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Pilibhit News: डिहाइड्रेशन के साथ टाइफाइड व बुखार के मरीज बढ़े
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जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीज। संवाद
- फोटो : 1
पीलीभीत। बदलते मौसम के बीच उमस भरी गर्मी ने लोगों में डिहाइड्रेशन की समस्या के साथ टाइफाइड बुखार को बढ़ा दिया है। लोगों को रुक-रुककर बुखार आना, हाथ पैरों में दर्द व कमजोरी जैसी समस्याएं हो रही हैं। बुधवार को जिला अस्पताल के मेडिसिन विभाग में लगभग 600 मरीजों ने बारी-बारी परामर्श लिया, इनमें से लगभग 70-80 मरीजों में टाइफाइड के लक्षण देखे गए। जरूरी जांचों के साथ चिकित्सक ने मरीजों को सलाह दी।
जिला अस्पताल के नए भवन में बुधवार सुबह आठ बजे से ही मरीजों की पर्चा काउंटर पर कतार लगना शुरू हो गई। मेडिसिन विभाग में नौ बजे से शुरू हुई ओपीडी से पहले ही मरीज कक्ष के बाहर कतार लगाकर एकत्र हो गए। भीड़ बढ़ने के चलते पहले परामर्श को लेकर मरीजों में धक्का-मुक्की भी देखी गई। मेडिसिन विभाग में वायरल फीवर, जुकाम, सरदर्द-बदनदर्द व पेट में ऐंठन संबंधित बीमारियों से ग्रस्त मरीजों ने चिकित्सकों से परामर्श लिया। मरीजों को इस बीच ब्लड प्रेशर, शुगर आदि की भी जांच की गई। अस्पताल के मेडिसिन विभाग में इस बीच कुछ मरीजों ने रुक-रुककर तेज बुखार आना, हाथ पैरों में दर्द सहित कमजोरी होने जैसे लक्षण बताए, चिकित्सक ने प्राथमिक जांचों में टाइफाइड की पुष्टि के बाद मरीजों को ब्लड जांच की सलाह देते हुए उनका उपचार शुरू किया, व जरूरी दवाएं देने के साथ टीके लगवाने की सलाह दी। मेडिसिन विभाग के चिकित्सक डॉ. अभिषेक गंगवार ने बताया कि बदलते मौसम में ज्यादातर डिहाइड्रेशन के साथ टाइफाइड बढ़ जाता है, इसलिए खानपान का विशेष ध्यान देने की जरूरत है। नियमित शरीर में पानी की उचित मात्रा डिहाइड्रेशन की कमी को दूर करेगी, उन्होंने बताया टाइफाइड में कुछ दिन के कोर्स के साथ दवाएं खाने से ही पूरी तरह से लाभ पहुंचता है। संवाद
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इमरजेंसी वार्ड में रोज 2-3 मरीज डिहाइड्रेशन से हो रहे भर्ती
जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में इन दिनों डिहाइड्रेशन की समस्या काफी देखी जा रही है। पसीना अधिक आने के साथ मरीजों को चक्कर आना, उलटी-दस्त व कमजोरी होने से भर्ती होने की समस्या देखी जा रही है। नियमित 2-3 मरीज इमरजेंसी वार्ड में डिहाइड्रेशन से भर्ती किए जा रहे हैं, जिनको ग्लूकोज आदि वितरित किया जा रहा है।
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जिला अस्पताल के नए भवन में बुधवार सुबह आठ बजे से ही मरीजों की पर्चा काउंटर पर कतार लगना शुरू हो गई। मेडिसिन विभाग में नौ बजे से शुरू हुई ओपीडी से पहले ही मरीज कक्ष के बाहर कतार लगाकर एकत्र हो गए। भीड़ बढ़ने के चलते पहले परामर्श को लेकर मरीजों में धक्का-मुक्की भी देखी गई। मेडिसिन विभाग में वायरल फीवर, जुकाम, सरदर्द-बदनदर्द व पेट में ऐंठन संबंधित बीमारियों से ग्रस्त मरीजों ने चिकित्सकों से परामर्श लिया। मरीजों को इस बीच ब्लड प्रेशर, शुगर आदि की भी जांच की गई। अस्पताल के मेडिसिन विभाग में इस बीच कुछ मरीजों ने रुक-रुककर तेज बुखार आना, हाथ पैरों में दर्द सहित कमजोरी होने जैसे लक्षण बताए, चिकित्सक ने प्राथमिक जांचों में टाइफाइड की पुष्टि के बाद मरीजों को ब्लड जांच की सलाह देते हुए उनका उपचार शुरू किया, व जरूरी दवाएं देने के साथ टीके लगवाने की सलाह दी। मेडिसिन विभाग के चिकित्सक डॉ. अभिषेक गंगवार ने बताया कि बदलते मौसम में ज्यादातर डिहाइड्रेशन के साथ टाइफाइड बढ़ जाता है, इसलिए खानपान का विशेष ध्यान देने की जरूरत है। नियमित शरीर में पानी की उचित मात्रा डिहाइड्रेशन की कमी को दूर करेगी, उन्होंने बताया टाइफाइड में कुछ दिन के कोर्स के साथ दवाएं खाने से ही पूरी तरह से लाभ पहुंचता है। संवाद
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इमरजेंसी वार्ड में रोज 2-3 मरीज डिहाइड्रेशन से हो रहे भर्ती
जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में इन दिनों डिहाइड्रेशन की समस्या काफी देखी जा रही है। पसीना अधिक आने के साथ मरीजों को चक्कर आना, उलटी-दस्त व कमजोरी होने से भर्ती होने की समस्या देखी जा रही है। नियमित 2-3 मरीज इमरजेंसी वार्ड में डिहाइड्रेशन से भर्ती किए जा रहे हैं, जिनको ग्लूकोज आदि वितरित किया जा रहा है।
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