{"_id":"69137b6c2e28111fd60106c3","slug":"leader-got-bail-from-court-pilibhit-news-c-121-1-lkh1003-147858-2025-11-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: विहिप के संगठन मंत्री प्रिंस गौड़ को न्यायालय से मिली जमानत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: विहिप के संगठन मंत्री प्रिंस गौड़ को न्यायालय से मिली जमानत
Tue, 11 Nov 2025 11:37 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Tue, 11 Nov 2025 11:37 PM IST
विज्ञापन
रिहाई के आदेश के बाद जिला अस्पताल से घर जाते संगठन मंत्री। स्रोत : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। विश्व हिंदू परिषद के संगठन मंत्री प्रिंस गौड़ को मंगलवार को राहत मिली है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मंगलदेव सिंह ने सुनवाई के बाद जमानत अर्जी स्वीकार कर ली। न्यायालय से देर शाम औपचारिकताएं पूरी करने के बाद रिहाई का आदेश जारी किया गया।
एडीएम वित्त एवं राजस्व ऋतु पूनिया ने बीते शुक्रवार को सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें विहिप के संगठन मंत्री प्रिंस गौड़ पर आरोप लगाकर न्यायिक एवं प्रशासनिक कार्यों में व्यवधान डालने, शासकीय छवि और सामाजिक प्रतिष्ठा पर कुठारा घात करने के अलावा जान का खतरा भी जताया था। कोतवाली पुलिस ने शनिवार को संगठन मंत्री को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेला भेजा गया था। उसी दिन जेल जाने के कुछ घंटों के बाद तबीयत बिगड़ने के बाद संगठन मंत्री को जिला अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया था। इधर आरोपी पक्ष ने जमानत याचिका न्यायालय में दाखिल की थी। मामले में सोमवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने संगठन मंत्री को न्यायालय में पेश करने का आदेश जारी कर मंगलवार को सुनवाई करने के आदेश दिए थे। मंगलवार को सुबह से ही न्यायालय में विहिप के कार्यकर्ताओं की चहल पहल रही। दोपहर बाद सुनवाई हुई। बीमार होने के चलते संगठन मंत्री को न्यायालय में पेश नहीं किया जा सका।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने याचिका पर सुनवाई के दौरान पुलिस ने न्यायालय में अर्जी देकर प्रिंस गौड़ पर लगी गंभीर धाराओं को हटाने का अनुरोध किया जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद जमानत अर्जी पर विचार करते हुए न्यायालय ने आरोपी को निजी मुचलका और दो जमानती दाखिल करने की शर्त पर रिहा करने का आदेश दिया। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद रिहाई आदेश जिला जेल भेज दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
एडीएम वित्त एवं राजस्व ऋतु पूनिया ने बीते शुक्रवार को सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें विहिप के संगठन मंत्री प्रिंस गौड़ पर आरोप लगाकर न्यायिक एवं प्रशासनिक कार्यों में व्यवधान डालने, शासकीय छवि और सामाजिक प्रतिष्ठा पर कुठारा घात करने के अलावा जान का खतरा भी जताया था। कोतवाली पुलिस ने शनिवार को संगठन मंत्री को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेला भेजा गया था। उसी दिन जेल जाने के कुछ घंटों के बाद तबीयत बिगड़ने के बाद संगठन मंत्री को जिला अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया था। इधर आरोपी पक्ष ने जमानत याचिका न्यायालय में दाखिल की थी। मामले में सोमवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने संगठन मंत्री को न्यायालय में पेश करने का आदेश जारी कर मंगलवार को सुनवाई करने के आदेश दिए थे। मंगलवार को सुबह से ही न्यायालय में विहिप के कार्यकर्ताओं की चहल पहल रही। दोपहर बाद सुनवाई हुई। बीमार होने के चलते संगठन मंत्री को न्यायालय में पेश नहीं किया जा सका।
विज्ञापन
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने याचिका पर सुनवाई के दौरान पुलिस ने न्यायालय में अर्जी देकर प्रिंस गौड़ पर लगी गंभीर धाराओं को हटाने का अनुरोध किया जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद जमानत अर्जी पर विचार करते हुए न्यायालय ने आरोपी को निजी मुचलका और दो जमानती दाखिल करने की शर्त पर रिहा करने का आदेश दिया। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद रिहाई आदेश जिला जेल भेज दिया।
विज्ञापन