{"_id":"58ea64874f1c1bf8335b818d","slug":"munna-bajrangi-who-arrived-in-jail-after-waiting-for-three-and-a-half-hours","type":"story","status":"publish","title_hn":"साढ़े तीन घंटे इंतजार के बाद जेल पहुंचा मुन्ना बजरंगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साढ़े तीन घंटे इंतजार के बाद जेल पहुंचा मुन्ना बजरंगी
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Sun, 09 Apr 2017 10:12 PM IST
विज्ञापन
साढ़े तीन घंटे इंतजार के बाद जेल पहुंचा मुन्ना बजरंगी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सितंबर 2005 में गाजीपुर से भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या करने समेत अन्य संगीन मुकदमों में लिप्त माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी को रविवार सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच झांसी से पीलीभीत जिला कारागार शिफ्ट करने के लिए लाया गया। स्थानांतरित करने का आदेश न मिलने के कारण बजरंगी को सुबह करीब साढ़े तीन घंटे तक जेल गेट पर पुलिस वाहन में ही रहना पड़ा। इसके बाद उसे जेल में शिफ्ट किया जा सका। इस दौरान उसके परिवार व पहचान के कई लोग भी जेल गेट पर मौजूद रहे। 24 सितंबर 2015 से झांसी जेल में बंद सुरेरी (जौनपुर) के पूरेदयाल गांव का रहने वाला माफिया डॉन प्रेम प्रकाश उर्फ मुन्ना बजरंगी को प्रशासनिक आधार पर झांसी जेल से पीलीभीत जिला कारागार शिफ्ट करने के शासन ने दो दिन पहले ही आदेश किए थे। जिसके बाद शनिवार शाम करीब सात बजे उसको भारी पुलिस बल के साथ झांसी जिला कारागार से पीलीभीत जिल कारागार शिफ्ट करने के लिए भेज दिया गया था, लेकिन जिला स्तर पर जेल प्रशासन माफिया डॉन को शिफ्ट करने संबंधी कोई आदेश आने से सुबह तक अनभिज्ञता जताता रहा। रविवार सुबह करीब दस बजे पुलिस बंदोबस्त के बीच मुन्ना बजरंगी जिला कारागार पहुंच गया। साथ आई झांसी पुलिस ने जेल अफसरों से बातचीत कर उसको शिफ्ट करने को कहा। जिसके बाद जेल प्रशासन ने शिफ्ट करने का आदेश न मिलने की बात कह माफिया डॉन को भीतर लेने से इनकार कर दिया। पुलिस लाइन से आरआई घनश्याम सिंह भी मौके पर पहुंच गए। जिसके बाद माफिया डॉन को शिफ्ट करने के लिए अभिलेखों की जांच शुरू की गई। उच्चाधिकारियों से भी संपर्क साधा गया। इस दौरान मुन्ना बजरंगी जेल गेट पर पुलिस वैन में बैठा इंतजार करता रहा। कुछ रिश्तेदार व दोस्त भी मिलने आए। जिनसे वैन के भीतर बैठकर बातचीत करता रहा। करीब साढ़े तीन घंटे बाद आदेश मिलने पर जिला कारागार में शिफ्ट किया गया।
विज्ञापन