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Pilibhit News: खनन रॉयल्टी सत्यापन का गरमाया मामला, एएमए और डाटा ऑपरेटर की प्रमुख सचिव से शिकायत
Tue, 08 Sep 2026 11:45 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Tue, 08 Sep 2026 11:45 PM IST
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पीलीभीत। जिला पंचायत में खनन रॉयल्टी के ऑनलाइन सत्यापन का मामला गरमा गया है। मैसर्स जीवी कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर्स की प्रोपराइटर उषा देवी ने आईजीआरएस के माध्यम से पंचायती राज विभाग के प्रमुख सचिव को शिकायती पत्र भेजकर जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी और कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में डीएम की ओर से शासन को भेजी गई आख्या का हवाला भी दिया गया है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि खनन विभाग के ई-पोर्टल पर रॉयल्टी चालान के सत्यापन में वित्तीय अनियमितता की गई। पत्र में दावा किया गया है कि पोर्टल पर कुल 19 बार शून्य दर दर्ज कर ऑनलाइन सत्यापन किया गया, इससे राजकीय राजस्व को नुकसान पहुंचने की स्थिति बनी। शिकायत में इसे वित्तीय नियमों की अनदेखी बताते हुए संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता ने कहा है कि डीएम की ओर से एएमए के खिलाफ पूर्व में भी शासन को पत्राचार किया जा चुका है। इसके बावजूद अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर सवाल उठाए गए हैं। फर्म के डिबार होने के बाद सामने आए इस प्रकरण ने जिला पंचायत की कार्यप्रणाली और खनन रॉयल्टी सत्यापन व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब निगाह शासन स्तर से होने वाली कार्रवाई पर टिकी है। वहीं इस मामले में डीएम ज्ञानेंद्र सिंह का कहना है कि पूरे मामले की जांच चल रही है। जांच रिपोर्ट मिलने पर आगे की कार्रवाई होगी।
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शिकायतकर्ता का आरोप है कि खनन विभाग के ई-पोर्टल पर रॉयल्टी चालान के सत्यापन में वित्तीय अनियमितता की गई। पत्र में दावा किया गया है कि पोर्टल पर कुल 19 बार शून्य दर दर्ज कर ऑनलाइन सत्यापन किया गया, इससे राजकीय राजस्व को नुकसान पहुंचने की स्थिति बनी। शिकायत में इसे वित्तीय नियमों की अनदेखी बताते हुए संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग की गई है।
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शिकायतकर्ता ने कहा है कि डीएम की ओर से एएमए के खिलाफ पूर्व में भी शासन को पत्राचार किया जा चुका है। इसके बावजूद अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर सवाल उठाए गए हैं। फर्म के डिबार होने के बाद सामने आए इस प्रकरण ने जिला पंचायत की कार्यप्रणाली और खनन रॉयल्टी सत्यापन व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब निगाह शासन स्तर से होने वाली कार्रवाई पर टिकी है। वहीं इस मामले में डीएम ज्ञानेंद्र सिंह का कहना है कि पूरे मामले की जांच चल रही है। जांच रिपोर्ट मिलने पर आगे की कार्रवाई होगी।
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