{"_id":"5e78eb218ebc3e6fc94167b8","slug":"korona-virus-pilibhit-news-bly400576333","type":"story","status":"publish","title_hn":"भीड़ के साथ डीएम-एसपी का वीडियो वायरल होने के बाद मची खलबली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भीड़ के साथ डीएम-एसपी का वीडियो वायरल होने के बाद मची खलबली
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पीलीभीत। जनता कर्फ्यू के दौरान रविवार को शाम पांच बजे पीएम की अपील पर घंटा और शंख बजाते वक्त भीड़ के बीच दिखे डीएम और एसपी चर्चा में आ गए। मामला तब ज्यादा वायरल हुआ जब दोनों अफसरों पर कार्रवाई के मेसेज भी सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जाने लगे। हालांकि पीलीभीत से लेकर लखनऊ तक सब कुछ शांत ही रहा।
वहीं अखबारों में खबरें छपने और संबंधित फोटो और वीडियो वायरल होने के बाद सोमवार को सांसद वरुण गांधी और बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मा ने मुसीबतें बढ़ा दीं। सांसद ने ट्वीट कर दोनों अधिकारियों की इस बात को अशोभनीय बताया और सरकार से इस दिशा में कार्रवाई की मांग की। बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मा ने भी सोमवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की। इसमें उन्होंने पुरानी शिकायतों का जिक्र करते हुए कहा कि अधिकारियों की कार्यशैली भाजपा सरकार को समाप्त करने वाली है। भीड़ के बीच पहुंचकर अफसरों द्वारा घंटा और शंख बजाने को विधायक ने भाजपा सरकार के लिए घातक बताया।
इधर, इस मामले को डीएम और एसपी की ओर से वीडियो संदेश जारी किया गया। इसमें कहा गया कि जनता कर्फ्यू के दौरान समूह बनाकर थाली और घंटा बजा रहे लोगों को वे अलग-अलग रहकर ऐसा न करने देने के लिए बाजार में पहुंचे थे। उस वक्त बल प्रयोग करना व्यवहारिक नहीं होता, इसलिए लोगों को भावनात्मक रूप से जुड़कर उन्हें हटाया। प्रमाण के तौर पर एक और वीडियो भी जारी किया, जिसमें डीएम और एसपी समूह में न रहने की अपील कर रहे हैं।
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वहीं अखबारों में खबरें छपने और संबंधित फोटो और वीडियो वायरल होने के बाद सोमवार को सांसद वरुण गांधी और बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मा ने मुसीबतें बढ़ा दीं। सांसद ने ट्वीट कर दोनों अधिकारियों की इस बात को अशोभनीय बताया और सरकार से इस दिशा में कार्रवाई की मांग की। बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मा ने भी सोमवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की। इसमें उन्होंने पुरानी शिकायतों का जिक्र करते हुए कहा कि अधिकारियों की कार्यशैली भाजपा सरकार को समाप्त करने वाली है। भीड़ के बीच पहुंचकर अफसरों द्वारा घंटा और शंख बजाने को विधायक ने भाजपा सरकार के लिए घातक बताया।
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इधर, इस मामले को डीएम और एसपी की ओर से वीडियो संदेश जारी किया गया। इसमें कहा गया कि जनता कर्फ्यू के दौरान समूह बनाकर थाली और घंटा बजा रहे लोगों को वे अलग-अलग रहकर ऐसा न करने देने के लिए बाजार में पहुंचे थे। उस वक्त बल प्रयोग करना व्यवहारिक नहीं होता, इसलिए लोगों को भावनात्मक रूप से जुड़कर उन्हें हटाया। प्रमाण के तौर पर एक और वीडियो भी जारी किया, जिसमें डीएम और एसपी समूह में न रहने की अपील कर रहे हैं।
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