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Pilibhit News: जिले में बिना पंजीकरण चल रहे कई कोचिंग सेंटर, जिम्मेदार बेपरवाह
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पीलीभीत। जिले में काफी समय से बिना पंजीकरण कई कोचिंग सेंटर संचालित हैं। छोटे-छोटे कमरों में चलने वाली इन कोचिंग में सुरक्षा संबंधी कोई इंतजाम नहीं हैं। पार्किंग की व्यवस्था न होने से विद्यार्थी अपने वाहन सड़कों पर ही खड़े करते हैं। विभागीय अफसरों की अनदेखी के कारण अवैध कोचिंग सेंटरों का धंधा खूब बढ़ रहा है।
कोचिंग संचालन के लिए शासन ने मानक तय किए हुए हैं। इसमें उनका पंजीकरण होना भी जरूरी है। इसके अलावा अग्निशमन विभाग से एनओसी, कोचिंग सेंटर पर अग्निशमन यंत्र, कुशल शिक्षक, बैठने की उचित व्यवस्था, शौचालय, पीने का पानी, बिजली, पंखा, लाइट, पार्किंग स्थल, फीस निर्धारण और उचित साफ-सफाई होना मानकों में शामिल है।
जिले में संचालित कोचिंग सेंटर की जांच के लिए न तो अग्निशमन विभाग के पास फुर्सत है और न ही डीआईओएस के पास। लिहाजा गली-मोहल्लों में कोचिंग चल रही हैं। कुछेक कोचिंग संस्थानों ने एक बार रजिस्ट्रेशन तो करा लिया, लेकिन दोबारा नवीनीकरण तक नहीं कराया।
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प्रतियोगी परीक्षाओं ने बढ़ाया कोचिंग का क्रेज
हाईस्कूल, इंटर के बाद अधिकांश छात्र-छात्राएं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों में जुट जाते हैं। इसमें मेडिकल, इंजीनियरिंग, सीए, बैंक, रेलवे, एसएससी, एयर फोर्स, आइएएस, एनडीए, एयर फोर्स आदि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। बच्चों का भविष्य संवारने के लिए अभिभावक अपने बच्चों को कोचिंग संस्थानों में भेजते हैं।
मात्र 21 का पंजीकरण, कई का नवीनीकरण तक नहीं
जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में जनपद भर में संचालित मात्र 21 कोचिंग सेंटर का पंजीकरण है, इसमें भी काफी सेंटरों ने अब तक नवीनीकरण नहीं कराया है। यह हाल तब है जब शहर में ही करीब 40 से ज्यादा कोचिंग सेंटर होंगे।
अभियान चलाकर कोचिंग सेंटरों की जांच की जाएगी। जो बिना पंजीकरण होगा, उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। विभाग में 21 कोचिंग सेंटरों का पंजीकरण है। -गिरजेश कुमार चौधरी, डीआईओएस
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कोचिंग संचालन के लिए शासन ने मानक तय किए हुए हैं। इसमें उनका पंजीकरण होना भी जरूरी है। इसके अलावा अग्निशमन विभाग से एनओसी, कोचिंग सेंटर पर अग्निशमन यंत्र, कुशल शिक्षक, बैठने की उचित व्यवस्था, शौचालय, पीने का पानी, बिजली, पंखा, लाइट, पार्किंग स्थल, फीस निर्धारण और उचित साफ-सफाई होना मानकों में शामिल है।
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जिले में संचालित कोचिंग सेंटर की जांच के लिए न तो अग्निशमन विभाग के पास फुर्सत है और न ही डीआईओएस के पास। लिहाजा गली-मोहल्लों में कोचिंग चल रही हैं। कुछेक कोचिंग संस्थानों ने एक बार रजिस्ट्रेशन तो करा लिया, लेकिन दोबारा नवीनीकरण तक नहीं कराया।
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प्रतियोगी परीक्षाओं ने बढ़ाया कोचिंग का क्रेज
हाईस्कूल, इंटर के बाद अधिकांश छात्र-छात्राएं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों में जुट जाते हैं। इसमें मेडिकल, इंजीनियरिंग, सीए, बैंक, रेलवे, एसएससी, एयर फोर्स, आइएएस, एनडीए, एयर फोर्स आदि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। बच्चों का भविष्य संवारने के लिए अभिभावक अपने बच्चों को कोचिंग संस्थानों में भेजते हैं।
मात्र 21 का पंजीकरण, कई का नवीनीकरण तक नहीं
जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में जनपद भर में संचालित मात्र 21 कोचिंग सेंटर का पंजीकरण है, इसमें भी काफी सेंटरों ने अब तक नवीनीकरण नहीं कराया है। यह हाल तब है जब शहर में ही करीब 40 से ज्यादा कोचिंग सेंटर होंगे।
अभियान चलाकर कोचिंग सेंटरों की जांच की जाएगी। जो बिना पंजीकरण होगा, उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। विभाग में 21 कोचिंग सेंटरों का पंजीकरण है। -गिरजेश कुमार चौधरी, डीआईओएस