{"_id":"69e92b2c14eae123b201c915","slug":"lack-of-teachers-has-affected-the-education-system-and-the-number-of-students-has-decreased-pilibhit-news-c-121-1-pbt1005-157928-2026-04-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: शिक्षकों की कमी से शिक्षा व्यवस्था प्रभावित, विद्यार्थियों की संख्या घटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: शिक्षकों की कमी से शिक्षा व्यवस्था प्रभावित, विद्यार्थियों की संख्या घटी
विज्ञापन
गभिया सहराई स्थित राजकीय इंटर कॉलेज। स्रोत ग्रामीण।
- फोटो : 1
माधोटांडा। थाना क्षेत्र के नेपाल सीमा से सटे गभिया सहराई स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में शिक्षकों की कमी के चलते शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। हालात यह हैं कि जहां चार साल पहले तक विद्यालय में करीब 1100 विद्यार्थी अध्ययनरत थे। वहीं, अब यह संख्या घटकर लगभग 700 रह गई है।
कलीनगर तहसील के इस सीमावर्ती विद्यालय में वर्तमान में माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से केवल चार शिक्षक तैनात हैं, जबकि स्वीकृत पदों के सापेक्ष यह संख्या बेहद कम है। प्रधानाचार्य समेत कुल चार शिक्षकों पर पढ़ाई के साथ-साथ अन्य प्रशासनिक कार्यों का भी बोझ है। इससे शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
विद्यालय की स्थापना वर्ष 1989 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी द्वारा हाईस्कूल के रूप में की गई थी, जिसे बाद में मुलायम सिंह यादव सरकार में इंटर कॉलेज का दर्जा मिला। यहां एक प्रधानाचार्य, नौ प्रवक्ता और 12 सहायक अध्यापकों समेत अन्य स्टाफ के पद सृजित हैं, लेकिन अधिकांश पद लंबे समय से रिक्त हैं।
विज्ञापन
अभिभावकों ने शुरू की पहल
करीब आठ वर्ष पूर्व शिक्षकों की कमी दूर न होने पर अभिभावकों ने खुद पहल करते हुए चंदा एकत्र कर निजी शिक्षकों की व्यवस्था की। वर्तमान में अभिभावक संघ द्वारा छह शिक्षक मामूली मानदेय पर पढ़ा रहे हैं। डीआईओएस राजीव कुमार ने बताया कि शिक्षकों की तैनाती के लिए शासन स्तर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। संवाद
विज्ञापन
कलीनगर तहसील के इस सीमावर्ती विद्यालय में वर्तमान में माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से केवल चार शिक्षक तैनात हैं, जबकि स्वीकृत पदों के सापेक्ष यह संख्या बेहद कम है। प्रधानाचार्य समेत कुल चार शिक्षकों पर पढ़ाई के साथ-साथ अन्य प्रशासनिक कार्यों का भी बोझ है। इससे शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
विज्ञापन
विद्यालय की स्थापना वर्ष 1989 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी द्वारा हाईस्कूल के रूप में की गई थी, जिसे बाद में मुलायम सिंह यादव सरकार में इंटर कॉलेज का दर्जा मिला। यहां एक प्रधानाचार्य, नौ प्रवक्ता और 12 सहायक अध्यापकों समेत अन्य स्टाफ के पद सृजित हैं, लेकिन अधिकांश पद लंबे समय से रिक्त हैं।
विज्ञापन
अभिभावकों ने शुरू की पहल
करीब आठ वर्ष पूर्व शिक्षकों की कमी दूर न होने पर अभिभावकों ने खुद पहल करते हुए चंदा एकत्र कर निजी शिक्षकों की व्यवस्था की। वर्तमान में अभिभावक संघ द्वारा छह शिक्षक मामूली मानदेय पर पढ़ा रहे हैं। डीआईओएस राजीव कुमार ने बताया कि शिक्षकों की तैनाती के लिए शासन स्तर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। संवाद