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Pilibhit News: मुजफ्फरनगर में लगा शहीद मेला, बलिदानियों को दी श्रद्धांजलि
Tue, 21 Jan 2025 12:13 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Tue, 21 Jan 2025 12:13 AM IST
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पूरनपुर के गांव मुजफ्फरनगर में शहीद स्मारक पर पुष्प चढ़ाते विधायक, एसडीएम और अन्य।संवाद
पूरनपुर। बलिदानी नत्थूलाल, माखन लाल की याद में गांव मुजफ्फरनगर में 35वां शहीद मेला लगा। मेले में नत्थूलाल, माखन लाल को याद कर शहीद स्मारक पर लोगों ने श्रद्धासुमन अर्पित किए।
गोष्ठी में विधायक बाबूराम पासवान ने कहा कि देश की खातिर अपने प्राणों की आहुति देने वाले बलिदानियों को भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि गांव के नत्थूलाल, माखन लाल ने देश हित में 20 जनवरी 1937 को अपने प्राणों की आहुती दी। आज तक इस गांव को लोग शहीद गांव से जानते हैं।
गोष्ठी में एसडीएम अजीत प्रताप सिंह, शहीद ग्रामो उत्थान समिति के अध्यक्ष ओमपाल सिंह, ग्राम प्रधान नरेश पाल सिंह, रामरतन, श्यामलाल आदि ने विचार रखें। शहीद मेला और गांव के विकास को उपेक्षा पर रोष व्यक्त किया गया।
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इससे पहले विधायक, एसडीएम, प्रधान नरेश पाल सिंह, ओमपाल सिंह, आरके दीक्षित आदि ने शहीद स्मारक पहुंचकर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। समारोह में शहीद के परिजनों के साथ ही जरूरतमंदों को विधायक बाबूराम पासवान ने कंबल दिए।
1989 से गांव में आयोजित है मेला
वर्ष 1937 में बलिदान हुए गांव के नत्थूलाल, माखन लाल की याद में पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने वर्ष 1989 में गांव पहुंचकर शहीद स्मारक के शिलापट का अनावरण किया था। तब से गांव में तीन दिवसीय शहीद मेला लगता था। जिला स्तरीय अफसर भी मेला में पहुुंचते थे। विभिन्न प्रदर्शनियां भी लगाई जाती थी। अब मेला मात्र एक दिवसीय लगता है। पिछले साल मेला में कोई अधिकारी नहीं पहुंचे थे। इस बार भी शहीद ग्रामोत्थान समिति की ओर से कई अधिकारियों और नेताओं को आमंत्रित किया गया था, लेकिन जिला स्तरीय कोई अधिकारी इस बार भी मेले नहीं पहुंचा। इसको लेकर लोगों ने रोष व्यक्त किया।
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गोष्ठी में विधायक बाबूराम पासवान ने कहा कि देश की खातिर अपने प्राणों की आहुति देने वाले बलिदानियों को भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि गांव के नत्थूलाल, माखन लाल ने देश हित में 20 जनवरी 1937 को अपने प्राणों की आहुती दी। आज तक इस गांव को लोग शहीद गांव से जानते हैं।
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गोष्ठी में एसडीएम अजीत प्रताप सिंह, शहीद ग्रामो उत्थान समिति के अध्यक्ष ओमपाल सिंह, ग्राम प्रधान नरेश पाल सिंह, रामरतन, श्यामलाल आदि ने विचार रखें। शहीद मेला और गांव के विकास को उपेक्षा पर रोष व्यक्त किया गया।
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इससे पहले विधायक, एसडीएम, प्रधान नरेश पाल सिंह, ओमपाल सिंह, आरके दीक्षित आदि ने शहीद स्मारक पहुंचकर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। समारोह में शहीद के परिजनों के साथ ही जरूरतमंदों को विधायक बाबूराम पासवान ने कंबल दिए।
1989 से गांव में आयोजित है मेला
वर्ष 1937 में बलिदान हुए गांव के नत्थूलाल, माखन लाल की याद में पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने वर्ष 1989 में गांव पहुंचकर शहीद स्मारक के शिलापट का अनावरण किया था। तब से गांव में तीन दिवसीय शहीद मेला लगता था। जिला स्तरीय अफसर भी मेला में पहुुंचते थे। विभिन्न प्रदर्शनियां भी लगाई जाती थी। अब मेला मात्र एक दिवसीय लगता है। पिछले साल मेला में कोई अधिकारी नहीं पहुंचे थे। इस बार भी शहीद ग्रामोत्थान समिति की ओर से कई अधिकारियों और नेताओं को आमंत्रित किया गया था, लेकिन जिला स्तरीय कोई अधिकारी इस बार भी मेले नहीं पहुंचा। इसको लेकर लोगों ने रोष व्यक्त किया।