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टाइगर सफारी में बाधा बन सकता है भूमि पर कब्जा
अमर उजाला ब्यूरो,पीलीभीत
Updated Wed, 27 Sep 2017 06:03 PM IST
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- फोटो : SELF
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टाइगर रिजर्व क्षेत्र की हजारों एकड़ वन भूमि पर अवैध कब्जा टाइगर सफारी बनाने में भी आड़े आ रहा है। वन संरक्षक वीके सिंह ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एक अक्तूबर तक अवैध कब्जा जमाए लोगों से खुद वन विभाग की भूमि छोड़ देने का निर्देश दिया है। उन्होंने अतिक्रमणकारियों से कहा है कि यदि उनके पास संबंधित जमीन पर हाईकोर्ट का कोई स्टे है तो उसे विभाग को उपलब्ध करा दें, अन्यथा प्रशासन की मदद से सख्ती के साथ यह कब्जे हटा दिए जाएंगे।
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दो दिन पहले वन संरक्षक वीके सिंह ने बराही जंगल क्षेत्र के बरुआ कुठारा में टाइगर सफारी के लिए प्रस्तावित भूमि का निरीक्षण किया था। उस दौरान वहां वन विभाग की भूमि पर अवैध कब्जा जमाए कुछ लोगों ने उनसे मुलाकात कर कहा था कि उन लोगों का भूमि पर कब्जा है तथा उनके पास संबंधित भूमि पर उनके पक्ष में हाईकोर्ट का स्टे है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक वन विभाग बरुआ कुठारा में टाइगर सफारी बनाना चाहता है। यहां कई दशकों से 73 अवैध कब्जेदारों नेे वन भूमि को अपनी बता कब्जे किया है। लंबे समय से निचली अदालत से लेकर हाईकोर्ट तक मुकदमे भी चले। वन विभाग ने हाईकोर्ट से कई वर्ष पूर्व मुकदमा भी अपने पक्ष में जीत लिया था, लेकिन अवैध कब्जेदारों से भूमि नहीं छुड़ा पाए थे। पूर्व वर्षों में अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत पूरनपुर के तत्कालीन एसडीएम असीदुल्ला खां पर महिलाओं ने हड्डियां फेंक कर मारा था। जिससे वह घायल हो गए थे।
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इधर अब शासन के टाइगर रिजर्व में टाइगर सफारी का प्रस्ताव मांगने के बाद वन विभाग ने बरुआ कुठारा को चिह्नित किया है। वन संरक्षक पूरे अमले के साथ वहां की लोकेशन देखने गए थे। अवैध कब्जेदारों द्वारा हाईकोर्ट का स्टे होने की बात कहने पर वन संरक्षक ने उनसे एक अक्तूबर तक हर हाल में स्टे दिखाने को कह दिया। वीके सिंह ने बताया कि इसके बाद प्रशासन के सहयोग से वन विभाग खुद यह अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर देगा।
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