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लॉकडाउनः अंग्रेजी में कमजोर अभिभावकों को बच्चों से होमवर्क कराने में आ रही परेशानी
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पीलीभीत। लॉकडाउन में सरकारी और प्राइवेट स्कूल बंद चल रहे हैं। अधिकतर बच्चे तो घर पर ही टीवी या मोबाइल देखकर अपना समय काट रहे हैं। नया सत्र शुरू होने के बाद अंग्रेजी मीडियम स्कूलों ने व्हाट्सएप ग्रुप या अन्य माध्यमों से ऑनलाइन पढ़ाई शुरू कराई है। हालांकि इस ऑनलाइन पढ़ाई में अंग्रेजी में कमजोर अभिभावकों को अपने बच्चों को होम वर्क पूरा कराने में परेशानी आ रही है।
कोरोना वायरस फैलने के बाद 23 मार्च से पूरे देश में संपूर्ण लॉकडाउन कर दिया गया। इसमें प्राइवेट और सरकारी स्कूलों को भी बंद किया जा चुका है। नए सत्र में मई तक तो बच्चों को स्कूल जाना मुश्किल ही लग रहा है। नए सत्र में बच्चों की पढ़ाई में बाधा न आए, इसके लिए शिक्षकों ने बच्चों के अभिभावकों को व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर जोड़ा है। ज्यादातर स्कूल कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को व्हाट्सएप पर ग्रुप बनाकर उन्हें होमवर्क दे रहे हैं। शिक्षक वीडियो बनाकर ग्रुपों पर डाल रहे हैं, ताकि बच्चों को पढ़ने में कठिनाई न आए।
इसके बाद अभिभावकों की जिम्मेदारी यह है कि वे अपने बच्चों के व्हाट्सएप ग्रुप पर देखकर उनका होम वर्क पूरा कराएं। कई विद्यालयों ने यू ट्यूब पर वीडियो बनाकर अपलोड कर बच्चों को घर पर ही पढ़ाने की कोशिश की, लेकिन इंग्लिश मीडियम स्कूलों में पढ़ने वाले मध्यम वर्ग के कुछ अभिभावकों को स्कूलों की ओर से दिए जा रहे होमवर्क को कराने में दिक्कत आ रही है। इन अभिभावकों का कहना है कि इंग्लिश मीडियम स्कूलों से बच्चों का ज्यादातर होम वर्क इंग्लिश में आता है। उनकी इंग्लिश कमजोर है। इससे वह अपने बच्चों का काम पूरा नहीं करा पाते। बच्चों को भी होम वर्क पूरा कराने में दिक्कत आती है। अगर बच्चे ज्यादा देर तक मोबाइल चलाते हैं तो उनके सिर में दर्द होने लगता है। कभी-कभी मोबाइल ज्यादा देर तक देखने से आंखों में जलन पड़ने लगती है।
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कंप्यूटर कोर्स की भी ऑनलाइन क्लास
सुनगढ़ी के एक मैनेजमेंट कॉलेज ने लॉकडाउन होने के बाद कंप्यूटर में ओ लेवल का कोर्स कर रहे छात्र-छात्राओं का कोर्स पूरा करने के लिए ऑनलाइन क्लास शुरूकर दी है। कॉलेज संचालक ने बताया कि कोर्स को जल्दी पूरा कराने के लिए व्हाट्सएप पर ग्रुप बनाकर उन्हें प्रतिदिन ओ लेवल कोर्स से संबंधित जानकारी देकर पढ़ाया जा रहा है।
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कोरोना वायरस फैलने के बाद 23 मार्च से पूरे देश में संपूर्ण लॉकडाउन कर दिया गया। इसमें प्राइवेट और सरकारी स्कूलों को भी बंद किया जा चुका है। नए सत्र में मई तक तो बच्चों को स्कूल जाना मुश्किल ही लग रहा है। नए सत्र में बच्चों की पढ़ाई में बाधा न आए, इसके लिए शिक्षकों ने बच्चों के अभिभावकों को व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर जोड़ा है। ज्यादातर स्कूल कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को व्हाट्सएप पर ग्रुप बनाकर उन्हें होमवर्क दे रहे हैं। शिक्षक वीडियो बनाकर ग्रुपों पर डाल रहे हैं, ताकि बच्चों को पढ़ने में कठिनाई न आए।
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इसके बाद अभिभावकों की जिम्मेदारी यह है कि वे अपने बच्चों के व्हाट्सएप ग्रुप पर देखकर उनका होम वर्क पूरा कराएं। कई विद्यालयों ने यू ट्यूब पर वीडियो बनाकर अपलोड कर बच्चों को घर पर ही पढ़ाने की कोशिश की, लेकिन इंग्लिश मीडियम स्कूलों में पढ़ने वाले मध्यम वर्ग के कुछ अभिभावकों को स्कूलों की ओर से दिए जा रहे होमवर्क को कराने में दिक्कत आ रही है। इन अभिभावकों का कहना है कि इंग्लिश मीडियम स्कूलों से बच्चों का ज्यादातर होम वर्क इंग्लिश में आता है। उनकी इंग्लिश कमजोर है। इससे वह अपने बच्चों का काम पूरा नहीं करा पाते। बच्चों को भी होम वर्क पूरा कराने में दिक्कत आती है। अगर बच्चे ज्यादा देर तक मोबाइल चलाते हैं तो उनके सिर में दर्द होने लगता है। कभी-कभी मोबाइल ज्यादा देर तक देखने से आंखों में जलन पड़ने लगती है।
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कंप्यूटर कोर्स की भी ऑनलाइन क्लास
सुनगढ़ी के एक मैनेजमेंट कॉलेज ने लॉकडाउन होने के बाद कंप्यूटर में ओ लेवल का कोर्स कर रहे छात्र-छात्राओं का कोर्स पूरा करने के लिए ऑनलाइन क्लास शुरूकर दी है। कॉलेज संचालक ने बताया कि कोर्स को जल्दी पूरा कराने के लिए व्हाट्सएप पर ग्रुप बनाकर उन्हें प्रतिदिन ओ लेवल कोर्स से संबंधित जानकारी देकर पढ़ाया जा रहा है।