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प्रशासन पर जमीन ही नहीं फिर कैसे बनेगा नया थाना 

Thu, 12 May 2016 11:15 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत Updated Thu, 12 May 2016 11:15 PM IST
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शासन से चौकि यों को थानों में तब्दील करने की योजना जमीनी स्तर पर लंबे समय बाद भी शुरू नहंी हो सकी है। सिर्फ कागजी कार्रवाई में योजना अटककर रह गई है। क्षेत्र की परेवा वैश्य चौकी को बदलकर थाने में बदलने के लिए जमीन का पेंच फंस गया है, जिसको लेकर प्रशासनिक अमले में खलबली है। 
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पिछले दिनों शासन ने क्षेत्रफल और जनसंख्या के आधार पर पुलिस चौकियों को थाने में तब्दील करने की योजना लागू की थी। जिले से क रीब बारह चौकियां चिन्हित की गई हैं। इसमें क्षेत्र की परेवा वैश्य चौकी को भी शामिल किया गया है, लेकिन कई महीने बीतने के बाद भी नागरिकों को नए थाने की सौगात नहंी मिल सकी है। कभी अधूरी कार्रवाई तो कभी जमीन का रोना। कार्य अधर में अटका हुआ है। सिर्फ प्रशासनिक अमला लगातार कार्रवाई जारी रखने की बात कह रहा है। जमीनी स्तर पर कोई खास कदम उठाए जाते नहीं दिख रहे। 
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तीन दिन पहले आए थे तहसीलदार 
थाने के लिए जमीन की तलाश करने तीन दिन पहले डीएम के आदेश पर एक टीम गांव आई थी। जिसमें तहसीलदार सदर इंद्रकांत द्विवेदी, लेखपाल नत्थूलाल समेत कई अधिकारी थे। उन्होंने नए थाने के लिए दो एकड़ सरक ारी जमीन की तलाश की, लेकिन ग्राम पंचायत में इतनी जमीन नहीं मिल सकी। जिस पर अब ग्रामीणों की खुशी में जमीन रोड़ा बन गई है। 
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ऐसे बनीं थी परेवा चौकी 
परेवा चौकी अस्सी के दशक में गांव में डबल मर्डर केस के बाद ग्रामीणों की मांग और सुरक्षा के लिहाज से बनाई गई थी। यह एक ग्रामीण के किराए के मकान में बनाई गई। बीस साल बाद इसे वहां से हटवा दिया गया और अब जूनियर हाइस्कूल की खाली पड़ी जमीन पर टीनशेड डालकर चल रही है। 



नये थाने के लिए परेवा वैश्य में जमीन की तलाश की जा रही है। तीन दिन पहले मैं टीम के साथ गांव गया था। काफी जमीन की तलाश की गई, लेकिन थाने के लिए जितनी जमीन चाहिए वह फिलहाल वहां नहीं मिल सकी है। पर्याप्त जमीन तलाशने का काम जारी है। जल्द ही इस पर कोई ठोस निर्णय लिया जाएगा।
- इंद्रकांत द्विवेदी, तहसीलदार सदर
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