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मीरपुर बुखार पीड़ित 100 के पार
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बीसलपुर के गांव मीरपुर में स्वास्थ्य विभाग के विरोध में प्रदर्शन करते ग्रामीण।
- फोटो : PILIBHIT
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बीसलपुर। स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी के चलते गांव मीरपुर वाहनपुर में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। कुछ ही दिनों में बुखार पीड़ितों का आंकड़ा 100 के पार पहुंच गया है। तीन लोगों की बुखार से मौत भी हो चुकी है। पीड़ित सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम का इंतजार करते रहे लेकिन टीम नहीं पहुंची। जिससे क्षुब्ध होकर ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग के विरोध में प्रदर्शन भी किया।
मीरपुर वाहनपुर के प्रधान मोहम्मद मियां ने बताया कि उनके गांव में करीब एक माह पूर्व बुखार ने दस्तक दी थी। उन्होंने उसी समय स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को बुखार फैलने की सूचना दे दी थी लेकिन स्वास्थ्य विभाग का एक भी कर्मचारी गांव में नहीं आयाद्य। जिससे बुखार विकराल रूप धारण करता चला गया। गांव में बुखार पीड़ितों का आंकड़ा अब 100 के पार हो गया है। अमर उजाला की खबर का संज्ञान में लेते हुए एसडीएम राकेश गुप्ता ने सीएचसी अधीक्षक डॉ. ठाकुरदास और बीडीओ सुनील वर्मा को मीरपुर वाहनपुर में अपने अपने विभागों की टीमें भेजकर राहत कार्य करने के निर्देश दिए थे। एसडीएम के स्पष्ट आदेश के बावजूद इनमें से किसी भी विभाग की टीम सोमवार को गांव में नहीं पहुंची। बुखार पीड़ित स्वास्थ्य विभाग की टीम का शाम तक इंतजार करते रहे। टीम के न आने से क्षुब्ध होकर ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग के विरोध में प्रदर्शन और नारेबाजी की। ग्रामीणों ने यह प्रदर्शन ग्राम प्रधान मोहम्मद मियां के नेतृत्व में किया। प्रदर्शन करने वालों में एमए अंसारी, आले नवी, राजू मंसूरी और दानिश समेत काफी लोग थे। पंचायत विभाग की टीम न पहुंचने से ग्राम प्रधान ने अपने एक कार्यकर्ता से गांव में फॉॅगिंग कराई।
ये हैं नए बुखार पीड़ित
आले नवी, शैफ, महबूब, दानिश, अरसान, नईम, नदीम, फातिमा, तारा, कौशर बेगम, सल्लन, सलमा, साबिर, आरिफ, नाजिम, रूबी, फिरोज, ग्राम प्रधान मोहम्मद मियां का पुत्र आदिल, लल्ला मिंया, जुनैद, राशिद, शाहनूर, बब्बू, चांद मियां, शरीफ, चांद बाबू, अशरफ, आकिल, मैकिल, नूरजहां, नन्हें, आकिब, जाकिर, निसा, बेबी,शाकिर, जीशान, भूरा, अच्छन, बच्चन, अकरम, अफरोज, तौहीद, अलीअहमद, जमील, जहांगीर, सरफराज, इबरान, इजहार, अब्बन, साजिद, सलीम, गुड्डू, मुस्कान, शमसुल, गुडिय़ा, सईदा, शाहिद, शबनम, अकील और शराफत आदि लोग बुखार से पीड़ित हैं।
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प्रधान ने बुखार से तीन मौतें बताईं
ग्राम प्रधान मोहम्मद मिंया ने बताया कि उनके गांव के 22 वर्षीय अब्बास, पुत्र कयू्म, सलीम की पत्नी 28 वर्षीय रिजवी बेगम और आसिफ की पत्नी 30 वर्षीय शबनम की मौत बुखार से हो चुकी है। प्रधान के अनुसार इन लोगों की मौतें लगभग एक पखवाड़ा पूर्व तीन दिनों के अंतराल में हुई हैं।
गांव का हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पड़ा है बंद
गांव स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के कम्यूनिटी हेल्थ आफिसर विकास कुमार की ड्यूटी कई महीनों से सीएचसी में चल रही है। सेंटर पर केवल विकास कुमार की तैनाती होने के कारण सेंटर बंद पड़ा है। ऐसे में ग्रामीण इस सेंटर से लाभ नहीं ले पा रहे हैं।
चार स्थानों पर चल रहा है बुखार पीड़ितों का उपचार
सामान्य रूप से पीड़ितों का उपचार मीरपुर वाहनपुर के ही प्राइवेट अस्पतालों में चल रहा है। गंभीर रूप से पीड़ितों का उपचार बीसलपुर के अलग-अलग प्राइवेट अस्पतालों में चल रहा है। बेहद गंभीर रूप से पीड़ितों का उपचार बरेली के चार प्राइवेट अस्पतालों में चल रहा है। बेहद चिंताजनक हालत वाले आकिल का उपचार दिल्ली के एक प्राइवेट अस्पताल में चल रहा है।
दबंगों ने आबादी से सटाकर डाल रखे हैं कूड़े
गांव के कुछ दबंगों ने आबादी से सटाकर घूरे डाल रखे हैं। घूरों में पड़ी गंदगी से गांव में संक्रामक रोग फैलने की स्थिति पैदा हो चुकी है। गांव में बड़े पैमाने पर फैले बुखार की जड़ में यह घूरे भी माने जा रहेे हैं। ग्राम प्रधान मोहम्मद मिंया ने बताया कि उन्हेांने संबंधित लोगों से कई बार घूरा हटाने को कहा लेकिन वे लेाग घूरा हटाने को तैयार नहीं। ग्रामीणों का मानना है कि यदि घूरे हट जाए तो काफी राहत मिल सकती है।
16 हजार की आबादी वाले गांव में हैं केवल दो सफाईकर्मी
मीरपुर वाहनपुर की आबादी 16 हजार से अधिक है। मानक के अनुरूप इस गांव में चार सफाई कर्मचारी होने चाहिए, लेकिन केवल दो सफाई कर्मचारी हैं। एक सफाई कर्मचारी आजकल छुट्टी पर है। ऐसे में पूरे गांव की सफाई व्यवस्था केवल एक सफाई कर्मचारी पर आश्रित है।इतने बड़े गांव में एक सफाई कर्मचारी आजकल कैसे सफाई कर रहा होगा, बड़ी आसानी से अनुमान लगाया जा सकता है। प्रधान मंोहम्मद मियां ने बताया कि उन्हेांने विभागीय उच्चाधिकारियों से कई बार मानक के अनुरूप सफाई कर्मी तैनात कराने की मंाग की लेकिन आजतक कोई सुनवाई नहीं हुई।
अमर उजाला के आठ नवंबर के अंक में मीरपुर वाहनपुर में बुखार फैलने संबंधी समाचार को पढ़ते ही उन्होंने सीएचसी अधीक्षक डॉ. ठाकुरदास और बीडीओ सुनील वर्मा को गांव में तत्काल अपने विभागों की टीमें रोकथाम करने के लिए भेजने के निर्देश दे दिए हैं। - राकेश कुमार गुप्ता, एसडीएम बीसलपुर।
एसडीएम का निर्देश मिलते ही उन्हेांने सफाई कर्मियों की टीम मीरपुर वाहनपुर में विशेष सफाई अभियान चलाने के लिए भेज दी है।- सुनील वर्मा, बीडीओ, बीसलपुर।
वह लखनऊ से एक माह का विभागीय प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद सोमवार को ही ड्यूटी पर लौटे हैं। उन्होंने बताया कि आठ नवंबर के अमर उजाला में खबर पढ़ने के बाद उन्होंने जानकारी कराई है, जिसमें पता चला है कि मीरपुर वाहनपुर में वायरल बुखार चल रहा है। गांव में बुखार से अभी तक किसी की मौत नहीं हुई। पीड़ितों को समीपवर्ती प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चुर्रासकतपुर में उपचार कराने को कह दिया गया है। जरूरत पडनेृ पर पीड़ित सीएचसी में भी आकर उपचार करा सकते हैं। - डॉ ठाकुरदास, अधीक्षक, सीएचसी बीसलपुर
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मीरपुर वाहनपुर के प्रधान मोहम्मद मियां ने बताया कि उनके गांव में करीब एक माह पूर्व बुखार ने दस्तक दी थी। उन्होंने उसी समय स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को बुखार फैलने की सूचना दे दी थी लेकिन स्वास्थ्य विभाग का एक भी कर्मचारी गांव में नहीं आयाद्य। जिससे बुखार विकराल रूप धारण करता चला गया। गांव में बुखार पीड़ितों का आंकड़ा अब 100 के पार हो गया है। अमर उजाला की खबर का संज्ञान में लेते हुए एसडीएम राकेश गुप्ता ने सीएचसी अधीक्षक डॉ. ठाकुरदास और बीडीओ सुनील वर्मा को मीरपुर वाहनपुर में अपने अपने विभागों की टीमें भेजकर राहत कार्य करने के निर्देश दिए थे। एसडीएम के स्पष्ट आदेश के बावजूद इनमें से किसी भी विभाग की टीम सोमवार को गांव में नहीं पहुंची। बुखार पीड़ित स्वास्थ्य विभाग की टीम का शाम तक इंतजार करते रहे। टीम के न आने से क्षुब्ध होकर ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग के विरोध में प्रदर्शन और नारेबाजी की। ग्रामीणों ने यह प्रदर्शन ग्राम प्रधान मोहम्मद मियां के नेतृत्व में किया। प्रदर्शन करने वालों में एमए अंसारी, आले नवी, राजू मंसूरी और दानिश समेत काफी लोग थे। पंचायत विभाग की टीम न पहुंचने से ग्राम प्रधान ने अपने एक कार्यकर्ता से गांव में फॉॅगिंग कराई।
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आले नवी, शैफ, महबूब, दानिश, अरसान, नईम, नदीम, फातिमा, तारा, कौशर बेगम, सल्लन, सलमा, साबिर, आरिफ, नाजिम, रूबी, फिरोज, ग्राम प्रधान मोहम्मद मियां का पुत्र आदिल, लल्ला मिंया, जुनैद, राशिद, शाहनूर, बब्बू, चांद मियां, शरीफ, चांद बाबू, अशरफ, आकिल, मैकिल, नूरजहां, नन्हें, आकिब, जाकिर, निसा, बेबी,शाकिर, जीशान, भूरा, अच्छन, बच्चन, अकरम, अफरोज, तौहीद, अलीअहमद, जमील, जहांगीर, सरफराज, इबरान, इजहार, अब्बन, साजिद, सलीम, गुड्डू, मुस्कान, शमसुल, गुडिय़ा, सईदा, शाहिद, शबनम, अकील और शराफत आदि लोग बुखार से पीड़ित हैं।
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ग्राम प्रधान मोहम्मद मिंया ने बताया कि उनके गांव के 22 वर्षीय अब्बास, पुत्र कयू्म, सलीम की पत्नी 28 वर्षीय रिजवी बेगम और आसिफ की पत्नी 30 वर्षीय शबनम की मौत बुखार से हो चुकी है। प्रधान के अनुसार इन लोगों की मौतें लगभग एक पखवाड़ा पूर्व तीन दिनों के अंतराल में हुई हैं।
गांव का हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पड़ा है बंद
गांव स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के कम्यूनिटी हेल्थ आफिसर विकास कुमार की ड्यूटी कई महीनों से सीएचसी में चल रही है। सेंटर पर केवल विकास कुमार की तैनाती होने के कारण सेंटर बंद पड़ा है। ऐसे में ग्रामीण इस सेंटर से लाभ नहीं ले पा रहे हैं।
चार स्थानों पर चल रहा है बुखार पीड़ितों का उपचार
सामान्य रूप से पीड़ितों का उपचार मीरपुर वाहनपुर के ही प्राइवेट अस्पतालों में चल रहा है। गंभीर रूप से पीड़ितों का उपचार बीसलपुर के अलग-अलग प्राइवेट अस्पतालों में चल रहा है। बेहद गंभीर रूप से पीड़ितों का उपचार बरेली के चार प्राइवेट अस्पतालों में चल रहा है। बेहद चिंताजनक हालत वाले आकिल का उपचार दिल्ली के एक प्राइवेट अस्पताल में चल रहा है।
दबंगों ने आबादी से सटाकर डाल रखे हैं कूड़े
गांव के कुछ दबंगों ने आबादी से सटाकर घूरे डाल रखे हैं। घूरों में पड़ी गंदगी से गांव में संक्रामक रोग फैलने की स्थिति पैदा हो चुकी है। गांव में बड़े पैमाने पर फैले बुखार की जड़ में यह घूरे भी माने जा रहेे हैं। ग्राम प्रधान मोहम्मद मिंया ने बताया कि उन्हेांने संबंधित लोगों से कई बार घूरा हटाने को कहा लेकिन वे लेाग घूरा हटाने को तैयार नहीं। ग्रामीणों का मानना है कि यदि घूरे हट जाए तो काफी राहत मिल सकती है।
16 हजार की आबादी वाले गांव में हैं केवल दो सफाईकर्मी
मीरपुर वाहनपुर की आबादी 16 हजार से अधिक है। मानक के अनुरूप इस गांव में चार सफाई कर्मचारी होने चाहिए, लेकिन केवल दो सफाई कर्मचारी हैं। एक सफाई कर्मचारी आजकल छुट्टी पर है। ऐसे में पूरे गांव की सफाई व्यवस्था केवल एक सफाई कर्मचारी पर आश्रित है।इतने बड़े गांव में एक सफाई कर्मचारी आजकल कैसे सफाई कर रहा होगा, बड़ी आसानी से अनुमान लगाया जा सकता है। प्रधान मंोहम्मद मियां ने बताया कि उन्हेांने विभागीय उच्चाधिकारियों से कई बार मानक के अनुरूप सफाई कर्मी तैनात कराने की मंाग की लेकिन आजतक कोई सुनवाई नहीं हुई।
अमर उजाला के आठ नवंबर के अंक में मीरपुर वाहनपुर में बुखार फैलने संबंधी समाचार को पढ़ते ही उन्होंने सीएचसी अधीक्षक डॉ. ठाकुरदास और बीडीओ सुनील वर्मा को गांव में तत्काल अपने विभागों की टीमें रोकथाम करने के लिए भेजने के निर्देश दे दिए हैं। - राकेश कुमार गुप्ता, एसडीएम बीसलपुर।
एसडीएम का निर्देश मिलते ही उन्हेांने सफाई कर्मियों की टीम मीरपुर वाहनपुर में विशेष सफाई अभियान चलाने के लिए भेज दी है।- सुनील वर्मा, बीडीओ, बीसलपुर।
वह लखनऊ से एक माह का विभागीय प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद सोमवार को ही ड्यूटी पर लौटे हैं। उन्होंने बताया कि आठ नवंबर के अमर उजाला में खबर पढ़ने के बाद उन्होंने जानकारी कराई है, जिसमें पता चला है कि मीरपुर वाहनपुर में वायरल बुखार चल रहा है। गांव में बुखार से अभी तक किसी की मौत नहीं हुई। पीड़ितों को समीपवर्ती प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चुर्रासकतपुर में उपचार कराने को कह दिया गया है। जरूरत पडनेृ पर पीड़ित सीएचसी में भी आकर उपचार करा सकते हैं। - डॉ ठाकुरदास, अधीक्षक, सीएचसी बीसलपुर