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लॉकडाउन ने किया बेजार.. अब दिवाली चमकाएगी कारोबार
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शहर के एक ज्वैलरी शोरूम में रखे आभूषण।
- फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। कोरोना से लगा लॉकडाउन का ग्रहण अब हट चुका है। त्योहारी सीजन आते ही बाजार में भी तेजी देखी जाने लगी है। इसका असर व्यापार और सोने-चांदी के भाव में लगातार होने वाले उतार चढ़ाव से देखने को मिल रहा है। लॉकडाउन में बाजार बंद होने और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव से सोने और चांदी के भाव आसमान छू रहे थे मगर पिछले कुछ दिनों से सोने के दामों मेें लगातार गिरावट देखी जा रही है। सराफा कारोबारियों के मुताबिक दिवाली तक सोने-चांदी के दामों और कमी होने की उम्मीद है, जिससे कारोबार बढ़ेगा।
मार्च में लॉकडाउन लगने से पूरी अर्थव्यवस्था मंदी की चपेट में आ गई। जून तक कोई भी कारोबार नहीं हो पाया। जुलाई में बाजार खुला तो भी व्यापार नहीं उठ पाया। बाद में पितृ पक्ष आ गए। उसमें सोने और चांदी की कीमतों ने अचानक उछाल मारा मगर, पितृ पक्ष के बाद सोने के दामों में गिरावट है। शहर में सराफा के एक दर्जन शोरूम और 250 से अधिक दुकानें हैं। जुलाई में सोने के दाम 58 हजार रुपये प्रति दस ग्राम तक पहुंच गए थे, मगर उसके बाद सोने का भाव गिर गया। अगस्त के अंतिम दिनों में सोना 54 हजार रुपये प्रति दस ग्राम था। सितंबर तक सोने के दामों में भारी गिरावट दर्ज की गई। मगर अक्तूबर के दूसरे सप्ताह में सोने के भाव में एक हजार रुपये का उतार चढ़ाव फिलहाल बना हुआ है। फिलहाल शुक्रवार को सोने के दाम 51 हजार प्रति दस ग्राम था। कारोबारियों के मुताबिक सोने के भाव में यह उतार चढ़ाव दिवाली तक चलता रहेगा। सराफा कोरोबारियों को उम्मीद है कि नवरात्र, दहशरा और दिवाली के त्योहारी सीजन में सराफा बाजार में भी रौनक लौट सकेगी। इधर धान की फसल भी कटने लगी है। मार्केट में करेंसी की जो कमी लॉकडाउन से चली आ रही थी, अब उस स्थिति में भी सुधार होगा। किसानों का पैसा भी बाजार में आएगा तो सराफा बाजार चमकेगा। फिर आने वाले दिनों में शुभ काम जैसे शादी-बरात भी शुरू हो जाएंगे तो सराफा कारोबार लॉकडाउन के घाटे से उबरेगा। ऐसा कारोबारियों का मानना है।
कारोबारी बोले- निवेशकों के लिए अच्छा मौका
सोना हमेशा निवेशकों की सबसे पहली पसंद रहती है और संकट के समय व्यक्ति का असली साथी भी यही साबित होता है। सराफा कारोबारियों के मुताबिक सोने के भाव में जब गिरावट हो, तो निवेश करना हमेशा बेहतर होता है। सोना खरीदने से आने वाले दिनों में अच्छा रिटर्न मिल सकता है। वहीं बैंकों ने अपनी ब्याज दरें घटा दी हैं। ऐसे में सोना ही सबसे अच्छा निवेश है। कुछ कारोबारियों का मानना है कि साल के अंत तक सोना अपने ऐतिहासिक उछाल के स्तर पर भी पहुंच सकता है। फिलहाल दिवाली तक सोने-चांदी के भाव में उतार-चढ़ाव मामूली तौर पर जारी रहेगा। ऐसी स्थिति में निवेशकों के लिए यह उचित मौका है।
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सोने-चांदी के भाव में गिरावट जरूर हुई है, मगर अब आने वाले दिनों में दिवाली तक यह उतार चढ़ाव चलते रहने की संभावना है। उम्मीद है कि त्योहारी सीजन में सराफा बाजार की स्थिति बेहतर हो सकेगी।
शैली अग्रवाल, महामंत्री, सराफा एसोसिएशन
लॉकडाउन से लेकर अब तक सराफा कारोबार तो लगभग ठप जैसा ही हो गया था, मगर अब त्योहारी सीजन नजदीक है, धान की कटाई भी चल रही है। उम्मीद है कि आने वाले कुछ दिनों में स्थिति में सुधार आएगा।
राजीव अग्रवाल, सराफा कारोबारी
लॉकडाउन के बाद से सोने के भाव में गिरावट आई है। अभी सोने-चांदी के दाम में उतार चढ़ाव चल रहा है, मगर जल्द ही सोने के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने की संभावना है। निवेशकों के लिए यह सही समय है।
संजीव अग्रवाल, सराफा कारोबारी
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मार्च में लॉकडाउन लगने से पूरी अर्थव्यवस्था मंदी की चपेट में आ गई। जून तक कोई भी कारोबार नहीं हो पाया। जुलाई में बाजार खुला तो भी व्यापार नहीं उठ पाया। बाद में पितृ पक्ष आ गए। उसमें सोने और चांदी की कीमतों ने अचानक उछाल मारा मगर, पितृ पक्ष के बाद सोने के दामों में गिरावट है। शहर में सराफा के एक दर्जन शोरूम और 250 से अधिक दुकानें हैं। जुलाई में सोने के दाम 58 हजार रुपये प्रति दस ग्राम तक पहुंच गए थे, मगर उसके बाद सोने का भाव गिर गया। अगस्त के अंतिम दिनों में सोना 54 हजार रुपये प्रति दस ग्राम था। सितंबर तक सोने के दामों में भारी गिरावट दर्ज की गई। मगर अक्तूबर के दूसरे सप्ताह में सोने के भाव में एक हजार रुपये का उतार चढ़ाव फिलहाल बना हुआ है। फिलहाल शुक्रवार को सोने के दाम 51 हजार प्रति दस ग्राम था। कारोबारियों के मुताबिक सोने के भाव में यह उतार चढ़ाव दिवाली तक चलता रहेगा। सराफा कोरोबारियों को उम्मीद है कि नवरात्र, दहशरा और दिवाली के त्योहारी सीजन में सराफा बाजार में भी रौनक लौट सकेगी। इधर धान की फसल भी कटने लगी है। मार्केट में करेंसी की जो कमी लॉकडाउन से चली आ रही थी, अब उस स्थिति में भी सुधार होगा। किसानों का पैसा भी बाजार में आएगा तो सराफा बाजार चमकेगा। फिर आने वाले दिनों में शुभ काम जैसे शादी-बरात भी शुरू हो जाएंगे तो सराफा कारोबार लॉकडाउन के घाटे से उबरेगा। ऐसा कारोबारियों का मानना है।
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कारोबारी बोले- निवेशकों के लिए अच्छा मौका
सोना हमेशा निवेशकों की सबसे पहली पसंद रहती है और संकट के समय व्यक्ति का असली साथी भी यही साबित होता है। सराफा कारोबारियों के मुताबिक सोने के भाव में जब गिरावट हो, तो निवेश करना हमेशा बेहतर होता है। सोना खरीदने से आने वाले दिनों में अच्छा रिटर्न मिल सकता है। वहीं बैंकों ने अपनी ब्याज दरें घटा दी हैं। ऐसे में सोना ही सबसे अच्छा निवेश है। कुछ कारोबारियों का मानना है कि साल के अंत तक सोना अपने ऐतिहासिक उछाल के स्तर पर भी पहुंच सकता है। फिलहाल दिवाली तक सोने-चांदी के भाव में उतार-चढ़ाव मामूली तौर पर जारी रहेगा। ऐसी स्थिति में निवेशकों के लिए यह उचित मौका है।
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सोने-चांदी के भाव में गिरावट जरूर हुई है, मगर अब आने वाले दिनों में दिवाली तक यह उतार चढ़ाव चलते रहने की संभावना है। उम्मीद है कि त्योहारी सीजन में सराफा बाजार की स्थिति बेहतर हो सकेगी।
शैली अग्रवाल, महामंत्री, सराफा एसोसिएशन
लॉकडाउन से लेकर अब तक सराफा कारोबार तो लगभग ठप जैसा ही हो गया था, मगर अब त्योहारी सीजन नजदीक है, धान की कटाई भी चल रही है। उम्मीद है कि आने वाले कुछ दिनों में स्थिति में सुधार आएगा।
राजीव अग्रवाल, सराफा कारोबारी
लॉकडाउन के बाद से सोने के भाव में गिरावट आई है। अभी सोने-चांदी के दाम में उतार चढ़ाव चल रहा है, मगर जल्द ही सोने के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने की संभावना है। निवेशकों के लिए यह सही समय है।
संजीव अग्रवाल, सराफा कारोबारी