर से मामले के निस्तारण कराने के निर्देश दिए। विस्थापित परिवारों को नोटिस लेकर शनिवार को तहसील मुख्यालय बुलाया गया। तहसीलदार हबीबउर रहमान अंसारी ने राजस्व टीम के साथ विस्थापित परिवारों के अभिलेखों की जांच कर उनसे जानकारी जुटाई। संवाद
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