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Pilibhit News: नर्सिंग होम संचालकों ने दूसरे दिन भी नहीं प्रस्तुत किए चिकित्सीय अभिलेख
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रीता देवी के परिजनों के बयान दर्ज करती स्वास्थ्य विभाग की टीम । स्रोत - विभाग
पूरनपुर। नर्सिंग होम में प्रसव के बाद महिला की मौत के मामले में नर्सिंग होम संचालकों ने दूसरे दिन भी चिकित्सीय दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए। जिस चिकित्सक के नाम पूर्व में नर्सिंग होम का पंजीकरण हुआ था, वह भी नहीं पहुंचा। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मंगलवार को महिला के परिजनों के बयान दर्ज किए तो प्रभारी चिकित्साधिकारी ने स्टाफ नर्स के भी बयान लिए। आशा कार्यकर्ता मंगलवार को भी बयान देने नहीं पहुंची।
थाना सेहरामऊ उत्तरी के गांव पिपरा मुजप्ता निवासी रीता देवी को 14 जून को प्रसव के लिए सीएचसी में भर्ती कराया था। पति नन्हे लाल का आरोप था कि सीएचसी कर्मियों ने रीता को निजी अस्पताल में ले जाने की सलाह दी। आशा वर्कर ने रामा नर्सिंग होम में अच्छे इलाज का भरोसा दिया। नर्सिंग होम में ऑपरेशन कर दिया गया। अत्यधिक खून बहने से रीता देवी की मौत हो गई।
आरोप है कि रीता देवी की तीन घंटे पहले मौत हो जाने के बावजूद परिजनों को हस्ताक्षर कराने के बाद बरेली भेज दिया गया। मामले का खुलासा होने पर 16 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नायब तहसीलदार ऋषि कुमार दीक्षित की मौजूदगी में नर्सिंग होम को सील कर दिया। नर्सिंग होम संचालकों को तीन दिन के अंदर चिकित्सीय दस्तावेज प्रस्तुत करने की चेतावनी दी गई।
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इधर, 17 जून को पत्नी की मौत के सदमे में नन्हे लाल की भी मौत हो गई। दंपती का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया। 18 जून को प्रभारी चिकित्साधिकारी के नेतृत्व में कुर्रैया सीएचसी पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रीता के परिजनों के बयान दर्ज किए। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अनिकेत गंगवार ने बताया कि दूसरे दिन भी नर्सिंग होम संचालकों ने चिकित्सकीय दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए।
स्टाफ नर्स के बयान दर्ज किए गए। आशा वर्कर बुलाने पर भी बयान देने नहीं आई। इस मामले में पुलिस ने सीएमओ को पत्र भेजकर जांच रिपोर्ट मांगी है। कोतवाल संजीव कुमार शुक्ला ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही अगली कार्रवाई की जाएगी।
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थाना सेहरामऊ उत्तरी के गांव पिपरा मुजप्ता निवासी रीता देवी को 14 जून को प्रसव के लिए सीएचसी में भर्ती कराया था। पति नन्हे लाल का आरोप था कि सीएचसी कर्मियों ने रीता को निजी अस्पताल में ले जाने की सलाह दी। आशा वर्कर ने रामा नर्सिंग होम में अच्छे इलाज का भरोसा दिया। नर्सिंग होम में ऑपरेशन कर दिया गया। अत्यधिक खून बहने से रीता देवी की मौत हो गई।
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आरोप है कि रीता देवी की तीन घंटे पहले मौत हो जाने के बावजूद परिजनों को हस्ताक्षर कराने के बाद बरेली भेज दिया गया। मामले का खुलासा होने पर 16 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नायब तहसीलदार ऋषि कुमार दीक्षित की मौजूदगी में नर्सिंग होम को सील कर दिया। नर्सिंग होम संचालकों को तीन दिन के अंदर चिकित्सीय दस्तावेज प्रस्तुत करने की चेतावनी दी गई।
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इधर, 17 जून को पत्नी की मौत के सदमे में नन्हे लाल की भी मौत हो गई। दंपती का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया। 18 जून को प्रभारी चिकित्साधिकारी के नेतृत्व में कुर्रैया सीएचसी पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रीता के परिजनों के बयान दर्ज किए। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अनिकेत गंगवार ने बताया कि दूसरे दिन भी नर्सिंग होम संचालकों ने चिकित्सकीय दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए।
स्टाफ नर्स के बयान दर्ज किए गए। आशा वर्कर बुलाने पर भी बयान देने नहीं आई। इस मामले में पुलिस ने सीएमओ को पत्र भेजकर जांच रिपोर्ट मांगी है। कोतवाल संजीव कुमार शुक्ला ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही अगली कार्रवाई की जाएगी।