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उम्मीद और इंतजार में कितना बीतेगा समय अब... जनता उठा रही ब्लॉक की मांग
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माधोटांडा के इस भवन में शुरू किया गया था ब्लॉक का संचालन।
- फोटो : PILIBHIT
कलीनगर। माधोटांड को ब्लॉक का दर्जा तो मिला, लेकिन दो साल बाद ही ब्लॉक संचालन पर रोक लगा दी गई। इससे क्षेत्र में विकास कार्यों थम गए। अब क्षेत्रीय लोगों विकास कार्यों को गति देने के लिए ब्लॉक संचालन की फिर से मांग उठाई है। उन्होंने एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम पत्र भेजकर फिर से ब्लॉक संचालन की मांग की है।
वर्ष 2016 में ब्लॉक को न केवल मंजूरी मिली थी, बल्कि अधिसूचना जारी होने के बाद दो साल तक संचालन भी शुरू किया गया था, लेकिन सत्ता बदलने के बाद सेवाओं पर रोक लगा दी गई थी। सबसे बड़े ब्लॉक पूरनपुर को विभाजित कर माधोटांडा को वर्ष 2016 में ब्लॉक का दर्जा दिया गया था। सपा सरकार ने अधिसूचना जारी की तो प्रशासन ने माधोटांडा के जूनियर हाईस्कूल भवन में ब्लॉक का संचालन कराया था। दो साल तक ब्लाक का कार्य होता रहा, लेकिन वर्ष 2018 में भाजपा सरकार ने ब्लॉक की सेवाओं पर रोक लगा दी।
क्षेत्र में विकास की आस लगाई बैठी जनता में इससे रोष फैला तो विधायक बाबू राम पासवान ने रुकी सेवाओं को बहाल कराने का आश्वासन दिया, लेकिन कुछ समय बाद जब कुछ नहीं हुआ। इसके बाद एक शिष्टमंडल ने लखनऊ पहुंचकर मुख्यमंत्री से मुलाकात की और अपनी समस्या से अवगत कराया। कार्रवाई भी आगे बढ़ी शासन ने जिला प्रशासन से माधोटांडा ब्लॉक से संबंधित रिपोर्ट तलब की।
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प्रशासन ने सकारात्मक रिपोर्ट बनाकर वर्ष 2021 के जुलाई- अगस्त माह में शासन को भेज दी। तब भी कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी थी। क्षेत्रीय लोगों ने अब फिर से ब्लॉक की सेवाएं शुरू करने की आवाज उठाई है। भाजपा कलीनगर मंडल के मंडल अध्यक्ष शिवम जायसवाल, मंत्री भगवती सिंह, उपाध्यक्ष हिर्देश कुमार, सुजन सिंह चौहान, मनोज राठौर आदि ने पत्र भेजकर मुख्यमंत्री से मांग दोहराई है।
63 गांवों को किया था ब्लॉक में शामिल
माधोटांडा ब्लॉक में 63 गांवों को शामिल किया था। इन गांवों में विकास की गति बढ़ने की उम्मीद जागी थी। इसमें सीमावर्ती गांव के सुंदरनगर, बुंदीभूड़, गभिया सहराई समेत दस गांव ऐसे हैं, जिन्हें पूरनपुर पहुंचने के लिए 40 से 50 किलोमीटर तक का सफर तय करना पड़ता है। इसमें जंगल के कई खतरे वाले क्षेत्र भी शामिल हैं।
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वर्ष 2016 में ब्लॉक को न केवल मंजूरी मिली थी, बल्कि अधिसूचना जारी होने के बाद दो साल तक संचालन भी शुरू किया गया था, लेकिन सत्ता बदलने के बाद सेवाओं पर रोक लगा दी गई थी। सबसे बड़े ब्लॉक पूरनपुर को विभाजित कर माधोटांडा को वर्ष 2016 में ब्लॉक का दर्जा दिया गया था। सपा सरकार ने अधिसूचना जारी की तो प्रशासन ने माधोटांडा के जूनियर हाईस्कूल भवन में ब्लॉक का संचालन कराया था। दो साल तक ब्लाक का कार्य होता रहा, लेकिन वर्ष 2018 में भाजपा सरकार ने ब्लॉक की सेवाओं पर रोक लगा दी।
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क्षेत्र में विकास की आस लगाई बैठी जनता में इससे रोष फैला तो विधायक बाबू राम पासवान ने रुकी सेवाओं को बहाल कराने का आश्वासन दिया, लेकिन कुछ समय बाद जब कुछ नहीं हुआ। इसके बाद एक शिष्टमंडल ने लखनऊ पहुंचकर मुख्यमंत्री से मुलाकात की और अपनी समस्या से अवगत कराया। कार्रवाई भी आगे बढ़ी शासन ने जिला प्रशासन से माधोटांडा ब्लॉक से संबंधित रिपोर्ट तलब की।
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प्रशासन ने सकारात्मक रिपोर्ट बनाकर वर्ष 2021 के जुलाई- अगस्त माह में शासन को भेज दी। तब भी कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी थी। क्षेत्रीय लोगों ने अब फिर से ब्लॉक की सेवाएं शुरू करने की आवाज उठाई है। भाजपा कलीनगर मंडल के मंडल अध्यक्ष शिवम जायसवाल, मंत्री भगवती सिंह, उपाध्यक्ष हिर्देश कुमार, सुजन सिंह चौहान, मनोज राठौर आदि ने पत्र भेजकर मुख्यमंत्री से मांग दोहराई है।
63 गांवों को किया था ब्लॉक में शामिल
माधोटांडा ब्लॉक में 63 गांवों को शामिल किया था। इन गांवों में विकास की गति बढ़ने की उम्मीद जागी थी। इसमें सीमावर्ती गांव के सुंदरनगर, बुंदीभूड़, गभिया सहराई समेत दस गांव ऐसे हैं, जिन्हें पूरनपुर पहुंचने के लिए 40 से 50 किलोमीटर तक का सफर तय करना पड़ता है। इसमें जंगल के कई खतरे वाले क्षेत्र भी शामिल हैं।