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लखनऊ चिड़ियाघर में भेजा गया तेंदुआ
ब्यूरो, अमर उजाला पीलीभीत
Updated Sun, 28 Jun 2015 11:32 PM IST
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ऑपरेशन के बाद उसकी स्थिति में सुधार बताया जा रहा है।
टाइगर रिजर्व की माला रेंज से सटी माला कॉलोनी में शनिवार सुबह एक तेंदुआ अनिल पोद्दार के घर में घुस गया था। तेंदुए ने अनिल का मां को घायल कर दिया था। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने पांच घंटे की मशक्कत के बाद उसे पिंजरे में कैद किया था। पकड़े जाने के बाद वनाधिकारियों को उसके पिछले बाएं पैर में घाव मिला था। इस पर शाम को ही पशु चिकित्साधिकारी से बुलाकर जांच कराई गई थी। प्राथमिक उपचार के बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर डीएफओ ने माला रेंज के डिप्टी रेंजर वजीर हसन के नेतृत्व में छह सदस्यीय टीम के साथ उसे लखनऊ चिड़ियाघर भेज दिया। सुबह लखनऊ पहुंचने पर वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. उत्कर्ष शुक्ला ने तेंदुए को बेहोश कर पिजड़े से बाहर निकाला। जांच के बाद डॉ. शुक्ला ने उसके पैर का आपरेशन किया साथ ही गले में बन चुके टयूमर का आपरेशन किया। ढाई घंटे से अधिक समय तक चले आपरेशन के बाद उसे अलग कक्ष में रखा गया है। पांच दिन बाद पुन: बेहोश कर उसका उपचार किया जाएगा।
पैरों में पड़ चुके थे कीड़े
लखनऊ में जांच के दौरान डॉ. शुक्ला को उसके पिछले पैर में घाव के अलावा अगले पैर में भी चोट के निशान मिले और दोनों पैरों में कीड़े पड़ चुके थे साथ ही गले की गांठ में भी पस पड़ चुका था।
15-16 साल का हो चुका है तेंदुआ
माला कॉलोनी से पकड़कर लखनऊ भेजे गए तेंदुए की उम्र 15-16 साल की आंकी गई है। आशंका व्यक्त की जा रही है कि वृद्ध हो और पैर में घाव के कारण ही वह शिकार नहीं कर पा रहा था और इसी के चलते उसने आबादी की ओर रुख कर मुर्गी-बतखों को खाना शुरू कर दिया था।
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तेंदुए की जांच के बाद से रात को ही लखनऊ भेज दिया गया है। वहां डॉ. उत्कर्ष शुक्ला ने उसके पैर और गले में ट्यूमर का आपरेशन किया है। अब स्थिति में सुधार है।
कैलाश प्रकाश, डीएफओ
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टाइगर रिजर्व की माला रेंज से सटी माला कॉलोनी में शनिवार सुबह एक तेंदुआ अनिल पोद्दार के घर में घुस गया था। तेंदुए ने अनिल का मां को घायल कर दिया था। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने पांच घंटे की मशक्कत के बाद उसे पिंजरे में कैद किया था। पकड़े जाने के बाद वनाधिकारियों को उसके पिछले बाएं पैर में घाव मिला था। इस पर शाम को ही पशु चिकित्साधिकारी से बुलाकर जांच कराई गई थी। प्राथमिक उपचार के बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर डीएफओ ने माला रेंज के डिप्टी रेंजर वजीर हसन के नेतृत्व में छह सदस्यीय टीम के साथ उसे लखनऊ चिड़ियाघर भेज दिया। सुबह लखनऊ पहुंचने पर वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. उत्कर्ष शुक्ला ने तेंदुए को बेहोश कर पिजड़े से बाहर निकाला। जांच के बाद डॉ. शुक्ला ने उसके पैर का आपरेशन किया साथ ही गले में बन चुके टयूमर का आपरेशन किया। ढाई घंटे से अधिक समय तक चले आपरेशन के बाद उसे अलग कक्ष में रखा गया है। पांच दिन बाद पुन: बेहोश कर उसका उपचार किया जाएगा।
पैरों में पड़ चुके थे कीड़े
लखनऊ में जांच के दौरान डॉ. शुक्ला को उसके पिछले पैर में घाव के अलावा अगले पैर में भी चोट के निशान मिले और दोनों पैरों में कीड़े पड़ चुके थे साथ ही गले की गांठ में भी पस पड़ चुका था।
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15-16 साल का हो चुका है तेंदुआ
माला कॉलोनी से पकड़कर लखनऊ भेजे गए तेंदुए की उम्र 15-16 साल की आंकी गई है। आशंका व्यक्त की जा रही है कि वृद्ध हो और पैर में घाव के कारण ही वह शिकार नहीं कर पा रहा था और इसी के चलते उसने आबादी की ओर रुख कर मुर्गी-बतखों को खाना शुरू कर दिया था।
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तेंदुए की जांच के बाद से रात को ही लखनऊ भेज दिया गया है। वहां डॉ. उत्कर्ष शुक्ला ने उसके पैर और गले में ट्यूमर का आपरेशन किया है। अब स्थिति में सुधार है।
कैलाश प्रकाश, डीएफओ