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Pilibhit News: पत्रावली फेंकने को लेकर वकील व राजस्व निरीक्षक भिड़े
Mon, 03 Mar 2025 11:41 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Mon, 03 Mar 2025 11:41 PM IST
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साथी से अभद्रता की जानकारी पर तहसील पहुंचे अधिवक्ता।संवाद
- फोटो : रामानंद बालिका इंटर कॉलेज से परीक्षा देकर निकलती छात्राएं।
पूरनपुर। अभिलेख संशोधन की पत्रावली फाड़कर फेंकने को लेकर वकील और राजस्व निरीक्षक में विवाद हो गया। दोनों में काफी देर तक नोकझोंक हुई। जानकारी पर बड़ी संख्या में वकील जुट गए। वे तहसील कार्यालय में हंगामा करने लगे। एसडीएम से मिलकर मामले की शिकायत की। एसडीएम ने तहसीलदार को दोनों पक्षों को सुनने का निर्देश दिया है।
अधिवक्ता हरिओम ने बताया कि उनके परिचित की धारा 32, 38 (अभिलेखों में संशोधन) की पत्रावली राजस्व निरीक्षक के पास 10 अक्तूबर 2024 से थी। पत्रावली में आदेश को कई दिनों से राजस्व निरीक्षक के चक्कर लगा रहे थे। आरोप है कि सोमवार को पत्रावली को लेकर जब राजस्व निरीक्षक के पास पहुंचे तो राजस्व निरीक्षक ने पत्रावली को फाड़कर फेंक दिया।
बगैर सुविधा शुल्क के काम करने से इन्कार कर दिया। इसको लेकर उनकी नोकझोंक हुई। आरोप है कि राजस्व निरीक्षक ने उनसे अभद्रता भी की। इसके विरोध में प्रगतिशील अधिवक्ता एसोसिएशन के अध्यक्ष अमिताभ मिश्र के नेतृत्व में तहसील पहुंचे वकीलों ने हंगामा किया। मामले की जानकारी मोबाइल फोन पर एसडीएम को दी गई।
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कुछ देर में कार्यालय पहुंचे एसडीएम ने तहसील सभागार में वकीलों से वार्ता की। वकीलों ने राजस्व निरीक्षक पर तमाम आरोप लगाए। कहा कि एक दिन के अंदर आरोपी पर कार्रवाई की जाए। एसडीएम अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि वकील और राजस्व निरीक्षक में गलतफहमी हो गई थी। तहसीलदार को दोनों पक्षों को बुलाकर वार्ता करने और बाद में स्थिति से अवगत कराने के निर्देश दिए हैं।
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अधिवक्ता हरिओम ने बताया कि उनके परिचित की धारा 32, 38 (अभिलेखों में संशोधन) की पत्रावली राजस्व निरीक्षक के पास 10 अक्तूबर 2024 से थी। पत्रावली में आदेश को कई दिनों से राजस्व निरीक्षक के चक्कर लगा रहे थे। आरोप है कि सोमवार को पत्रावली को लेकर जब राजस्व निरीक्षक के पास पहुंचे तो राजस्व निरीक्षक ने पत्रावली को फाड़कर फेंक दिया।
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बगैर सुविधा शुल्क के काम करने से इन्कार कर दिया। इसको लेकर उनकी नोकझोंक हुई। आरोप है कि राजस्व निरीक्षक ने उनसे अभद्रता भी की। इसके विरोध में प्रगतिशील अधिवक्ता एसोसिएशन के अध्यक्ष अमिताभ मिश्र के नेतृत्व में तहसील पहुंचे वकीलों ने हंगामा किया। मामले की जानकारी मोबाइल फोन पर एसडीएम को दी गई।
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कुछ देर में कार्यालय पहुंचे एसडीएम ने तहसील सभागार में वकीलों से वार्ता की। वकीलों ने राजस्व निरीक्षक पर तमाम आरोप लगाए। कहा कि एक दिन के अंदर आरोपी पर कार्रवाई की जाए। एसडीएम अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि वकील और राजस्व निरीक्षक में गलतफहमी हो गई थी। तहसीलदार को दोनों पक्षों को बुलाकर वार्ता करने और बाद में स्थिति से अवगत कराने के निर्देश दिए हैं।