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अब आप दरवाजे पर लगाएं कंक्रीट की चौखट
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Tue, 15 Nov 2016 10:33 PM IST
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अब आप दरवाजे पर लगाएं कंक्रीट की चौखट
- फोटो : पीलीभ्ाीत/उत्ततर प्रदेश्ा
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टाइगर रिजर्व बनने के बाद लकड़ी की उपलब्धता घट रही है। ऐसे में डब्ल्यूडब्ल्यूएफ ने कंक्रीट की चौखटें बनाने की दिशा में प्रयास शुरू किए हैं। दिल्ली के एक फर्म के माध्यम से जंगल से सटे मैनीगुलड़िया गांव में कंक्रीट की चौखटें बनाने का प्लांट लगाया जा रहा है। इसमें जल्द निर्माण शुरू होगा।
जीवन में हर व्यक्ति अपना घर का सपना देखता है और इसे पूरा करने का प्रयास भी करता है। मकान बनाने में अन्य चीजों के अलावा सबसे अहम होता है खिड़की और दरवाजे लगाने को चौखटें लगाना। अब तक प्राय: लकड़ी या लोहे की चौखटें ही प्रचलन में थीं। जंगल से सटा क्षेत्र होने के कारण जिले में लकड़ी की चौखटों का प्रचलन सबसे ज्यादा है, लेकिन अब टाइगर रिजर्व बनने से इमारती लकड़ी न केवल महंगी हुई है, बल्कि मुश्किल से मिल पा रही है। आने वाले समय में इसकी दिक्कत और बढ़ सकती है। ऐसे में डब्ल्यूडब्ल्यूएफ ने दिल्ली की एक फर्म के माध्यम से जिले में कंक्रीट की चौखटें तैयार करने की योजना बनाई है। इसके तहत जंगल से सटे क्षेत्र में काम करने वाले एक एनजीओ (वन समिति) के सदस्यों को दिल्ली की फर्म से चौखटें तैयार करने का प्लांट और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया गया है। प्रशिक्षण के साथ की माधोटांडा क्षेत्र के गांव मैनीगुलड़िया में इसके चौखट निर्माण की इकाई स्थापित करने काम भी चल रहा है। जल्द ही इस इकाई से चौखटों का निर्माण शुरू होगा।
कंक्रीट चौखट की विशेषताएं
हर मौसम के अनुकूल रहेगी।
पर्यावरण को नुकसान नहीं होगा।
बनाना और लगाना आसान है।
आग की घटनाओं में सुरक्षित रहेंगी।
लकड़ी और लोहे की अपेक्षा काफी सस्ती रहेंगी
औसत कीमत
चौखट कीमत
लकड़ी 2500-4000
लोहा 1500-2500
एल्यूमीनियम 3000-5000
कंक्रीट 1000-1200
चौखट के साथ बनेंगी ईंट और पिलर
कंक्रीट की चौखट निर्माण के साथ ही इंटरलॉक ईंट और पिलर का निर्माण भी इस इकाई में कराया जाएगा। इसके लिए सभी प्रकार की डाई (सांचे) भी मंगाए गए हैं।
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जीवन में हर व्यक्ति अपना घर का सपना देखता है और इसे पूरा करने का प्रयास भी करता है। मकान बनाने में अन्य चीजों के अलावा सबसे अहम होता है खिड़की और दरवाजे लगाने को चौखटें लगाना। अब तक प्राय: लकड़ी या लोहे की चौखटें ही प्रचलन में थीं। जंगल से सटा क्षेत्र होने के कारण जिले में लकड़ी की चौखटों का प्रचलन सबसे ज्यादा है, लेकिन अब टाइगर रिजर्व बनने से इमारती लकड़ी न केवल महंगी हुई है, बल्कि मुश्किल से मिल पा रही है। आने वाले समय में इसकी दिक्कत और बढ़ सकती है। ऐसे में डब्ल्यूडब्ल्यूएफ ने दिल्ली की एक फर्म के माध्यम से जिले में कंक्रीट की चौखटें तैयार करने की योजना बनाई है। इसके तहत जंगल से सटे क्षेत्र में काम करने वाले एक एनजीओ (वन समिति) के सदस्यों को दिल्ली की फर्म से चौखटें तैयार करने का प्लांट और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया गया है। प्रशिक्षण के साथ की माधोटांडा क्षेत्र के गांव मैनीगुलड़िया में इसके चौखट निर्माण की इकाई स्थापित करने काम भी चल रहा है। जल्द ही इस इकाई से चौखटों का निर्माण शुरू होगा।
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कंक्रीट चौखट की विशेषताएं
हर मौसम के अनुकूल रहेगी।
पर्यावरण को नुकसान नहीं होगा।
बनाना और लगाना आसान है।
आग की घटनाओं में सुरक्षित रहेंगी।
लकड़ी और लोहे की अपेक्षा काफी सस्ती रहेंगी
औसत कीमत
चौखट कीमत
लकड़ी 2500-4000
लोहा 1500-2500
एल्यूमीनियम 3000-5000
कंक्रीट 1000-1200
चौखट के साथ बनेंगी ईंट और पिलर
कंक्रीट की चौखट निर्माण के साथ ही इंटरलॉक ईंट और पिलर का निर्माण भी इस इकाई में कराया जाएगा। इसके लिए सभी प्रकार की डाई (सांचे) भी मंगाए गए हैं।