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Pilibhit News: कक्ष से हटी प्रशासनिक अधिकारी की नेम प्लेट
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विकास भवन में कक्ष के बाहर लगी प्रशानिक अधिकारी की हटाई गई नेम प्लेट।संवाद
पीलीभीत। चिकित्सा प्रतिपूर्ति के नाम पर 50 हजार की घूस लेते धरा गया पंचायत विभाग का प्रधान सहायक संजय तोमर सोमवार को भी पूरा दिन चर्चाओं में रहा। डीडीओ कार्यालय के समीप वाले कक्ष से प्रशासनिक अधिकारी की पट्टी हटा दी गई। आय से अधिक संपत्ति मामला भी सुर्खियों में रहा। हालांकि अफसर इस तरह की शिकायत से इन्कार कर रहे हैं।
विकास भवन में प्रशासनिक पद पर तैनात रहे संजय तोमर ने पूरनपुर के रहने वाले सेवानिवृत्त कर्मचारी राजीव सक्सेना से चिकित्सा प्रतिपूर्ति के नाम पर 50 हजार की रिश्वत मांगी थी। सेवानिवृत्त कर्मचारी ने मामले की शिकायत एंटी करप्शन से की। एंटी करप्शन ने शुक्रवार को दोपहर करीब तीन बजे प्रशासनिक अधिकारी को 50 हजार की रिश्वत लेते हुए उनके कार्यालय से रंगे हाथों पकड़ लिया। एंटी करप्शन टीम के पत्राचार के बाद उन्हें उनके पद से हटा दिया गया। सोमवार को डीडीओ कार्यालय के पास स्थित उनके कार्यालय के बाहर लगी प्रशासनिक अधिकारी संजय तोमर नाम की नेम प्लेट विभागीय अधिकारियों ने उतारवा ली है।
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आय से अधिक मामले की जांच की चर्चा भी तेज
संजय तोमर की आय से अधिक मामले की जांच को लेकर पूर्व में कई शिकायतें की गई। गिरफ्तारी के बाद टीम भी उसे लेकर उसके आवास और शहर में स्थित जिम में लेकर पहुंची थी। हालांकि दोनों जगह ताला पड़ा मिला था। जिले में तैनाती के बाद उसके आलिशान घर और जिम भी बनाई गई। ऐसे में उसकी संपत्ति को लेकर जांच की चर्चाएं भी तेज है। विकास विभाग में भी इसको लेकर सोमवार को दिन भर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।
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अधिकारी की जगह संजय तोमर से मिलकर लौट जाते थे फरियादी
प्रशासनिक अधिकारी के जेल जाने के बाद उसकी कार्यप्रणाली चर्चाओं में हैं। बताया जाता है कि विकास भवन पहुंचने वाले अधिकांश फरियादी व अन्य लोग अधिकारियों के कक्ष के बजाय संजय तोमर से मिलकर ही लौट जाते थे। उसका अधिकारियों में तालमेल काफी मजबूत था।
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वर्जन
आय से अधिक संपत्ति के मामले को लेकर अभी मेरे पास कोई शिकायत नहीं आई है। निलंबित होने के बाद मामले की जांच कराई जा रही है। कक्ष से प्रशासनिक अधिकारी वाली नेम प्लेट डीडीओ स्तर से हटाई गई होगी। इसकी जानकारी नहीं है। -केके सिंह, सीडीओ।
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विकास भवन में प्रशासनिक पद पर तैनात रहे संजय तोमर ने पूरनपुर के रहने वाले सेवानिवृत्त कर्मचारी राजीव सक्सेना से चिकित्सा प्रतिपूर्ति के नाम पर 50 हजार की रिश्वत मांगी थी। सेवानिवृत्त कर्मचारी ने मामले की शिकायत एंटी करप्शन से की। एंटी करप्शन ने शुक्रवार को दोपहर करीब तीन बजे प्रशासनिक अधिकारी को 50 हजार की रिश्वत लेते हुए उनके कार्यालय से रंगे हाथों पकड़ लिया। एंटी करप्शन टीम के पत्राचार के बाद उन्हें उनके पद से हटा दिया गया। सोमवार को डीडीओ कार्यालय के पास स्थित उनके कार्यालय के बाहर लगी प्रशासनिक अधिकारी संजय तोमर नाम की नेम प्लेट विभागीय अधिकारियों ने उतारवा ली है।
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आय से अधिक मामले की जांच की चर्चा भी तेज
संजय तोमर की आय से अधिक मामले की जांच को लेकर पूर्व में कई शिकायतें की गई। गिरफ्तारी के बाद टीम भी उसे लेकर उसके आवास और शहर में स्थित जिम में लेकर पहुंची थी। हालांकि दोनों जगह ताला पड़ा मिला था। जिले में तैनाती के बाद उसके आलिशान घर और जिम भी बनाई गई। ऐसे में उसकी संपत्ति को लेकर जांच की चर्चाएं भी तेज है। विकास विभाग में भी इसको लेकर सोमवार को दिन भर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।
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अधिकारी की जगह संजय तोमर से मिलकर लौट जाते थे फरियादी
प्रशासनिक अधिकारी के जेल जाने के बाद उसकी कार्यप्रणाली चर्चाओं में हैं। बताया जाता है कि विकास भवन पहुंचने वाले अधिकांश फरियादी व अन्य लोग अधिकारियों के कक्ष के बजाय संजय तोमर से मिलकर ही लौट जाते थे। उसका अधिकारियों में तालमेल काफी मजबूत था।
वर्जन
आय से अधिक संपत्ति के मामले को लेकर अभी मेरे पास कोई शिकायत नहीं आई है। निलंबित होने के बाद मामले की जांच कराई जा रही है। कक्ष से प्रशासनिक अधिकारी वाली नेम प्लेट डीडीओ स्तर से हटाई गई होगी। इसकी जानकारी नहीं है। -केके सिंह, सीडीओ।