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Pilibhit News: अब पुरैनी गांव के पास पहुंचा बाघ, वनकर्मियों ने पटाखे दागकर खदेड़ा

Sat, 01 Jul 2023 12:51 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Sat, 01 Jul 2023 12:51 AM IST
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Now the tiger reached near Puraini village, the forest workers chased it by bursting firecrackers
बाघ को पकड़ने के लिए लगा पिंजरा।
पीलीभीत। किसान लालता प्रसाद की जान लेने वाले बाघ की लगातार आबादी क्षेत्र में चहलकदमी बनी हुई है। बृहस्पतिवार रात जंगल से बाहर निकला बाघ पुरैनी गांव के नजदीक पहुंच गया। वनकर्मियों की टीम ने पटाखे दागकर जंगल की ओर खदेड़ दिया। इधर, ग्रामीण रानीगंज से आगे जमुनिया गांव के निकट बाघ देखे जाने का दावा कर रहे हैं। उनका कहना है कि बाघ की चहलकदमी के निशान भी मिले हैं। वन अफसरों का कहना है कि जांच में यह सूचना सिर्फ अफवाह निकली।
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माधोटांडा के रानीगंज गांव में दो दिन पहले बाघ ने धान की रोपाई के लिए खेत तैयार कर रहे किसान लालता प्रसाद को अपना शिकार बना लिया था। घटना के बाद से ग्रामीणों में दहशत है। बाघ को पकड़ने के लिए वन विभाग ने पिंजरा लगा दिया है। पांच कैमरे लगाकर बाघ की निगरानी की जा रही है। इसके बावजूद बुधवार को बाघ जंगल से निकलकर पुरैनी गांव में किसान तारा सिंह के घर में घुस गया और उनकी गाय को मारा डाला।
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बृहस्पतिवार रात में भी बाघ जंगल से बाहर निकला। पूरनपुर रेंजर कपिल कुमार ने बताया कि बाघ की निगरानी में लगी वनकर्मियों की टीम ने बाघ को पुरैनी गांव के नजदीक देखा। वनकर्मियों ने पटाखे दागकर उसे जंगल की ओर खदेड़ दिया। इधर, ग्रामीणों का कहना है कि बाघ रानीगंज में उस खेत के पास से गुजरा जहां उसने किसान लालता प्रसाद को मारा था। यहां से बाघ जमुनिया गांव की ओर पहुंचा। इसकी सूचना वन विभाग को भी दी गई। इस मामले में पूरनपुर रेंजर कपिल कुमार का कहना है कि जंगल से बाहर रानीगंज और जमुनिया के बीच में बाघ के पैरों के निशान देखे जाने की सूचना मिली थी, लेकिन जांच पड़ताल में यह सूचना सिर्फ अफवाह निकली।
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पिंजरे और कैमरों से दूरी बनाए है बाघ
बाघ के हमले में किसान लालता प्रसाद की मौत के बाद से ही वन विभाग के अफसरों के निर्देश पर बाघ को पकड़ने के लिए रानीगंज गांव में घटना स्थल के निकट पिंजरा लगाकर उसमें बकरी को बांधा गया है। इसके अलावा निगरानी के लिए डब्ल्यूटीआई की ओर से पांच कैमरे भी लगाए गए हैं, लेकिन दो दिन बीतने के बाद भी बाघ न तो पिंजरे में कैद हुआ और न ही किसी कैमरे में उसकी गतिविधि दिखी है।
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