Pilibhit News: जिस जमीन के विवाद में दिनभर रुका रहा वृद्धा का अंतिम संस्कार, जांच में वो पीडब्ल्यूडी की निकली
गजरौला कला क्षेत्र के गांव पिपरिया में मंगलवार को जमीन विवाद के चलते एक वृद्धा के शव का अंतिम संस्कार पूरे दिन रुका रहा। जिस जमीन पर परिजन अंतिम संस्कार करना चाह रहे थे, वो पीडब्ल्यूडी की निकली। इस जमीन पर दो पक्ष दावा कर रहे थे।
विस्तार
पीलीभीत जिले में जिस जमीन पर बुजुर्ग महिला के अंतिम संस्कार को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आए और पूरे दिन हंगामा चला। राजस्व विभाग की जांच में वह जमीन लोक निर्माण विभाग को निकली। इसके बाद विभाग ने जमीन को कब्जामुक्त कराए जाने की बात कही है। पूरे दिन चले हंगामे के बाद महिला के शव का अंतिम संस्कार गांव के श्मशान में किया गया है।
थाना गजरौला कला क्षेत्र के गांव पिपरिया नवदिया निवासी रामप्यारी (95 वर्ष) पत्नी स्वर्गीय बुद्धसेन की सोमवार रात जिला अस्पताल में मौत हो गई थी। मंगलवार सुबह मृतका के परिजन निजी जमीन पर अंतिम संस्कार करने जा रहे थे। बताया गया कि यह जमीन गांव के ही एक व्यक्ति के पास गिरवी है। गिरवी जमीन के मालिक ने अंतिम संस्कार से मना कर दिया और दावा किया कि वह जमीन उसकी है। इस बात पर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। हंगामा शुरू हो गया। सूचना पर गजरौला पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। जांच–पड़ताल की गई।
यह भी पढ़ें- UP: बरेली में दुष्कर्म का आरोपी एक माह बाद गिरफ्तार, सिटी स्टेशन के पास एटा की किशोरी से की थी दरिंदगी
बता दें कि मृतक महिला के बेटा श्रीपाल की भी 2018 में मृत्यु हो गई थी। उसकी बहू गुड्डी देवी और चार संतान गांव में ही वृद्धा के पास रहते हैं। मृतका की पोती पूजा देवी ने बताया कि 35 साल पूर्व सरकार की ओर से दादी के नाम से आठ बीघा जमीन का पट्टा हुआ था। उसी जमीन पर एक बोरिंग भी मिली थी। पिता श्रीपाल ने यह जमीन गांव के ही एक व्यक्ति के पास 10 हजार रुपये में गिरवी रखी थी। तबसे जमीन मुक्त नहीं हुई थी।
महिला ने जताई थी ये इच्छा
कई वर्ष पूर्व इसी जमीन पर मृतका के पति का अंतिम संस्कार किया गया था। महिला की इच्छा थी कि उसका अंतिम संस्कार भी उसी जगह पर हो। इसी को लेकर परिजन उसका शव लेकर खेत पर पहुंचे थे। दूसरे पक्ष के हंगामे के बाद राजस्व टीम पहुंची। जांच में जमीन लोक निर्माण विभाग की निकली। राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने जमीन को जल्द कब्जामुक्त कराने को कहा तो दूसरे पक्ष के लोग सकते में आ गए। वहीं दो पक्षों में विवाद और हंगामा, जमीन की नाप जोख में वृद्धा के शव का अंतिम संस्कार पूरे दिन नहीं हो सका। देर शाम गांव के अंत्येष्टि स्थल पर शव का अंतिम संस्कार किया गया।