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गन्ना राज्यमंत्री जिले के, फिर क्यों नहीं मिल रहा भुगतानः वीएम
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किसानों से बातचीत करते वीएम सिंह। संवाद
- फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। किसान नेता वीएम सिंह ने अबकी बार बकाया गन्ना मूल्य और ब्याज के सवाल पर सीधे गन्ना विकास एवं चीनी मिल राज्यमंत्री संजय गंगवार को सवालों के घेरे में ले लिया। उन्होंने कहा कि जब गन्ना विकास और चीनी मिल राज्यमंत्री इसी जिले के हैं तो किसानों को समय पर गन्ना मूल्य का भुगतान क्यों नहीं हो सका।
अब गन्ना मूल्य मिलने में देरी क्यों है? जब बकाया पर ब्याज का प्रावधान है तो फिर ब्याज का भुगतान क्यों नहीं हो रहा है। वीएम सिंह ज्योराह कल्यानपुर गांव में बुधवार को किसानों के बीच सभा कर रहे थे। सभा में उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों के भुगतान और ब्याज के सवाल पर राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन लंबे समय से संघर्ष कर रहा है।
यह एक मात्र ऐसा संगठन है, जिसने किसानों को कानूनी लड़ाई लड़कर हक दिलाया है। संघर्ष अभी पूरा नहीं हुआ है। बकाया मूल्य पर ब्याज के सवाल पर मामला हाईकोर्ट में है। इसमें 18 मई को सुनवाई होनी थी। अब अगली तिथि मिलेगी लेकिन चीनी मिलों को अंतत: बकाया पर ब्याज का भुगतान करना ही पड़ेगा।
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साथ ही समय पर भुगतान के लिए तैयार होना पड़ेगा। इसके बगैर संगठन की लड़ाई पूरी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों को पिछले बकाया पर ब्याज मिलेगा। चीनी मिलें ब्याज से बचने के लिए आने वाले दिनों में खुद गन्ना क्रय करने के 14 दिन में भुगतान करेंगी।
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अब गन्ना मूल्य मिलने में देरी क्यों है? जब बकाया पर ब्याज का प्रावधान है तो फिर ब्याज का भुगतान क्यों नहीं हो रहा है। वीएम सिंह ज्योराह कल्यानपुर गांव में बुधवार को किसानों के बीच सभा कर रहे थे। सभा में उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों के भुगतान और ब्याज के सवाल पर राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन लंबे समय से संघर्ष कर रहा है।
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यह एक मात्र ऐसा संगठन है, जिसने किसानों को कानूनी लड़ाई लड़कर हक दिलाया है। संघर्ष अभी पूरा नहीं हुआ है। बकाया मूल्य पर ब्याज के सवाल पर मामला हाईकोर्ट में है। इसमें 18 मई को सुनवाई होनी थी। अब अगली तिथि मिलेगी लेकिन चीनी मिलों को अंतत: बकाया पर ब्याज का भुगतान करना ही पड़ेगा।
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साथ ही समय पर भुगतान के लिए तैयार होना पड़ेगा। इसके बगैर संगठन की लड़ाई पूरी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों को पिछले बकाया पर ब्याज मिलेगा। चीनी मिलें ब्याज से बचने के लिए आने वाले दिनों में खुद गन्ना क्रय करने के 14 दिन में भुगतान करेंगी।