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Pilibhit News: परिजनों की नहीं मिली जानकारी, लावारिस में हुआ कैदी का अंतिम संस्कार
Sun, 30 Mar 2025 11:46 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Sun, 30 Mar 2025 11:46 PM IST
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पीलीभीत। सीने में दर्द के बाद जिला अस्पताल में कैदी की मौत मामले में जेल प्रशासन को रिकॉर्ड में दर्ज पते पर परिजनों की कोई जानकारी नहीं मिल सकी। इसके बाद शव का लावारिस में बरेली की एक सामाजिक संस्था ने अंतिम संस्कार कराया। रिकॉर्ड में दर्ज कैदी का पता ट्रेस न होना बड़े सवाल खड़े कर रहा है। पुलिस अफसर जांच की बात कह रहे हैं।
जिला कारागार में दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट से संबंधित मुकदमे में सजा काट रहे कैदी की 28 मार्च को तबीयत बिगड़ी थी। सीने में दर्द होने के बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। जेल के रिकॉर्ड में मृतक का पता पूरनपुर क्षेत्र के गांव पिपरिया दुलई निवासी राजू उर्फ अब्दुल्ला (47) पुत्र श्रवण सिंह पठान के रूप में दर्ज था।
उसे वर्ष 2014 में बिलसंडा थाने में दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट से संबंधित दर्ज एक मुकदमे में 10 साल की जेल और 67 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद से वह जेल में निरुद्ध था।
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मौत के बाद जेल प्रशासन ने जब कैदी के परिजनों को सूचना भेजनी चाही तो संबंधित पते पर राजू उर्फ अब्दुल्ला नाम के किसी व्यक्ति के न रहने की जानकारी मिली। पिपरिया दुलई के ग्राम प्रधान ने पूरनपुर पुलिस को बताया कि इस नाम का कोई व्यक्ति गांव का नहीं है।
इस पर जेल प्रशासन ने उच्च अधिकारियों को सूचना देने के बाद बरेली की एक सामाजिक संस्था से संपर्क कर शव का अंतिम संस्कार कराया।
उठ रहे सवाल
रिकॉर्ड पर पता स्पष्ट न होने से पुलिस की कार्यवाही भी सवालों के घेरे में आ गई है। मामले में एसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि जांच कराई जा रही है। कैदी के मुकदमे से संबंधित रिकॉर्ड से लेकर विवेचक और तत्कालीन थाना प्रभारी का पता लगाकर स्थिति स्पष्ट कराई जाएगी। पूरे मामले की सीओ से रिपोर्ट मांगी गई है। जेल अधीक्षक राजेश पांडेय ने बताया कि रिकॉर्ड पर दर्ज पता तस्दीक न होने से कैदी का लावारिस में अंतिम संस्कार कराया गया है। इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को भी दे दी गई है।
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जिला कारागार में दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट से संबंधित मुकदमे में सजा काट रहे कैदी की 28 मार्च को तबीयत बिगड़ी थी। सीने में दर्द होने के बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। जेल के रिकॉर्ड में मृतक का पता पूरनपुर क्षेत्र के गांव पिपरिया दुलई निवासी राजू उर्फ अब्दुल्ला (47) पुत्र श्रवण सिंह पठान के रूप में दर्ज था।
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उसे वर्ष 2014 में बिलसंडा थाने में दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट से संबंधित दर्ज एक मुकदमे में 10 साल की जेल और 67 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद से वह जेल में निरुद्ध था।
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मौत के बाद जेल प्रशासन ने जब कैदी के परिजनों को सूचना भेजनी चाही तो संबंधित पते पर राजू उर्फ अब्दुल्ला नाम के किसी व्यक्ति के न रहने की जानकारी मिली। पिपरिया दुलई के ग्राम प्रधान ने पूरनपुर पुलिस को बताया कि इस नाम का कोई व्यक्ति गांव का नहीं है।
इस पर जेल प्रशासन ने उच्च अधिकारियों को सूचना देने के बाद बरेली की एक सामाजिक संस्था से संपर्क कर शव का अंतिम संस्कार कराया।
उठ रहे सवाल
रिकॉर्ड पर पता स्पष्ट न होने से पुलिस की कार्यवाही भी सवालों के घेरे में आ गई है। मामले में एसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि जांच कराई जा रही है। कैदी के मुकदमे से संबंधित रिकॉर्ड से लेकर विवेचक और तत्कालीन थाना प्रभारी का पता लगाकर स्थिति स्पष्ट कराई जाएगी। पूरे मामले की सीओ से रिपोर्ट मांगी गई है। जेल अधीक्षक राजेश पांडेय ने बताया कि रिकॉर्ड पर दर्ज पता तस्दीक न होने से कैदी का लावारिस में अंतिम संस्कार कराया गया है। इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को भी दे दी गई है।