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अब सिंचाई विभाग को आई कार्यों की याद
अमर उजाला ब्यूरो माधोटांडा।
Updated Fri, 17 Jun 2016 11:05 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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- चहेते ठेकेदारों को काम दिलाने की कवायद फिर शुरू
- गोमती की अविरल धारा बहाने और शारदा डैम की मरम्मत का मामला
गोमती की अविरल धारा बहाने एवं शारदा डैम की जर्जर हालत सुधारने के लिए पिछले साढ़े चार वर्षों से सिंचाई विभाग को बजट नहीं मिल सका था। उधर, अब जब बरसात का कार्यकाल शुरू हो रहा है तब आननफानन में बजट को ठिकाने लगाने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है।
अवध की शोभा बढ़ाने वाली गोमती की अविरल धारा बहाने के लिए लंबे समय से समाजसेवी, जलप्रेमी एवं धार्मिक आस्था से जुड़े लोग प्रयास कर रहे हैं। गोमती यात्राएं निकालकर सरकारों को जगाने का प्रयास भी किया। हालांकि पूर्व में बसपा सरकार में 22 करोड़ रुपया स्वीकृत कर मनरेगा कार्य कराने का निर्णय लिया था, लेकिन मनरेगा से अभियंताओं की कमीशनखोरी के चलते कालाधन हाथ नहीं लगता, ऐसे में उस योजना को ही समाप्त कर दिया गया था। मात्र कुछ स्थानों पर खुदाई की औपचारिकताएं निभाई गई थीं।
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सपा सरकार के अंतिम साल में शुरू हुई कवायद
सपा सरकार के पांच वर्ष के कार्यकाल में गोमती उद्गम स्थल से अविरल धारा बहाने के लिए प्रोजेक्ट बनाकर शासन को भेजे जाते रहे, लेकिन उन पर धेला भी नहीं मिला। उधर, अब कार्यकाल के अंतिम साल में दो प्रोजेक्टों को मंजूरी दी गई है, जिसमें उद्गम स्थल से अविरल धारा बहाने के लिए माधोटांडा रजवाहा से 25 क्यूसेक पानी देने के लिए सवा दो करोड़ रुपये का एक प्रोजेक्ट, जबकि दूसरा प्रोजेक्ट पांच करोड़ रुपया का मंजूर किया गया है।
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चहेते ठेकेदारों को काम दिलाने की कवायद
शासन द्वारा स्वीकृत प्रोजेक्ट पर धनराशि भले ही रिलीज न की गई हो, लेकिन चहेते ठेकेदारों को काम दिलाने की कवायद अंदरखाने शुरू हो चुकी है। नियमता: प्रोजेक्ट के टेंडर को किसी लोकप्रिय समाचार पत्र में प्रकाशित किया जाना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। ऐसे में गोमती पर जो कार्य कराया भी जाएगा, वह पूर्व सरकारों के कार्यकाल की तरह कमीशनखोरी की भेंट चढ़ सकता है।
शारदा डैम की मरम्मत को भी शुरू हुई टेंडर प्रक्रिया
कमोवेश शारदा सागर डैम का भी यही हाल रहा। जर्जर पिचिंग मरम्मत के लिए करीब तीन साल पहले छह करोड़ के भेजे थे, लेकिन वह भी ठंडे बस्ते में पड़े रहे। उधर, अब महकमा डैम मरम्मत के प्रोजेक्ट को स्वीकृत कराकर धन रिलीज कराने जुटा है। चूंकि 15 जून से बरसात का सीजन शुरू हो जाता है और डैम में पानी का लेबल स्वत: ही बढ़ने लगता है, लेकिन फिर भी गोमती और शारदा डैम की मरम्मत और खुदाई कराने के लिए ठेकेदारों को काम का बंटवारा शुरू कर दिया है।
यहां बता दें कि शारदा सागर खंड के अधिशासी अभियंता हरीशंचद्र यादव गोमती की अविरल धारा बहाने और डैम की मरम्मत के स्वीकृत प्रोजेक्टों पर धन रिलीज कराने के लिए लखनऊ में डेरा डाले हुए हैं। इसी के चलते उनसे बात नहीं हो सकी।