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वजन दिवस मनाकर चिह्नित होंगे कुपोषित बच्चे
पीलीभीत।
Updated Wed, 26 Aug 2015 11:15 PM IST
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जिले में कुपोषित बच्चों की सही संख्या ज्ञात करने को शासन के निर्देश पर
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वजन दिवस मनाया जाएगा। सात और 10 सितंबर को दो चरणों में होने वाले इस वजन
दिवस में अन्य विभागों की मदद से बच्चों का वजन कराकर सूची तैयार की जाएगी।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा वर्ष 2013-14 में कराए गए रैपिड सर्वे ऑन चिल्ड्रेन-2013 के अनुसार प्रदेश में कुपोषित बच्चों की संख्या मात्र 23 लाख है जबकि राज्यों से प्राप्त संख्या इससे काफी कम है। कुपोषित बच्चों की संख्या में विभिन्नता प्रतीत होने पर शासन ने सही जानकारी जुटाने की कवायद शुरू की है।
इसके तहत सभी जिलों में वजन दिवस बनाने के आदेश मुख्य सचिव आलोक रंजन ने दिए हैं। शासन से पत्र प्राप्त होने पर बाल विकास एवं पुष्टाहार ने तैयारियां शुरू कर दी हैं और सभी संबंधित विभागों को पत्र जारी कर इससे अवगत करा दिया है।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर होगा वजन
वजन दिवस के तहत 0-5 वर्ष तक के बच्चों का वजन आंगनबाड़ी केंद्रों पर होगा। इसके लिए बच्चों को केंद्र पर लाने ले जाने के लिए प्रधान, आशा, कार्यकत्री, सहायिका, युवा मंगल दल, मातृ समिति के सदस्यों से सहयोग लिया जाएगा।
ग्रोथचार्ट से होगा श्रेणी निर्धारण
आंगनबाड़ी केंद्र पर आने वाले बच्वे का वजन कर वजन तालिका में अंकित किया जाएगा और विभाग से प्राप्त ग्रोथ चार्ट के माध्यम से आयु के तुलना कर पोषण की श्रेणी निर्धारित की जाएगी।
सेक्टर प्रभारी और वार्ड पर्यवेक्षक नियुक्त
वजन दिवस के सफल आयोजन और उसकी मॉनीटरिंग के लिए सेक्टर प्रभारी और वार्ड पर्यवेक्षक नियुक्त कर उन्हें प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। सेक्टर प्रभारी वजन दिवस से पूर्व अपने क्षेत्र का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा भी लेंगे।
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वजन दिवस बनाने की तैयारियां की जा रही हैं। जिले के 0-5 साल के सभी बच्चों का वजन सुनिश्चित करने के शासन से प्राप्त निर्देशों से संबंधित को अवगत करा दिया गया है।
- राजकपूर, जिला कार्यक्रम अधिकारी
कुपोषित बच्चों की वजन कराकर हुई जांच
पीलीभीत। कृषि उपनिदेशक एके सिंह ने राज्यपोषण मिशन के तहत गोद लिए गांव पिपरिया संतोष के आंगनबाड़ी केंद्रों पर पहुंचकर बच्चों का वजन कराकर जांच की और अपनी उपस्थिति में टीकाकरण कराकर बच्चों को फल वितरित किए।
बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने के लिए शासन के निर्देश अधिकारियों ने एक एक गांव गोद ले रखे हैं। बुधवार को कृषि उपनिदेशक पूरनपुर तहसील क्षेत्र के गांव पिपरिया संतोष पहुंचे। बुधवार को टीकाकरण कर दिन होने के कारण उन्हें एएनएम व आशा टीकाकरण करती मिली। इसके बाद उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र पर बैठकर सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्री व सहायिकाओं को भी बच्चों सहित बुला लिया।
उन्होंने बच्चों का वजन कराकर पिछले माह हुए वजन से तुलना की। इस दौरान उन्हें मात्र एक बच्चे का वजन पिछले माह से कम मिला। जानकारी करने पर बच्चे की मां ने उन्हें बताया कि उनका बच्चे को बुखार गया था और बीमारी के कारण उसका वजन आधा किलो कम हुआ है। इस दौरान उन्होंने बच्चों और गर्भवती महिलाओं के ब्लेड प्रेशर की भी जांच कराई। बच्चों की जांच के साथ ही उन्होंने सभी को फल वितरित किए।
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कृषि उपनिदेशक ने बताया कि गांव में पूर्व में 11 अतिकुपोषित और 38 कुपोषित बच्चे चिंहित हैं। उनकी सेहत में सुधार हो रहा है। ग्रामीणों में पोषण के प्रति जानकारी का अभाव है और इसके लिए गांव में जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाएगा।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा वर्ष 2013-14 में कराए गए रैपिड सर्वे ऑन चिल्ड्रेन-2013 के अनुसार प्रदेश में कुपोषित बच्चों की संख्या मात्र 23 लाख है जबकि राज्यों से प्राप्त संख्या इससे काफी कम है। कुपोषित बच्चों की संख्या में विभिन्नता प्रतीत होने पर शासन ने सही जानकारी जुटाने की कवायद शुरू की है।
इसके तहत सभी जिलों में वजन दिवस बनाने के आदेश मुख्य सचिव आलोक रंजन ने दिए हैं। शासन से पत्र प्राप्त होने पर बाल विकास एवं पुष्टाहार ने तैयारियां शुरू कर दी हैं और सभी संबंधित विभागों को पत्र जारी कर इससे अवगत करा दिया है।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर होगा वजन
वजन दिवस के तहत 0-5 वर्ष तक के बच्चों का वजन आंगनबाड़ी केंद्रों पर होगा। इसके लिए बच्चों को केंद्र पर लाने ले जाने के लिए प्रधान, आशा, कार्यकत्री, सहायिका, युवा मंगल दल, मातृ समिति के सदस्यों से सहयोग लिया जाएगा।
ग्रोथचार्ट से होगा श्रेणी निर्धारण
आंगनबाड़ी केंद्र पर आने वाले बच्वे का वजन कर वजन तालिका में अंकित किया जाएगा और विभाग से प्राप्त ग्रोथ चार्ट के माध्यम से आयु के तुलना कर पोषण की श्रेणी निर्धारित की जाएगी।
सेक्टर प्रभारी और वार्ड पर्यवेक्षक नियुक्त
वजन दिवस के सफल आयोजन और उसकी मॉनीटरिंग के लिए सेक्टर प्रभारी और वार्ड पर्यवेक्षक नियुक्त कर उन्हें प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। सेक्टर प्रभारी वजन दिवस से पूर्व अपने क्षेत्र का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा भी लेंगे।
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वजन दिवस बनाने की तैयारियां की जा रही हैं। जिले के 0-5 साल के सभी बच्चों का वजन सुनिश्चित करने के शासन से प्राप्त निर्देशों से संबंधित को अवगत करा दिया गया है।
- राजकपूर, जिला कार्यक्रम अधिकारी
कुपोषित बच्चों की वजन कराकर हुई जांच
पीलीभीत। कृषि उपनिदेशक एके सिंह ने राज्यपोषण मिशन के तहत गोद लिए गांव पिपरिया संतोष के आंगनबाड़ी केंद्रों पर पहुंचकर बच्चों का वजन कराकर जांच की और अपनी उपस्थिति में टीकाकरण कराकर बच्चों को फल वितरित किए।
बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने के लिए शासन के निर्देश अधिकारियों ने एक एक गांव गोद ले रखे हैं। बुधवार को कृषि उपनिदेशक पूरनपुर तहसील क्षेत्र के गांव पिपरिया संतोष पहुंचे। बुधवार को टीकाकरण कर दिन होने के कारण उन्हें एएनएम व आशा टीकाकरण करती मिली। इसके बाद उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र पर बैठकर सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्री व सहायिकाओं को भी बच्चों सहित बुला लिया।
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उन्होंने बच्चों का वजन कराकर पिछले माह हुए वजन से तुलना की। इस दौरान उन्हें मात्र एक बच्चे का वजन पिछले माह से कम मिला। जानकारी करने पर बच्चे की मां ने उन्हें बताया कि उनका बच्चे को बुखार गया था और बीमारी के कारण उसका वजन आधा किलो कम हुआ है। इस दौरान उन्होंने बच्चों और गर्भवती महिलाओं के ब्लेड प्रेशर की भी जांच कराई। बच्चों की जांच के साथ ही उन्होंने सभी को फल वितरित किए।
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कृषि उपनिदेशक ने बताया कि गांव में पूर्व में 11 अतिकुपोषित और 38 कुपोषित बच्चे चिंहित हैं। उनकी सेहत में सुधार हो रहा है। ग्रामीणों में पोषण के प्रति जानकारी का अभाव है और इसके लिए गांव में जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाएगा।