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Pilibhit News: ठोस कार्ययोजना न बनने से नेपाल की नदियों ने फिर मचाई तबाही
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नेपाल सीमा पर शारदा में आई बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुई पुलिया।संवाद
कलीनगर। वर्षा ऋतु समाप्त होने में अभी काफी समय शेष है। इससे पहले ही सप्ताह भर पूर्व नेपाल की नदियों ने ऐसी तबाही मचाई कि नौमेंसलैंड से सटे इलाके से लेकर लगभग एक किलोमीटर क्षेत्र में शारदा नदी के दाहिने किनारे पर बंधे का काफी भाग नदी की भेंट चढ़ गया। यह बर्बादी नेपाल के क्षेत्र से आने वाली सनेडी नदी की बाढ़ और बरसात का पानी शारदा नदी में आने से हुई।
कलीनगर तहसील क्षेत्र हमेशा से नेपाल से आने वाली कई नदियों में बाढ़ के कारण बुरी तरह प्रभावित होता है। इसी कारण वर्षों से यहां से लेकर ट्रांस शारदा क्षेत्र तक ही नहीं लखीमपुर तक के लोग नदी पर तटबंध बनाने की बात करते चले आ रहे हैं, लेकिन यह क्षेत्र की जनता का दुर्भाग्य है कि दो दशक से मंत्री, अधिकारी सर्वेक्षण तो करते है पर तटबंध को लेकर कोई घोषणा नहीं करते।
इसके विपरीत पड़ोसी देश नेपाल ने अपने इलाके में मजबूत तटबंध बना लिया है। इस बार भी सप्ताह भर पूर्व जब नदियों में बाढ़ आई तो शारदा नदी का पानी तो निकल गया लेकिन नेपाल की नदियां सनेडी और जगबूढ़ा उफना गईं। बाढ़ का पानी निकलने का कोई रास्ता नहीं था। सिंचाई विभाग की लापरवाही से ठोस योजना नहीं बनाई गई, ऐसे में शारदा पर जो बंधा बनाया गया वहां का काफी भाग कट गया।
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-- नदी की बाढ़ से कुछ स्थानों पर नोमेंसलैंड से सटे इलाके में नुकसान हुआ है। ठोस बाढ़ नियंत्रण कार्य बारिश के बाद कराए जाएंगे। इस बीच वैकल्पिक कार्य अभी कर दिए जाएंगे।
-ध्रुव नारायण, सहायक अभियंता बाढ़ खंड, पूरनपुर
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कलीनगर तहसील क्षेत्र हमेशा से नेपाल से आने वाली कई नदियों में बाढ़ के कारण बुरी तरह प्रभावित होता है। इसी कारण वर्षों से यहां से लेकर ट्रांस शारदा क्षेत्र तक ही नहीं लखीमपुर तक के लोग नदी पर तटबंध बनाने की बात करते चले आ रहे हैं, लेकिन यह क्षेत्र की जनता का दुर्भाग्य है कि दो दशक से मंत्री, अधिकारी सर्वेक्षण तो करते है पर तटबंध को लेकर कोई घोषणा नहीं करते।
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इसके विपरीत पड़ोसी देश नेपाल ने अपने इलाके में मजबूत तटबंध बना लिया है। इस बार भी सप्ताह भर पूर्व जब नदियों में बाढ़ आई तो शारदा नदी का पानी तो निकल गया लेकिन नेपाल की नदियां सनेडी और जगबूढ़ा उफना गईं। बाढ़ का पानी निकलने का कोई रास्ता नहीं था। सिंचाई विभाग की लापरवाही से ठोस योजना नहीं बनाई गई, ऐसे में शारदा पर जो बंधा बनाया गया वहां का काफी भाग कट गया।
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-ध्रुव नारायण, सहायक अभियंता बाढ़ खंड, पूरनपुर