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माधोटांडा मार्ग : तीसरी बार बही मरम्मत कर लगाई गई सामग्री
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माधोटांडा मार्ग पर तीसरी बार बहा मरम्मत कार्य।स्रोत:ग्रामीण
कलीनगर/पीलीभीत। 33 दिनों में तीसरी बार माधोटांडा मार्ग पर मरम्मत कर डलवाए गए पाइप और मिट्टी रविवार सुबह फिर बह गए। इससे आवागमन के सुचारु होने की उम्मीद फिर टल गई। फिलहाल अब भी क्षेत्रीय लोगों को 30 के बजाय 60 किमी का लंबा फेरा लगाकर आना-जाना पड़ रहा है तो लोक निर्माण विभाग के अफसर पानी का तेज बहाव बताकर मरम्मत सामग्री के बह जाने की बात कर जिम्मेदारी से किनारा कर रहे हैं।
आठ जुलाई के बाद से माधोटांडा-पीलीभीत मार्ग पर नियमित रूप से आवागमन ठप है। बाढ़ के दौरान मार्ग तीन स्थानों पर कट गया था। जिसके चलते लोग को पूरनपुर होकर पीलीभीत जाने को मजबूर हैं। लोगों को 30 के बजाय 60 किमी की दूरी तय करनी पड़ रही है।
आवागमन सुचारू कराने के लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से प्रयास शुरू किए गए। इसके लिए कटे स्थानों की अस्थायी मरम्मत शुरू करवाई गई। पाइप और मिट्टी आदि डलवाकर दो स्थानों पर आवागमन सुचारू किया गया, लेकिन सप्ताह भर पूर्व हुई बारिश के बाद जमुनिया के पास कराया गया मरम्मत कार्य बह गया।
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इससे नाराज भाकियू नेताओं ने भी लोक निर्माण विभाग के कार्यालय पर पहुंचकर घेराव भी किया। स्थिति को देखते हुए शनिवार को विभाग की ओर से तीसरे बार मरम्मत शुरू कराई गई। जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर ट्राॅलियों की मदद से मरम्मत सामग्री डलवाई गई। पानी पास करने के लिए करीब आठ पाइप डालने के बाद उसके ऊपर रोड़ा और मिट्टी डलवाई गई।
उम्मीद जताई जा रही थी कि दो दिन में आवागमन शुरू कर दिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। रविवार को 24 घंटे के अंदर कराया गया मरम्मत कार्य तीसरे बार बह गया। इससे लोग विभाग की फजीहत हुई। लोगों का कहना है कि विभाग को पानी की स्थिति देख योजना बनाकर कार्य कराना चाहिए था।
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केंद्रीय राज्यमंत्री के दौरे को लेकर परेशान रहे लोग
केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद के माधोटांडा व जमुनिया क्षेत्र में दौरे को लेकर लोक निर्माण विभाग की ओर से शनिवार को तेजी के साथ मरम्मत कार्य शुरू करवाया गया लेकिन रविवार सुबह मरम्मत सामग्री के बहने की सूचना के बाद अफसरों में हड़कंप मच गया। आननफानन में फिर कार्य शुरू करवाया गया। दिन भर अधिकारी दौड़ते रहे। जमुनिया क्षेत्र से ही केंद्रीय राज्यमंत्री का काफिला लौटने के बाद अफसरों ने राहत महसूस की।
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शनिवार को मरम्मत कार्य शुरू करवाकर पाइप आदि डलवाए गए थे, जो पानी का बहाव बढ़ने से बह गए। पानी अधिक होने के कारण ही मरम्मत कार्य में दिक्कत आ रही है।
- राजेश चौधरी, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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आठ जुलाई के बाद से माधोटांडा-पीलीभीत मार्ग पर नियमित रूप से आवागमन ठप है। बाढ़ के दौरान मार्ग तीन स्थानों पर कट गया था। जिसके चलते लोग को पूरनपुर होकर पीलीभीत जाने को मजबूर हैं। लोगों को 30 के बजाय 60 किमी की दूरी तय करनी पड़ रही है।
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आवागमन सुचारू कराने के लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से प्रयास शुरू किए गए। इसके लिए कटे स्थानों की अस्थायी मरम्मत शुरू करवाई गई। पाइप और मिट्टी आदि डलवाकर दो स्थानों पर आवागमन सुचारू किया गया, लेकिन सप्ताह भर पूर्व हुई बारिश के बाद जमुनिया के पास कराया गया मरम्मत कार्य बह गया।
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इससे नाराज भाकियू नेताओं ने भी लोक निर्माण विभाग के कार्यालय पर पहुंचकर घेराव भी किया। स्थिति को देखते हुए शनिवार को विभाग की ओर से तीसरे बार मरम्मत शुरू कराई गई। जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर ट्राॅलियों की मदद से मरम्मत सामग्री डलवाई गई। पानी पास करने के लिए करीब आठ पाइप डालने के बाद उसके ऊपर रोड़ा और मिट्टी डलवाई गई।
उम्मीद जताई जा रही थी कि दो दिन में आवागमन शुरू कर दिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। रविवार को 24 घंटे के अंदर कराया गया मरम्मत कार्य तीसरे बार बह गया। इससे लोग विभाग की फजीहत हुई। लोगों का कहना है कि विभाग को पानी की स्थिति देख योजना बनाकर कार्य कराना चाहिए था।
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केंद्रीय राज्यमंत्री के दौरे को लेकर परेशान रहे लोग
केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद के माधोटांडा व जमुनिया क्षेत्र में दौरे को लेकर लोक निर्माण विभाग की ओर से शनिवार को तेजी के साथ मरम्मत कार्य शुरू करवाया गया लेकिन रविवार सुबह मरम्मत सामग्री के बहने की सूचना के बाद अफसरों में हड़कंप मच गया। आननफानन में फिर कार्य शुरू करवाया गया। दिन भर अधिकारी दौड़ते रहे। जमुनिया क्षेत्र से ही केंद्रीय राज्यमंत्री का काफिला लौटने के बाद अफसरों ने राहत महसूस की।
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शनिवार को मरम्मत कार्य शुरू करवाकर पाइप आदि डलवाए गए थे, जो पानी का बहाव बढ़ने से बह गए। पानी अधिक होने के कारण ही मरम्मत कार्य में दिक्कत आ रही है।
- राजेश चौधरी, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग