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पर्यावरण मंत्रालय ने आपत्ति लगाकर लौटाई फाइल
ब्यूरो पीलीभीत।
Updated Sat, 16 Apr 2016 10:51 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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नौगवां क्रासिंग के आसपास पेड़ों को काटने की अनुमति का मामला
नौगवां ओवरब्रिज के निर्माण में आड़े आ रहे पेड़ों को कटाने की अनुमति को भेजी गई फाइल पर्यावरण मंत्रालय ने आपत्ति लगाकर लौटा दी है। पेड़ काटने की स्वीकृति न मिलने से ओवरब्रिज का निर्माण अटका हुआ है।
नौगवां ओवरब्रिज का निर्माण कुछ महीने पहले शुरू कराया गया था। सेतु निर्माण निगम ने पहले रेल लाइन के दक्षिण में मंडी के सामने से काम शुरू किया था। वर्तमान में पिलर बनाने का काम लगभग 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है। अब रेल लाइन के उत्तर की ओर काम शुरू होना है लेकिन इस ओर खड़े पेड़ों से दिक्कत आ रही है। ओवर ब्रिज निर्माण शुरू होने से पूर्व ही सामाजिक वानिकी के माध्यम से पर्यावरण मंत्रालय को फाइल भेजकर ओवरब्रिज निर्माण में आड़े आ रहे 76 पेड़ों को काटने की अनुमति मांगी गई थी। इस पर पर्यावरण मंत्रालय ने पेड़ों की कीमत निर्धारण में त्रुटि होने आपत्ति लगाकर वापस कर दी थी। संशोधन के बाद सामाजिक वानिकी ने पुन: फाइल भेजी लेकिन पर्यावरण मंत्रालय ने पुन: इसे आपत्ति लगाकर वापस कर दिया है। बताते हैं बाद में भेजी गई फाइल में दर्शाए गए पेड़ों की स्थिति ओर उनकी दूरी पर्यावरण मंत्रालय ने सेटलाइट से चेक करने पर भिन्न पाई गई। पर्यावरण मंत्रालय से आपत्ति लगने के बाद फाइल लौट आने से पेड़ों का कटान फिलहाल कुछ समय के लिए लटक गया है। ऐसे में रेल लाइन के उत्तर की ओर काम शुरू करने में दिक्कत आ सकती है।
नौगवां ओवरब्रिज निर्माण में आड़े आ रहे पेड़ों के कटान संबंधी फाइल पर्यावरण मंत्रालय से आपत्ति के साथ प्राप्त हुई थी। आपत्तियों को दूर कर इंटरनेट के माध्यम से फाइल पुन: भेज दी गई है। उम्मीद है जल्द पेड़ काटने की मंजूरी मिल जाएगी।
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-आदर्श कुमार, डीएफओ सामाजिक वानिकी
नौगवां ओवरब्रिज के निर्माण में आड़े आ रहे पेड़ों को कटाने की अनुमति को भेजी गई फाइल पर्यावरण मंत्रालय ने आपत्ति लगाकर लौटा दी है। पेड़ काटने की स्वीकृति न मिलने से ओवरब्रिज का निर्माण अटका हुआ है।
नौगवां ओवरब्रिज का निर्माण कुछ महीने पहले शुरू कराया गया था। सेतु निर्माण निगम ने पहले रेल लाइन के दक्षिण में मंडी के सामने से काम शुरू किया था। वर्तमान में पिलर बनाने का काम लगभग 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है। अब रेल लाइन के उत्तर की ओर काम शुरू होना है लेकिन इस ओर खड़े पेड़ों से दिक्कत आ रही है। ओवर ब्रिज निर्माण शुरू होने से पूर्व ही सामाजिक वानिकी के माध्यम से पर्यावरण मंत्रालय को फाइल भेजकर ओवरब्रिज निर्माण में आड़े आ रहे 76 पेड़ों को काटने की अनुमति मांगी गई थी। इस पर पर्यावरण मंत्रालय ने पेड़ों की कीमत निर्धारण में त्रुटि होने आपत्ति लगाकर वापस कर दी थी। संशोधन के बाद सामाजिक वानिकी ने पुन: फाइल भेजी लेकिन पर्यावरण मंत्रालय ने पुन: इसे आपत्ति लगाकर वापस कर दिया है। बताते हैं बाद में भेजी गई फाइल में दर्शाए गए पेड़ों की स्थिति ओर उनकी दूरी पर्यावरण मंत्रालय ने सेटलाइट से चेक करने पर भिन्न पाई गई। पर्यावरण मंत्रालय से आपत्ति लगने के बाद फाइल लौट आने से पेड़ों का कटान फिलहाल कुछ समय के लिए लटक गया है। ऐसे में रेल लाइन के उत्तर की ओर काम शुरू करने में दिक्कत आ सकती है।
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नौगवां ओवरब्रिज निर्माण में आड़े आ रहे पेड़ों के कटान संबंधी फाइल पर्यावरण मंत्रालय से आपत्ति के साथ प्राप्त हुई थी। आपत्तियों को दूर कर इंटरनेट के माध्यम से फाइल पुन: भेज दी गई है। उम्मीद है जल्द पेड़ काटने की मंजूरी मिल जाएगी।
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-आदर्श कुमार, डीएफओ सामाजिक वानिकी