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मानसून से निपटने को पालिका के दावे हवा हवाई
पीलीभीत।
Updated Tue, 02 Jun 2015 11:50 PM IST
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पालिका प्रशासन मानसून से निपटने को भले की लंबे चौड़े दावे कर रहा हों, लेकिन हालातों को देख पालिका के दावे हवा हवाई ही दिखते आ रहे हैं। शहर के 26 नालों में से सिर्फ आधा दर्जन नालों की ही सफाई हो पाई है। यह हाल तब है जब मानसून आने में मात्र 12 दिन शेष है। ऐसे में बारिश के दौरान शहर में जलभराव की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।
मानसून से निपटने को पालिका प्रशासन हर साल तैयारी करता है। इसमें नालों की साफ सफाई से लेकर कंट्रोलरुम की स्थापना आदि के कार्य शामिल होते हैं। इस साल भी पालिका प्रशासन ने तैयारी शुरू की है। तैयारियों पर गौर करें तो शहर में कुल 28 बड़े नाले हैं। इसमें से 26 नालोें की सफाई का कार्य शुरू किया गया है।
अमूमन 15 जून से मानसून की आमद मानी जाती है। मानसून आने से पूर्व सभी नाले साफ करने का लक्ष्य तय किया गया है। मानसून आने में सिर्फ 12 दिन शेष बचे हैं लेकिन अभी तक सभी नालों की सफाई होना तो दूर आधे नालों की सफाई भी नहीं हो सकी है।
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पालिका प्रशासन के दावे
- मानसून पूर्व 26 नालों की सफाई
- 15 जून के बाद कंट्रोलरूम की स्थापना
- संसाधनों से लैस होगा कंट्रोल रूम
- 24 घंटे कर्मचारी की रहेगी तैनाती
- 10 कर्मचारी भी रहेंगे मौजूद
आम लोगों की राय
मानसून से निपटने को शहर में कोई इंतजाम नहीं हैं। बरसात आती है, जलभराव होता है और खुद ही पानी जहां तहां बह जाता है।
प्रदीप कुमार
000
बरसात में तो शहर का हाल हर साल ही बुरा होता है। छोटे मोहल्लों को छोड़िए, पॉश कालोनियों तक ही हालत बद से बदतर ही रहती है।
रुपलाल
क्या कहते हैं जिम्मेदार
मानसून से निपटने को तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। नालों की सफाई जारी है। कंट्रोल रूम की स्थापना कर कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। मानसून से निपटने के हरसंभव इंतजाम किए जा रहे हैं।
प्रभात जायसवाल, अध्यक्ष नगरपालिका
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मानसून से निपटने को पालिका प्रशासन हर साल तैयारी करता है। इसमें नालों की साफ सफाई से लेकर कंट्रोलरुम की स्थापना आदि के कार्य शामिल होते हैं। इस साल भी पालिका प्रशासन ने तैयारी शुरू की है। तैयारियों पर गौर करें तो शहर में कुल 28 बड़े नाले हैं। इसमें से 26 नालोें की सफाई का कार्य शुरू किया गया है।
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अमूमन 15 जून से मानसून की आमद मानी जाती है। मानसून आने से पूर्व सभी नाले साफ करने का लक्ष्य तय किया गया है। मानसून आने में सिर्फ 12 दिन शेष बचे हैं लेकिन अभी तक सभी नालों की सफाई होना तो दूर आधे नालों की सफाई भी नहीं हो सकी है।
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पालिका प्रशासन के दावे
- मानसून पूर्व 26 नालों की सफाई
- 15 जून के बाद कंट्रोलरूम की स्थापना
- संसाधनों से लैस होगा कंट्रोल रूम
- 24 घंटे कर्मचारी की रहेगी तैनाती
- 10 कर्मचारी भी रहेंगे मौजूद
आम लोगों की राय
मानसून से निपटने को शहर में कोई इंतजाम नहीं हैं। बरसात आती है, जलभराव होता है और खुद ही पानी जहां तहां बह जाता है।
प्रदीप कुमार
000
बरसात में तो शहर का हाल हर साल ही बुरा होता है। छोटे मोहल्लों को छोड़िए, पॉश कालोनियों तक ही हालत बद से बदतर ही रहती है।
रुपलाल
क्या कहते हैं जिम्मेदार
मानसून से निपटने को तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। नालों की सफाई जारी है। कंट्रोल रूम की स्थापना कर कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। मानसून से निपटने के हरसंभव इंतजाम किए जा रहे हैं।
प्रभात जायसवाल, अध्यक्ष नगरपालिका