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Pilibhit News: लेखपालों ने तैयार की पटकथा... अफसर भी हुए मालामाल

Tue, 27 Aug 2024 01:16 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 27 Aug 2024 01:16 AM IST
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Lekhpalas prepared the script ... officers also became rich
सितारगंज नेशनल हाईवे के दायरे में डाली गई टीन शेड। संवाद
पीलीभीत। बरेली-सितारगंज हाईवे को मंजूरी मिलने के बाद लेखपालों ने घोटाले की पटकथा तैयार की। सर्वे के दौरान जिसने ज्यादा पैसा दिया, उसे ज्यादा मुआवजा लेने का तरीका बताया। कई किसानों को अधिग्रहण का डर दिखाकर भूमाफिया को सस्ते दामों पर जमीन दिला दी गईं। कई भूखंडों का बैनामा हाईवे मंजूर होने के बाद हुआ। अधिक मुआवजा लेने के लिए अस्थायी भवनों का निर्माण करा दिया। कृषि भूमि को गैर कृषि दिखाने के लिए वहां टिन शेड डालकर छोटी फैक्टरियों का संचालन किया गया। इसके बाद लेखपालों ने सर्वे में धांधली कर रिपोर्ट अधिकारियों को सौंप दी। आरोप है कि एक तत्कालीन अधिकारी ने भूमाफिया और बिचौलियों से कमीशन तय कर मुआवजे का भुगतान कर दिया। इसके बाद भूमाफिया ने टिनशेड, मकान हटा लिए। वहीं, तमाम किसान अब भी मुआवजे के लिए तहसील के चक्कर काट रहे हैं। लेखपाल उनसे अब भी वसूली कर रहे हैं।
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अंश ठीक कराने के नाम पर लिए 20 हजार रुपये
किसानों ने बताया कि कम जमीन वालों को अधिक परेशान किया गया। अंश की गड़बड़ी बताकर उन्हें उलझाया गया। मुआवजा न मिलने की बात कहकर दलालों को सक्रिय किया गया। प्रति अंश ठीक करने के नाम पर छोटे किसानों से 20-20 हजार रुपये वसूले गए। इसमें तत्कालीन अफसरों की भी मिलीभगत रही। हुसैननगर, सरदारनगर आदि गांवों के किसानों का कहना है कि क्षेत्र के दो लेखपालों ने सर्वे से लेकर अंश प्रक्रिया तक किसानों को परेशान किया। लाखों रुपये की वसूली की गई। शिकायत के बाद भी तत्कालीन अफसरों ने अनदेखी की।
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लखनऊ की साधना और हिमांशु के टिनशेड अब हटाए जा रहे
अधिक मुआवजा लेने के लिए साधना और हिमांशु ने हाईवे की मंजूरी के बाद भी इसके जद में आने वाली जमीन का बैनामा करा लिया। इसके बाद अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से अस्थायी टिन शेड लगाकर सर्वे में घर दिखा दिया और 11 करोड़ रुपये का मुआवजा ले लिया। वर्तमान में यह टिन शेड वहीं पर हैं। अब ठेके पर श्रमिकों से टिन शेड हटवाए जा रहे हैं। हुसैननगर के ग्रामीणों ने बताया कि सर्वे होने के एक सप्ताह के अंदर अस्थायी निर्माण खड़े कर दिए गए। एक भू स्वामी ने तो बाहर से श्रमिक लाकर एक सप्ताह में दो मंजिला स्थायी भवन बनवा दिया।

सितारगंज नेशनल हाईवे के दायरे में डाली गई टीन शेड। संवाद

सितारगंज नेशनल हाईवे के दायरे में डाली गई टीन शेड। संवाद

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